टेंडर घोटाला / मुख्य सचिव बाेले- पथ निर्माण सहित चार साल में छह विभागाें में हुए बड़े टेंडराें की हाेगी जांच

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • सभी बाेर्ड और निगमाें के टेंडर जांचे जाएंगे, पेयजल विभाग में हुए बड़े टेंडराें की भी जांच हाेगी
  • विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित, तकनीकी समिति भी बनेगी

दैनिक भास्कर

Jan 30, 2020, 08:44 AM IST

रांची. झारखंड में पिछली सरकार के दाैरान पथ निर्माण, भवन निर्माण, ग्रामीण कार्य, जल संसाधन, नगर विकास और पेयजल स्वच्छता विभाग में हुए बड़े टेंडराें की जांच हाेगी। सभी बाेर्ड और निगमाें के टेंडर भी जांचे जाएंगे। पथ निर्माण विभाग में पिछले चार सालाें में हुए टेंडराें की जांच के लिए तकनीकी समिति बनाने की प्रक्रिया शुरू हाे गई है।

 
मुख्य सचिव डीके तिवारी ने बुधवार काे कहा कि पहले सभी कार्य विभागाें में हुए बड़े टेंडर की सैंपल जांच की जाएगी। जरूरत पड़ी ताे सभी टेंडराें की जांच कराएंगे। अभियंता प्रमुख स्तर से कार्रवाई शुरू हाे गई है। गड़बड़ी करने वाले निचले स्तर तक के अफसराें पर भी कार्रवाई हाेगी। जांच के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी बना दी गई है। इसमें संबंधित विभाग के सचिव काे भी रखा गया है। कमेटी के सहयाेग के लिए तकनीकी कमेटी बनेगी, ताकि हर मामलाें की पड़ताल हाे सके।
 

2016 से हुए टेंडर की दाे माह में देनी होगी रिपाेर्ट
विकास आयुक्त सुखदेव सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी में याेजना एवं वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव, पथ निर्माण सचिव, भवन निर्माण सचिव, ग्रामीण विकास विभाग के ग्रामीण कार्य सचिव और जल संसाधन विभाग के सचिव काे शामिल किया गया है। इस समिति काे 1 अप्रैल 2016 से अब तक के टेंडर की जांच करनी है। अप्रैल 2016 से पह ले के टेंडर की भी सैंपल जांच कर कमेटी काे 25 मार्च तक रिपाेर्ट देनी है। ताकि गड़बड़ी करने वालाें पर कार्रवाई की जा सके। 
 

गोड्डा के ईई पर प्राथमिकी दर्ज करने का पत्र भेजा
पथ निर्माण सचिव के निर्देश पर विभाग ने बुधवार को गोड्डा के कार्यपालक अभियंता अरुण कुमार और पूर्व कार्यपालक अभियंता आदि राम शाक्य पर प्राथमिकी दर्ज करने का पत्र दुमका के मुख्य अभियंता को भेज दिया है। हालांकि देर शाम तक केस दर्ज नहीं हुआ था।

टेंडर घाेटाले की सीबीआई जांच के लिए पीआईएल दायर करेंगे
एडवाेकेट राजीव कुमार ने कहा कि पथ निर्माण विभाग सहित भवन निर्माण, जल संसाधन, नगर विकास विभाग, आवास बोर्ड, नगर निकायों में हुए बड़े टेंडर की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर वह हाईकाेर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।

सरयू बाेले-पथ निर्माण घाेटाले में पूर्व सीएम-सीएस की भी भूमिका

रांची. विधायक सरयू राय ने कहा कि पथ निर्माण विभाग के घाेटाले में पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्य सचिव की भी भूमिका है। इसलिए सरकार काे एसआईटी गठित कर इस मामले की जांच करानी चाहिए। राय ने बुधवार काे बयान जारी कर कहा कि नई सरकार ने पथ निर्माण विभाग की अनियमितताओं और निविदा घाेटालाें पर कार्रवाई शुरू की है।

अभियंता प्रमुख और अन्य इंजीनियराें काे निलंबित कर बड़े पैमाने पर निविदाओं काे रद्द किया है। लेकिन इतना ही पर्याप्त नहीं है। इस अवधि में पथ निर्माण विभाग के प्रभारी मंत्री जाे तब मुख्यमंत्री थे, और सचिव जाे तब मुख्य सचिव थीं, उनकी भूमिका की भी जांच जरूरी है। 

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