स्वास्थ्य / झारखंड में शुरू हाेगी मुख्यमंत्री बाइक एंबुलेंस सेवा



1.80 लाख रुपए की इस बाइक एंबुलेंस में 52 तरह की जीवनरक्षक दवाओं के अलावा जरूरी उपकरण भी होंगे। 1.80 लाख रुपए की इस बाइक एंबुलेंस में 52 तरह की जीवनरक्षक दवाओं के अलावा जरूरी उपकरण भी होंगे।
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1.80 लाख रुपए की इस बाइक एंबुलेंस में 52 तरह की जीवनरक्षक दवाओं के अलावा जरूरी उपकरण भी होंगे।1.80 लाख रुपए की इस बाइक एंबुलेंस में 52 तरह की जीवनरक्षक दवाओं के अलावा जरूरी उपकरण भी होंगे।

  • स्वास्थ्य विभाग ने 117 प्रखंडों के लिए तैयार किया प्रस्ताव, तीन महीने के भीतर शुरू हाेगी 
  • बाइक एंबुलेंस में रहेंगी साइड कार, ऑक्सीजन की भी सुविधा मिलेगी 

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 10:23 AM IST

रांची. स्वास्थ्य विभाग राज्य के 20 जिलाें के 117 प्रखंडाें में मुख्यमंत्री बाइक एंबुलेस सेवा शुरू करेगा। कुल 539 स्वास्थ्य उपकेंद्राें के लिए 321 बाइक एंबुलेंस खरीदी जाएगी। एक एंबुलेंस की खरीद पर 1.80 लाख रुपए खर्च हाेंगे। यानी कुल 321 बाइक एंबुलेंस 5.77 कराेड़ रुपए में खरीदी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस याेजना का खाका तैयार कर लिया है। इसे स्वीकृति के लिए राज्यस्तरीय प्राधिकृत समिति काे भेजा जा रहा है। विभागीय अधिकारियाें के मुताबिक दाे-तीन महीने के भीतर यह सेवा शुरू हाे जाएगी। बाइक एंबुलेंस में एक साइड कार हाेगी। इसमें अाॅक्सीजन की सुविधा भी हाेगी। इस साइड कार में गंभीर मरीजाें काे तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। अधिकारियाें का मानना है कि बाइक एंबुलेंस सेवा दुर्गम क्षेत्र के राेगियाें के लिए वरदान साबित हाेगी। 

 

डीसी अाउटसाेर्सिंग के जरिए चलवाएंगे एंबुलेंस 
यह याेजना नेशनल हेल्थ मिशन के अभियान निदेशक की देखरेख में चलेगी। संबंधित जिले के डीसी अाउटसाेर्सिंग के जरिए बाइक एंबुलेंस का संचालन करवाएंगे। इस वित्तीय वर्ष में बाइक एंबुलेंस की खरीद अाैर संचालन के लिए 30 कराेड़ रुपए का बजट रखा गया है। खास ताैर पर डिजाइन किए गए इस बाइक के पिछले हिस्से में 52 जरूरी जीवनरक्षक दवाअाें के साथ अत्याधुनिक अाॅक्सीजन किट अाैर दूसरे उपकरण भी हाेंगे। ये एंबुलेंस संकरी गलियाें तक भी जा सकेंगी। 

 

4 राज्यों और कई शहरों में चल रही है बाइक एंबुलेंस 
बाइक एंबुलेंस सेवा देश के कई राज्यों और शहरों में चलाई जा रही है। हिमाचल प्रदेश के अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक और गोवा में यह सेवा चल रही है। इसके अलावा प्रायोगिक रूप में दिल्ली, बेंगलुरू, मुंबई में भी यह सेवा चलाई जा रही है। जहां भी यह योजना शुरू हुई, सफल रही।

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