रांची / लॉ छात्रा से गैंगरेप मामला: 97 दिन बाद कोर्ट का फैसला, सभी 11 दोषियों को आजीवन कारावास

पुलिस ने गैंगरेप में शामिल सभी युवकों को घटना के अगले दिन 27 नवंबर 2019 को गिरफ्तार कर लिया था। (फाइल फोटो) पुलिस ने गैंगरेप में शामिल सभी युवकों को घटना के अगले दिन 27 नवंबर 2019 को गिरफ्तार कर लिया था। (फाइल फोटो)
डीजीप कमल नयन चौबे भी पहुंचे कोर्ट रूम। डीजीप कमल नयन चौबे भी पहुंचे कोर्ट रूम।
X
पुलिस ने गैंगरेप में शामिल सभी युवकों को घटना के अगले दिन 27 नवंबर 2019 को गिरफ्तार कर लिया था। (फाइल फोटो)पुलिस ने गैंगरेप में शामिल सभी युवकों को घटना के अगले दिन 27 नवंबर 2019 को गिरफ्तार कर लिया था। (फाइल फोटो)
डीजीप कमल नयन चौबे भी पहुंचे कोर्ट रूम।डीजीप कमल नयन चौबे भी पहुंचे कोर्ट रूम।

  • दुष्कर्म की घटना 26 नवंबर की, पीड़ित के पक्ष में कुल 21 लोगों ने बयान दर्ज कराए
  • कोर्ट ने दोषियों पर 50-50 हजार रुपए जुर्माना लगाया, यह रकम पीड़ित को दी जाएगी
  • स्पीडी ट्रायल कोर्ट ने 28 वर्किंग डे की सुनवाई के बाद दिया ऐतिहासिक फैसला

दैनिक भास्कर

Mar 03, 2020, 10:00 AM IST

रांची. झारखंड की राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र स्थित लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने सोमवार को सभी 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 50-50 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। यह रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। मामले में एक आरोपी नाबालिग है, जिसकी सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में चल रही है। पिछले साल 26 नवंबर को दुष्कर्म की घटना हुई थी। इसके 97 दिन बाद दोषियों को सजा सुनाई गई है।


दोषी युवकों में कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप उरांव, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, रोहित उरांव, सुनील मुंडा और ऋषि तिर्की शामिल हैं। प्रधान न्यायायुक्त नवनीत कुमार की अदालत ने आरोपियों को अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और आपराधिक षडयंत्र रचने का दोषी ठहराया था। दोषी करार दिए जाने के बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए दो मार्च की तरीख तय की गई थी।

प्रधान न्यायायुक्त ने फैसले में ये कहा...
प्रधान न्यायायुक्त नवनीत कुमार ने कहा कि आपलोगों ने एक जघन्य अपराध काे अंजाम दिया है। वह जघन्य अपराध है सामूहिक दुष्कर्म... जो किसी एक के साथ घटती है, लेकिन आहत पूरा समाज होता है। सामूहिक दुष्कर्म की यह घटना मानव समाज के खिलाफ है। पांचवें वर्ष की पढ़ाई कर रही कानून की छात्रा किस मानसिक संताप के दौर से गुजर रही होगी, इसकी कल्पना करना भी असंभव है। इस घटना के बाद राज्य की राजधानी रांची के लोग आंदोलित हो गए थे। रांची की जनता एक स्वर से इस घटना में शामिल सभी अपराधियोंं को अतिशीघ्र फांसी की सजा देने की मांग करने लगी थी। इस मामले से संबंधित परिस्थितियों और तथ्यों को आपस में तालमेल बनाकर रखना जरूरी है। घटना के दौरान और घटना के बाद पीड़िता जो 25 वर्ष की है, अपनी जिंदगी के स्वर्णिम समय से गुजर रही थी। सभी 11 दोषी इस घटना में न केवल शामिल थे, बल्कि एक-दूसरे को शामिल करने के लिए प्रेरित भी कर रहे थे। ऐसे में दोषियों को कानूनी प्रावधानों के तहत अधिकतम सजा देना ही उचित और न्यायसंगत होगा। दोषियों को इस गुनाह के लिए अंतिम सांस तक जेल में ही कैद की सजा काटनी होगी।

पीड़िता को ऐसे मिला 97वें दिन न्याय

  • 26 नवंबर 2019 को संग्रामपुर में बस अड्‌डे के पास हुई थी घटना।
  •  27 नवंबर को पीड़िता ने खुद थाने जाकर केस दर्ज कराया था।
  •  28 नवंबर को पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
  •  6 जनवरी 2020 को कोर्ट ने आरोप तय किया था।
  •  7 जनवरी से शुरू हुई गवाही 12 फरवरी तक लगातार डे-टू-डे चली।
  •  28 वर्किंग डे में कोर्ट में 21 गवाहों के बयान दर्ज हुए।
  •  13 फरवरी से बहस 24 तक हुई।
  •  24 फरवरी को कोर्ट ने फैसले की तिथि 26 फरवरी निर्धारित की।
  •  26 फरवरी को दोषी ठहराया।

पीड़ित ने एफआईआर में बताया था कि 26 नवंबर की देर शाम वह संग्रामपुर बस स्टॉप पर अपने मित्र के साथ बैठी थी। तभी वहां बाइक सवार दो और कार में बैठे सात युवक पहुंचे। बाइक सवार युवकों ने पहले मारपीट की, फिर जबरन उठाकर बाइक से ले गए। एक नर्सिंग होम के पास उनकी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया, तो पीछे से आ रही कार में डालकर एक ईंट-भट्ठे की ओर ले गए, वहां सभी ने दुष्कर्म किया। कुछ देर बार छात्रा के दोस्त की स्कूटी से तीन और युवक वहां पहुंचे थे।

पुलिस ने 16 युवकों को पकड़ा था
27 नवंबर को पुलिस ने कुल 16 युवकों को पकड़ा था, लेकिन घटना में शामिल दोषियों ने खुद ही कबूल लिया कि घटना में 12 लोग शामिल थे। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में भी 12 लोगों के शामिल होने की पुष्टि हुई।

एक दोषी ने दो बार दुष्कर्म किया था
पुलिस ने सभी 12 आरोपियों के ब्लड सैंपल पीड़िता के वस्त्र पर मिले स्पर्म से मिलान के लिए फोरेंसिक लैब भेजा था। इनमें आठ आरोपियों के ब्लड सैंपल पॉजिटिव मिले थे। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि एक आरोपी ने उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया था। आरोपियों ने जिस तरह उसे पकड़ रखा था, अगर वह थोड़ा भी विरोध करती तो वे उसकी हत्या कर सकते थे।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना