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बकोरिया में १० से १५ लोगों का फर्जी मुठभेड़ सरकारी नरसंघार: बाबूलाल

बकोरिया में १० से १५ लोगों का फर्जी मुठभेड़ सरकारी नरसंघार: बाबूलाल

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2017, 03:26 PM IST
मीडिया से बात करते पूर्व मुख्य मीडिया से बात करते पूर्व मुख्य

रांची। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह गुंडागर्दी पर उतर आई है। मीडिया में आई बागोरिया फर्जी मुठभेड़ में पुलिस अधिकारी हरीश पाठक का खुलासा बहुत ही चौंकाने वाला है। वास्तव में 10 से 12 लोगों को फर्जी मुठभेड़ में मार देना, सरकारी नरसंहार है। मजे की बात यह है कि हरीश पाठक ने जब इस बात का खुलासा किया तो सीनियर अफसर उन्हें ही धमकी दे रहे हैं।

उन्होंने कहा- इससे आसानी से समझा जा सकता है कि राज्य की विधि व्यवस्था कैसी है? आम लोग किस तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को जिस तरह दबाने का प्रयास किया जा रहा है, वह अपने आप में एक गंभीर विषय है। बाबूलाल मरांडी ने पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अगर यही स्थिति रही तो हम लोगों को भी मिल रही सरकारी सुरक्षा पर पुनर्विचार करना होगा।

बाबूलाल मरांडी ने कहा- रुपेश हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक होने के बाद भी जिम्मेवार डीएसपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं की गई है और ना ही उसके घर की कुर्की जब्ती की गई है। तोपचांची गोलीकांड का मामला जिसमें पुलिसकर्मी की मौत हुई, उस मामले में भी सरकार ने अब तक कुछ नहीं किया। जामताड़ा में मिन्हाज अंसारी को बजरंग दल के लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला। मगर आज तक इस मामले में भी कुछ नहीं हुआ। इसी तरह तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में सरेंडर कराए गए नक्सलियों को नौकरी देने के नाम पर दिग्दर्शन संस्थान पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। सरकार किस दिशा में जा रही है यह समझ से परे है। स्पष्ट कहा जा सकता है कि सरकार पूरी तरह गुंडागर्दी पर उतर आई है।


उन्होंने कहा- सभी मामलों पर तीन पत्र प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लिखा जा चुका है। इसके बाद भी सरकार कुछ करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी तरह मोतीलाल बास्के को नक्सली करार देकर फर्जी मुठभेड़ में मार डाला गया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार इन सभी मामलों का हाई कोर्ट के सीटिंग जज से न्यायिक जांच कराएं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जांच कराने से घबरा रही है तो इसका मतलब साफ है कि सरकार गुंडागर्दी और तानाशाही के नाम पर शासन चलाना चाहती है, जिसे झारखंड विकास मोर्चा बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में झारखंड विकास मोर्चा इन सभी मामलों को सड़क से लेकर सदन तक उठाने का काम करेगी। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार ने 3 दिन का सत्र बुलाया है। उसमें भी मुख्यमंत्री राज्य से बाहर हैं, इससे समझा जा सकता है कि सरकार आम जनता के सवालों पर कितना गंभीर है।

फोटो: कौशल आनंद।

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