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पढ़े-लिखे हैं तो बन सकते हैं गांव में पंचायत स्वयंसेवक, सरकार ने मांगा आवेदन

5 वर्ष पहले
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रांची। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिवालय का गठन किया जा रहा है। पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी और जवाबदेही बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में इस तरह की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए राज्य के पढे-लिखे युवक युवतियों को ग्राम पंचायत सचिवालय में स्वयंसेवक के तौर पर नियुक्त किया जाएगा।
स्वयंसेवकों को उनके कार्य अनुसार राज्य सरकार प्रोत्साहन राशि भी देगी। अगर कोई युवक-युवती 18 से 35 वर्ष के बीच है और मैट्रिक की परीक्षा पास कर चुका है तो ग्राम में उसे पचायत स्वयंसेवक के तौर पर काम करने का मौका मिल सकता है। सरकार ने इसके लिए युवक-युवतियों से आवेदन आमंत्रित किया है।
स्वयंसेवक बनने के लिए आवेदकों को सिर्फ ज्वलंत मुद्दों पर 10-10 पंक्ति में अपना सुझाव देना है। उसी के आधार पर स्वयं सेवक का चयन किया जाएगा।

इन मुद्दों पर देना होगा सुझाव
आवेदकों को बताना होगा कि उनके पंचायत क्षेत्र में किस प्रकार कृषि और जल संचयन को प्रोत्साहित किया जा सकता है और इसमें वह कैसे सहयोग कर सकते हैं ।
गांव में कौन सी प्रथा अंधविश्वास प्रचलित हैं उसे किस प्रकार दूर किया जा सकता है।
कुपोषण के क्या कारण है उसे दूर करने में कैसे सरकार की योजना से सहयोग कर सकते हैं।
गांव में साक्षरता एवं शिक्षा को बढ़ावा देने के संबंध में क्या विचार है और उसमें यूथ की क्या भूमिका होनी चाहिए।

गांव को स्वस्थ सुखी एवम संपन्न बनाने के लिए क्या सोच है।

समरस गांव , समता मूलक समाज की क्या परिकल्पना है इसे बनाने में क्या सोच है इन विषयों पर 10-10 पंक्ति का सुझाव दिया जा सकता है।
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