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42 सालों तक यहां नहीं रुकी कोई ट्रेन, एक मौत के बाद बना ऐसा रहस्य

dainikbhaskar.com | Last Modified - Nov 14, 2017, 11:04 AM IST

एक स्टेशन मास्टर की मौत के बाद यहां यह बात फैल गई थी कि स्टेशन पर भूत का बसेरा है।
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    बेगुनकोदर रेलवे स्टेशन।

    रांची।झारखंड 15 नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाएगा। इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं, झारखंड से सटे पश्चिम बंगाल के एक स्टेशन की कहानी। जहां 42 सालों तक सिर्फ इसलिए ट्रेनें नहीं रोकी गई क्योंकि एक स्टेशन मास्टर की मौत के बाद यहां यह बात फैल गई थी कि स्टेशन पर भूत का बसेरा है। रांची-बोकारो रेलखंड पर यात्रा करने वाले इस स्टेशन को बखूबी जानते हैं। हालांकि 2009 से यहां पुन: ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया।

    -बेगुनकोदर रेलवे स्टेशन को 1962 में बनाया गया था। कुछ समय तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन 1967 में यहां के लोगों ने भूत देखे जाने का दावा किया, जिसके बाद यह स्टेशन सुनसान रहने लगा।
    -दरअसल, 1967 में एक स्टेशन मास्टर ने यहां रेलवे लाइन के पास सफेद साड़ी पहने एक महिला का भूत देखने का दावा किया।
    -अफवाह फैली कि यह भूत उस महिला का है, जिसकी मौत एक एक्सीडेंट में हुई थी। कुछ दिन बाद स्टेशन मास्टर की किन्हीं कारणों से मौत हो गई।
    -इसके बाद तो यह बात फैल गई कि उस महिला के भूत ने ही रेलकर्मी को मार डाला। ये कहानियां इतनी तेजी से फैलीं कि रेलवे कर्मचारी तक डरने लगे और उन्होंने यहां काम करने से ही इनकार कर दिया।
    -कर्मचारी यहां पोस्टिंग कराने से भी डरने लगे। बिना स्टेशन मास्टर और सिग्नल मैन के स्टेशन चालू रखना रेलवे के लिए संभव नहीं था। इसलिए इस स्टेशन को बंद कर दिया गया।
    -बेगुनकोदर स्टेशन को भुतहा स्टेशन कहा जाने लगा, जिसके चलते स्टेशन बिल्डिंग सुनसान हो गई, प्लेटफॉर्म खाली रहने लगे और हर तरफ सन्नाटा छा गया। ये हालात 42 साल तक बने रहे।
    -लेकिन जब सितंबर 2009 में यहां सबसे पहले रांची-हटिया एक्सप्रेस का हाल्ट तय हुआ, तो इलाके के लोगों में डर खत्म हुआ।

    बाहरी लोगों का कौतुहल
    -स्थानीय लोग भूत की इस कहानी को भले बकवास बताते हों, पर इंटरनेट पर इस स्टेशन के नाम का प्रचार कुछ ऐसा है कि हर महीने कई जिज्ञासु लोग यहां यह पता करने आते हैं कि वो भूत कौन है?
    -इस स्टेशन पर रात को कई बार जिज्ञासु लोगों को अकेले या निजी सुरक्षा कर्मियों के साथ देखा जा सकता है। जिस स्टेशन के बारे वहां भूत होने की कहानी हो, वहां बिजली न होना इसे अौर हॉरर बनाता है।

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    इस स्टेशन को 1962 में बनाया गया था।
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    एक स्टेशन मास्टर की मौत के बाद यहां यह बात फैल गई थी कि स्टेशन पर भूत का बसेरा है।
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    इसके बाद से रेलकर्मी यहां ड्यूटी देने से भी डरने लगे।
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    बिना स्टेशन मास्टर और सिग्नल मैन के स्टेशन चालू रखना रेलवे के लिए संभव नहीं था। इसलिए इस स्टेशन को बंद कर दिया गया।
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    पुन: 2009 से इस स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव शुरू किया गया।
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    अफवाह फैली कि यहां एक महिला का भूत देखा गया है।
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Web Title: Story Of Begunkodar Railway Station Ranchi-Bokaro Rail Section
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