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सीएम नीतीश का निर्देश- 30 से पहले बाढ़-सुखाड़ से लड़ने की करें तैयारी; किसानों को बढ़े रेट पर डीजल सब्सिडी

मुख्यमंत्री बोले- 2016 में गंगा के किनारे वाले जिलों में भी आई थी बाढ़, यहां भी सुरक्षा व बचाव कार्य की तैयारी जरूरी

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 08:03 AM IST
सीएम नीतीश कुमार। -फाइल फोटो सीएम नीतीश कुमार। -फाइल फोटो

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिलों के प्रभारी सचिव व प्रधान सचिव को निर्देश दिया है कि हफ्ते भर बाद वे अपने-अपने जिलों में जाएं और गारंटी दें कि 30 जून के पहले बाढ़ व सूखा से लड़ने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इंतजाम ऐसा रहे कि बाढ़ प्रभावितों को 24 घंटे में पूरी राहत मिल जाए। डीजल का दाम बढ़ा है इसलिए किसानों को बढ़े रेट पर डीजल सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग तत्काल कार्रवाई करे। मुख्यमंत्री, बुधवार को यहां उच्चस्तरीय बैठक में बाढ़ व सूखा के पहले की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग से डीएम से तैयारियों पर बात की। निर्देश दिए। बोले-वित्त विभाग, आपदा कोष में राशि मुहैया कराए।

हर हाल में आकस्मिक फसल योजना का लाभ लोगों तक पहुंचे, किसी भी सूरत में एक्सपायरी दवा न बंटे

- आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत तथा दूसरे विभागों ने भी बाढ़ व सूखा पूर्व तैयारियों से अवगत कराया। सीएम बोले-सुखाड़ होने पर हर हाल में आकस्मिक फसल योजना का लाभ लोगों तक पहुंचे।

- योजना में जिन फसलों को शामिल करना है, उसका आकलन हो। डीएम पशुचारा, सूखा राशन, दवा की पूरी तैयारी रखें। किसी भी सूरत में एक्सपायरी दवा न बंटे।

पटना टाउन प्रोटेक्शन वाॅल की मजबूती को लेकर रहें सतर्क

- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गोलघर से दानापुर तक फैले पटना टाउन प्रोटेक्शन वाॅल (दीवार) की मजबूती को लेकर बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। गंगा किनारे यह दीवार पटना शहर की बाढ़ से सुरक्षा के लिए है। नीतीश के अनुसार, 2016 में गंगा नदी के किनारे स्थित जिलों में भी बाढ़ आई थी।

- इसलिए यहां भी बाढ़ से सुरक्षा तथा राहत व बचाव कार्य की खास तैयारी बेहद जरूरी है। वे बुधवार को यहां उच्चस्तरीय बैठक में बाढ़ व सूखा के पहले की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा- मौसम विभाग ने वर्षा की अच्छी संभावना जताई है। मौसम विभाग का आकलन सही हो, ताकि लोगों को राहत मिले।

ये भी थे मौजूद

- मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, नंदकिशोर यादव, प्रेम कुमार, विनोद नारायण झा, दिनेश चंद्र यादव, मंगल पांडेय, शैलेश कुमार, पशुपति कुमार पारस, मुख्य सचिव दीपक कुमार, डीजीपी केएस द्विवेदी, विकास आयुक्त शशि शेखर शर्मा, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यास जी, प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव अतीश चंद्रा, विनय कुमार व मनीष कुमार वर्मा, विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय अनुपम कुमार सहित अन्य विभागों के प्रधान सचिव, सचिव उपस्थित थे।

सभी विभागों की बताई अपनी-अपनी तैयारी

- बैठक में सभी विभागों ने अपनी-अपनी तैयारी बताई। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए बाढ़ की स्थिति में संसाधन मानचित्र, एनडीआरएफ सुविधा, तैराकी, गोताखोर, नावों की संख्या, बाढ़ शरणस्थली के बारे में जानकारी दी।

- इस दौरान राहत सामग्रियों का दर निर्धारण एवं आपूर्तिकर्ता का चयन, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, फूड पैकेट्स का पैकेजिंग कार्य, नाव/नाव मालिकों के लंबित बकाया मामलों पर भी हुई। जल संसाधन विभाग ने बाढ़ प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

- मुख्य रूप से तटों की मरम्मत एवं सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया। स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की उपलब्धता व स्वास्थ्य शिविर के बारे में बताया। पशुपालन विभाग ने पशु दवा एवं पशुचारा की उपलब्धता व पशु राहत शिविर के बारे में जानकारी दी।

93% वर्षा का अनुमान

- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि ने वर्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। कहा-बिहार में आकलित औसत वर्षा (1027.6 मिमी) का लगभग 93 प्रतिशत वर्षा, इस वर्ष संभावित है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, चापाकल की मरम्मत, राहत शिविरों में पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था आदि के बारे में बताया।

- ग्रामीण कार्य विभाग एवं पथ निर्माण विभाग ने सड़क, पुल-पुलिया की मरम्मत आदि की जानकारी दी। कमोबेश तमाम मसलों पर मुख्यमंत्री ने अफसरों को अलग-अलग निर्देश दिए।

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सीएम नीतीश कुमार। -फाइल फोटोसीएम नीतीश कुमार। -फाइल फोटो
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