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हटिया से चुनाव लड़ने के लिए कर रहा था ठगी क्लोन चेक से करोड़ों रुपए की लगा चुका है चपत

3 वर्ष पहले
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कोतवाली पुलिस ने एक ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गुरुवार को छह लोगों को हिरासत में लिया। इनमें गिरोह का सरगना संतोष कुमार चौरसिया उर्फ मास्टर भी शामिल है। मास्टर मूल रूप से पलामू का रहने वाला है और वह रांची के पिस्कामोड़ में रहकर ठगी करता था। चौरसिया अबतक दर्जनों लोगों को करोड़ों का चूना लगा चुका है। उसने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि उसके अकाउंट में अभी भी ठगी के तीन करोड़ रुपए जमा हैं। उसने यह भी बताया है कि वह हटिया से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता था। इसके लिए अभी से ही पैसा जमा कर रहा था। वर्तमान विधायक को हराने की ठान ली थी और इसकी अभी से ही तैयारी शुरू कर दी थी। लाेगों से ठगी करके बैंक में पैसा जमा कर रहा था। उसके अनुसार वह चुनाव में हटिया विधानसभा क्षेत्र में इतना पैसा खर्च करता कि उसे हराना किसी भी प्रत्याशी के लिए कठिन हो जाता। मास्टर के अलावा पलामू निवासी अक्षय कुमार, लापुंग निवासी संतोष कुमार रवि, कांके रोड स्थित गांधीनगर डैम साइड निवासी अभिषेक कुमार पांडेय, मांडर निवासी संजय उरांव और पंडरा निवासी रवि कुमार यादव काे पुलिस ने हिरासत में लिया है। चौरसिया के अलावा अक्षय और संतोष कुमार रवि ठगी के मास्टरमाइंड हैं। सभी युवकों से पुलिस पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

खुलासा... एकाउंट में हैं ठगी के 3 करोड़, चुनाव जीतने को जमा कर रहा था पैसे
पटना में तैयार होता था क्लोन चेक, यहां देता था प्रलोभन
पुलिस पूछताछ में संतोष चौरसिया ने बताया कि वह पटना से क्लोन चेक तैयार करवाकर रांची लाता था। क्लाेन के माध्यम से लोगों के एसबीआई अकाउंट से मोटी रकम दूसरे के अकाउंट में आरटीजीएस कराता था। जिसके अकाउंट में पैसा आरटीजीएस किया जाता था उसे वह दस प्रतिशत कमीशन देता था। अकाउंट होल्डर को वह खुद को बिल्डर बताता था और यह कहते हुए उसे अपने झांसे में लेता था कि अगर वह अपने अकाउंट का इस्तेमाल करेगा तो 30 प्रतिशत उसे इनकम टैक्स लगेगा। अगर दूसरे के अकाउंट से उसे कैश पैसा मिल जाएगा तो दस प्रतिशत कमीशन देने के बाद भी उसका 20 प्रतिशत बचेगा। 10 प्रतिशत के लालच में कई लोग चौरसिया की बातों में आ जाते थे। मंगलवार को जिस अभिषेक कुमार पांडेय के अकाउंट में फर्जी तरीके से 9.80 लाख रुपए का आरटीजीएस किया गया था, उसे भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि उसे संतोष चौरसिया ने अपने को बिल्डर बताया था। उसने इनकम टैक्स बचाने के लिए उसके अकाउंट में पैसा आरटीजीएस करने की बात बताई थी। 10 प्रतिशत कमीशन देने की बात पर दोनों के बीच सौदा तय हुआ था। हिरासत में लिए गये संतोष चौरसिया का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसे पहले भी ठगी के आरोप में लालपुर थाना क्षेत्र से जेल भेजा जा चुका है।

बैंक-टेलीकॉम कंपनी के कर्मियों की मदद से चल रहा गाेरखधंधा
गिरोह को ठगी करने में बैंककर्मी और एक टेलीकॉम कंपनी के कुछ कर्मी मदद करते थे। बैंककर्मी से वह पता करता था कि किस अकाउंट होल्डर के अकाउंट में मोटी रकम है। बैंककर्मी उसका चेक नंबर भी बताता था, जिसका इस्तेमाल होना बचा रहता था। इसके बाद गिरोह के लोग उक्त नंबर का पटना में उसी नाम से चेक छपवाते थे और उस चेक के माध्यम से दूसरे अकाउंट में मोटी रकम आरटीजीएस करते हुए ठगी करते थे।

9.80 लाख की ठगी ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
बीते मंगलवार को एसबीआई के मेन ब्रांच से चंद्रकांत के अकाउंट से 9.80 लाख रुपये का आरटीजीएस अभिषेक कुमार पांडेय के अकाउंट में किया गया था। मामले में चंद्रकांत ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी। अभिषेक ने उसी दिन कांके स्थित बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच से पांच लाख की निकासी की। जांच में पता चला कि 9.80 लाख रुपए में से 5 लाख रुपए की निकासी की गई है। इसके बाद पुलिस ने बैंक से अभिषेक का डिटेल निकाला और कांके रोड स्थित गांधी नगर जाकर उसके घर से उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में सारी बातें उसने पुलिस को बताईं। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और बचे 4.80 लाख रुपए देने के लिए संतोष को बैंक बुलाने के लिए कहा। जैसे ही संतोष बचा हुआ पैसा लेने के लिए बैंक पहुंचा, वहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद इन दोनों की निशानदेही पर अन्य लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

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