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विश्वकर्मा समाज का राजभवन के समक्ष विशाल प्रदर्शन ओबीसी को २७ परसेंट आरक्षण और विश्वकर्मा को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग

विश्वकर्मा समाज का राजभवन के समक्ष विशाल प्रदर्शन ओबीसी को २७ परसेंट आरक्षण और विश्वकर्मा को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 01:18 PM IST
झारखंड प्रदेश विश्वकर्मा समा झारखंड प्रदेश विश्वकर्मा समा

रांची। झारखंड प्रदेश विश्वकर्मा समाज के द्वारा राजभवन के समक्ष विशाल प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में पूरे राज्य से करीब 5000 समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष विकास राणा ने किया। जबकि इस कार्यक्रम में पूर्व राजद प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा ने भी हिस्सा लिया।

ये रखी मांग

कार्यक्रम के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि झारखंड में पिछड़ी जाति को 27.50% आरक्षण दिया जाए। साथ ही विश्वकर्मा समाज को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किया जाए। झारखंड गठन के बाद विश्वकर्मा समाज की लगातार उपेक्षा हो रही है। तीन-तीन बार मुख्यमंत्री को अनुरोध पत्र देने के बाद भी उन्होंने समाज को मिलने का समय नहीं दिया। आखिर समाज के लोग अपनी बात किन के समक्ष रखेंगे?

'झारखंड गठन के बाद इसे कम कर 14% कर दिया'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गौतम सागर राणा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज को उनका हक और अधिकार देना होगा। राज्य में पिछड़ी जाति को 27 परसेंट आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। क्योंकि यह संविधानिक अधिकार है। अविभाजित बिहार में 27 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त था। लेकिन झारखंड गठन के बाद इसे कम कर 14% कर दिया गया। इतना ही नहीं झारखंड के 7 जिलों के पिछड़ों का आरक्षण शून्य कर दिया गया है।

'अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विकास राणा ने कहा कि राजनीतिक दल विश्वकर्मा समाज को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं। मगर समाज की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। समाज के लोग अब अपने हक और अधिकार के लिए सड़क पर उतर चुके हैं। अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। झारखंड में आर्टीजन डेवलपमेंट बोर्ड का गठन होना चाहिए। साथ ही विधानसभा और लोकसभा चुनाव में समाज के लोगों को उचित पद मिलना चाहिए नहीं तो आगामी चुनाव में विश्वकर्मा समाज राजनीतिक दलों को सबक सिखाने का काम करेगी।

कार्यक्रम के माध्यम से राज्यपाल से मांग की गई कि 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के दिन सरकारी अवकाश घोषित किया जाए। पिछड़ी जाति को आरक्षण दिया जाए। झारखंड में पूर्ण शराबबंदी लागू हो। आरा मशीन के आवंटन में विश्वकर्मा समाज के लोगों को लाइसेंस निर्गत किया जाए तथा विश्वकर्मा समाज को सस्ती दरों पर लकड़ी उपलब्ध कराई जाए।

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फोटो: कौशल आनंद।