छिन्नमस्तिका मंदिर / कोरोनावायरस से मुक्ति के लिए चार घंटे पुजारियों ने की माता की आराधना

छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर का यह हिस्सा नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहता है। पर लॉकडाउन की वजह से बुधवार को यहां एक भी श्रद्धालु नहीं पहुंचे। छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर का यह हिस्सा नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहता है। पर लॉकडाउन की वजह से बुधवार को यहां एक भी श्रद्धालु नहीं पहुंचे।
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छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर का यह हिस्सा नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहता है। पर लॉकडाउन की वजह से बुधवार को यहां एक भी श्रद्धालु नहीं पहुंचे।छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर का यह हिस्सा नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहता है। पर लॉकडाउन की वजह से बुधवार को यहां एक भी श्रद्धालु नहीं पहुंचे।

  • पूरे देश में लॉकडाउन के कारण चैत नवरात्र के पहले दिन छिन्नमस्तिका मंदिर में पसरा रहा सन्नाटा
  • मंदिर के पुजारियों ने की माता की विशेष पूजा-अर्चना, मंदिरों की नहीं हो सकी फूल और विद्युत सज्जा

दैनिक भास्कर

Mar 25, 2020, 04:11 PM IST

रामगढ़.  कोरोनावायरस से मुक्ति के लिए सिद्धपीठ रजरप्पा स्थित छिन्नमस्तिका मंदिर में चैत नवरात्र के पहले दिन बुधवार को स्थानीय पुजारियों द्वारा सुबह 6:00 बजे से 10:00 बजे तक विशेष पूजा अर्चना की गई। स्थानीय पुजारी सुभाशीष पंडा ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की उपासना की गई। साथ ही माता छिन्नमस्तिका की विशेष आरती भी की गई। इस दौरान कोरोनावायरस से मुक्ति के लिए प्रार्थना की गई। वहीं, देश में चल रहे लॉकडाउन के कारण एक भी श्रद्धालु यहां नहीं पहुंचे।

चैत नवरात्र पर मंदिरों में लटके ताले, घर में बहुत कम ही हो रहे हैं नवरात्र
इधर, चैत नवरात्र में रांची के इतिहास में यह पहली बार है जब तकरीबन शत-प्रतिशत मंदिरों में ताले लटके मिले। कहीं-कहीं गली एवं मुहल्ले में कुछ मंदिरों में पूजा-पाठ हुई। मगर श्रद्धालु नदारद दिखे। रोड में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा नजर आया।

चैती छठ पर भी लगा ग्रहण
चैती छठ भी इस पखवाड़े में होता है। मगर जो हालात दिख रहे हैं, वैसे में कहा जा सकता है कि इस बार चैती छठ भी नहीं के बराबर ही होगा। चैती छठ भी इस माह में अच्छी संख्या में लोग करते हैं।

अष्टमी पर नहीं निकलेगी झांकियां
रांची के इतिहास में यह भी पहली बार होगा, जब महाअष्टमी के मौके पर झांकियां नहीं निकलेगी। अष्टमी के दिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों से झांकियां निकाली जाती थी। इसको लेकर अष्टमी में शहर गुलजार रहता था। पूरी रात लोग सड़क पर होते थे और झांकियाें का आनंद लेते थे। नवमी के दिन रामनवमी एवं 27 मार्च को निकलने वाली सरहुल शोभायात्रा पूर्व में ही स्थगित हो चुकी है।

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