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बुक रीडिंग और कहानी सुनाने से जल्दी सीख पाएंगे बच्चे

हेल्थ रिपोर्टर रांची आजकल ज्यादातर पेरेंट्स बच्चों की फिजिकल ग्रोथ अच्छी चाहते हैं। बच्चे सेहतमंद...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 03:55 AM IST
हेल्थ रिपोर्टर


आजकल ज्यादातर पेरेंट्स बच्चों की फिजिकल ग्रोथ अच्छी चाहते हैं। बच्चे सेहतमंद होने चाहिए। वे इसी मुद्दे पर फोकस्ड रहते हैं, लेकिन बाकी ओवर ऑल ग्रोथ पर कम ध्यान दिया जाता है। जबकि बच्चों की पूरी तरह से पेरेंटिंग होनी चाहिए। यह बच्चों के सोशल, मेंटल और करियर ग्रोथ को आगे बढ़ाती है। इसका असर बच्चों के बिहेवियर और पर्सनेलिटी पर भी पड़ता है। एक बच्चे की प्रॉपर ग्रोथ के लिए सोशल, इमोशनल, फिजिकल, इंटलेक्चुअल ग्रोथ जरूरी है। इसलिए बच्चों की एकेडेमिक परफॉर्मेंस अच्छा बनाने के लिए उन्हें कहानी सुनाएं।

अच्छे पेरेंटिंग से बच्चे की सोशल, इमोशनल और फिजिकल ग्रोथ ही अच्छी नहीं होती है, बल्कि एकेडमिक परफॉर्मेंस भी सुधर जाती है


जरूरी है बच्चों का ओवरऑल डेवलपमेंट

बुक्स पढ़ने, कहानी सुनाने, फेस टू फेस बात करने, क्वालिटी टाइम बिताने और पॉजिटिव स्पोर्ट से बच्चों का डेवलपमेंट अच्छा होता है। बुक रीडिंग से बच्चे जल्दी सीखते हैं। इसमें देखना और सुनना दो काम एक साथ होते है, इसलिए ब्रेन अच्छी तरह काम करता है। रीडिंग कंसेप्ट से बच्चों का एकेडेमिक स्कोर अच्छा होता है।

ऐसे करें बच्चों का ओवरऑल डेवलपमेंट









-डॉ. भव्य जैन, शिशु विशेषज्ञ, जिनवाणी अस्पताल, रांची