कैबिनेट बैठक / डीसी बिल लंबित रहने पर भी विधायकाें काे आवंटित राशि एक मुश्त दी जाएगी

Cabinet meeting: Legislators will be given a lump sum amount even if DC bill is pending
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Cabinet meeting: Legislators will be given a lump sum amount even if DC bill is pending

  • ग्रमीण विकास विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर, सिर्फ चालू वित्तीय वर्ष में ही हाे सकेगा लागू
  • उज्जवला गैस लेने वाले लाभुकाें काे चालू वित्तीय वर्ष में मिलेगा एक फ्री गैस रिफिल

दैनिक भास्कर

Aug 14, 2019, 07:02 PM IST

रांची.  राज्य मंत्रिमंडल ने विधायक योजना के तहत डीसी बिल लंबित रहते हुए भी आवंटित राशि की एकमुश्त निकासी की स्वीकृति दी गई। ग्रामीण विकास विभाग ने इससे संबंधित प्रस्ताव मंत्रिमंडल काे भेजा था। निकासी की यह स्वीकृति सिर्फ वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए ही की गई है। इससे विधायक मद में बची हुई राशि का उपयाेग हाे सकेगा। मंत्रिमंडल ने बुधवार काे कुल 19 प्रस्तावाें पर अपनी मुहर लगाई। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद विभागीय सचिव ने ये जानकार दी।

 

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना और सीएम कन्यादाल याेजना के संशोधित मार्ग निर्देश को भी मंत्रिमंडल ने अपनी स्वीकृति प्रदान की। पूर्व में एसईसीसी डाटा के अंतर्गत चिन्हित गरीब परिवार तथा अंत्योदय अन्न योजना के राशन कार्डधारी काे ही दाेनाें योजनाओं का लाभ मिल पा रहा था। अब सभी तरह के राशनकार्डधारी इस दाेनाें याेजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए सभी काे गरीबी से जुड़े 14 बिंदुओं पर अपनी घाेषणा करनी हाेगी।
 
मंत्रिमंडल में निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभुकों को गैस सिलेंडर की पहली रिफिल नि:शुल्क उपलब्ध करायी जाएगी। इसके लिए केंद्र से अनुमति ले ली गई है। वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जो भी लाभुक दोबारा गैस रिफिल कराएंगे उन्हें रिफिलिंग के बाद सिलेंडर के रिफिलिंग के मूल्य के बराबर की राशि लाभुक के खाते में डीबीटी द्वारा हस्तांतरित की जाएगी।

 

कंबल एवं वस्त्र वितरण योजना अब समाज कल्याण करेगा
राज्य योजना के अंतर्गत संचालित कंबल एवं वस्त्र वितरण योजना का संचालन पहले श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा संचालित थी, अब इस योजना का संचालन महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग से कराए जाने की स्वीकृति प्रदान की। झारखंड उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आलोक में झारखंड वरीय न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश के पद पर सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किए गए 15 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की कार्रवाई काे मंत्रिपरिषद की घटनोउत्तर स्वीकृति दी गई। राज्य वित्त आयोग, झारखंड, रांची के कार्यालय के लिए 15 पदों के अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई। राज्य सरकार के कर्मियों को पुनरीक्षित वेतनमान (पंचम वेतनमान) में 1 जनवरी 2019 के प्रभाव से महंगाई भत्ता की दरों में वृद्धि की गई। अब इन्हें 285 फीसदी डीए मिलेगा। न्यायायुक्त, रांची सहित प्रत्येक जिला के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा-84 के अंतर्गत दर्ज वादों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय की शक्ति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

 

13 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की स्वीकृति
राज्य योजना अंतर्गत कुल 13 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण के लिए समेकित राशि रुपये एक अरब अड़सठ करोड़ बयालीस लाख पच्चीस हजार रुपये मात्र पर योजना एवं व्यय की स्वीकृति दी गई। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2019-20 से वर्ष 2021-22 तक जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट अंतर्गत प्राप्त होने वाले राशि से पीएमकेकेवाई के तहत जिला फाउंडेशन ट्रस्ट, न्यास परिषद, प्रबंधकीय समिति, संबंधित उपायुक्त द्वारा अनुशंसित राज्य के खनिज क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था के लिए हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम एवं बोकारो जिले के कुल 13 जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण के लिए दो अरब सत्रह करोड़ पंचानवे लाख पच्चीस हजार आठ सौ रुपये की योजना एवं व्यय की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार की केंद्रीय सेक्टर योजना आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सेनडाई फ्रमवर्क के क्रियान्वयन के निमित्त राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राज्य सरकार के बीच एकरारनामा की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार भारत सरकार की केंद्रीय सेक्टर योजना 115 चिन्हित पिछड़े जिलों में से आपदा प्रभावित जिलों के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकारों के सुदृढ़ीकरण के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राज्य सरकार के बीच एकरारनामा की स्वीकृति दी गई। ग्वाला (मुस्लिम) जाति को झारखंड राज्य की पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची-2) के क्रमांक-6 पर अंकित गद्दी के साथ शामिल करने की स्वीकृति दी गई। झारखंड माल और सेवा कर अधिनियमके तहत जीएसटी के फार्म 9 ए और फार्म 9 सी का दाखिल करने की तिथि 31अगस्त तक बढ़ा दी गई।

 

चुनाव कार्य करते हुए निधन या शरीर क्षतिग्रस्त हाेने पर नए दर से हाेगा भुगतान
लोकसभा, विधानसभा, शहरी स्थानीय निकाय, पंचायत चुनाव के दाैरान निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त कर्मियों को नक्सली-उग्रवादी हिंसा और असमाजिक तत्वाें के हमले में निधन हाेने पर तथा सामान्य घटनाओं में माैत हाेने या अपंगता की स्थिति में अलग-अलग मुअावजा का दर निर्धारित किया गया है। निर्वाचन कार्य करते हुए सामान्य निधन की घटना में आश्रित परिवार काे 15 लाख रुपए का अनुदान मिलेगा लेकिन उग्रवादी हिंसा या असमाजिक तत्वाें द्वारा बम विस्फाेट कर या गाेली मारने की घटना में माैत हाेने पर 30 लाख रुपए का भुगतान आश्रित परिवार काे किया जाएगा। इसी तरह से सामान्य घटना में स्थायी विकलांगता की स्थिति में भी अलग-अलग अनुदान काे मंजूरी दी गई है। पांच फीसदी विकलांग हाेने पर 75 हजार रु,  20 से 25 फीसदी विकलांग हाेने पर 1.50 लाख,  25 से 50 फीसदी विकलांग हाेने पर 4.50 लाख, 50 से 75 फीसदी विकलांगता हाेने पर छह लाख और 75 फीसदी से ज्यादा और 100 फीसदी से कम विकलांगता पर 7.50 लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा। उग्रवादी हिंसा या असमाजिक तत्वाें की हिंसा में विकलांगता की स्थिति में सामन्य स्थिति के मुकाबले दाेगुनी राशि का भुगतान किया जाएगा।

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