इंटरव्यू / विकास के मुद्दे पर लड़ेंगे चुनाव, राष्ट्रीय मुद्दे भी जोरों से उठेंगे: भास्कर के सवाल पर ओमप्रकाश माथुर



Dainik Bhaskar's interview with Omprakash Mathur
X
Dainik Bhaskar's interview with Omprakash Mathur

  • भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर प्रदेश में पार्टी के विधानसभा चुनाव प्रभारी भी हैं
  • चुनाव प्रबंधन टीम कैसी हो, किस कार्यकर्ता को क्या दायित्व दिया जाएगा, इस पर उन्होंने बात की

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2019, 05:18 AM IST

रांची (विनय चतुर्वेदी). भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर रांची में हैं। सोमवार शाम रांची पहुंचे प्रदेश भाजपा के विधानसभा चुनाव प्रभारी माथुर लगातार पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं, उनसे संवाद कर रहे हैं। वे 14 सितंबर तक लगातार रांची में रहकर विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देंगे।

 

चुनाव प्रबंधन टीम कैसी हो, किस कार्यकर्ता को क्या दायित्व दिया जाए, इस पर प्रारंभिक मंथन हो चुका है। एक-एक विधानसभा क्षेत्र की कमजोरी और मजबूती का विश्लेषण करने के बाद सहयोगी पार्टी आजसू के साथ गठबंधन पर भी चर्चा होनी है। विशेष बातचीत में पार्टी की चुनावी रणनीति पर  जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा प्रादेशिक मुद्दों के साथ चुनाव में जाएगी या राष्ट्रीय मुद्दों के साथ, तो माथुर ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में कहा, निश्चित रूप से हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेंगे, पर राष्ट्रीय मुद्दे भी जोरों से उठेंगे। प्रस्तुत है ओमप्रकाश माथुर से हुई बातचीत के प्रमुख अंश...

 

सवाल: भाजपा प्रादेशिक मुद्दे के साथ चुनाव में जाएगी या राष्ट्रीय मुद्दे के साथ?
जवाब:
देखिए, कुल मिलाकर मुद्दा होगा विकास। केंद्र  सरकार और प्रदेश की सरकार ने पिछले पांच वर्षों में जो विकास के काम किए हैं, उसे चुनाव में हम प्रमुखता से उठाएंगे। हमने करोड़ों गरीब, मजबूर, किसान, युवाओं की चिंता की है। उनके लिए बनाई गई योजनाओं की राशि सीधे उनके गांव तक और संबंधित व्यक्तियों तक पहुंची है। इससे निश्चित रूप से हम कहेंगे कि चुनाव का मुद्दा  विकास हाेगा। हम विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ेंगे। हमने लोकसभा चुनाव भी विकास के मुद्दे पर लड़ा और   विधानसभा चुनाव भी विकास के मुद्दे पर लड़ेंगे। पर, निश्चित रूप से राष्ट्रीय मुद्दे भी जोरों से उठेंगे।


सवाल: राष्ट्रीय मुद्दे  उठाने के क्या कारण  हैं? कारण स्पष्ट है। पिछले 70 सालों से कई कलंक को क्यों ढोया गया?

जवाब: यह कमजोरी थी हमारी लीडरशिप की। इसलिए यह मुद्दा भी इस चुनाव में आएगा ही। कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए  हटाना, तीन तलाक जैसे मुद्दे भी इस चुनाव में उठेंगे। एनआरसी का मुद्दा भी आएगा। 

 

सवाल: आजसू के अलावा भी भाजपा किसी और पार्टी से गठबंधन कर सकती है क्या?
जवाब :
झारखंड में हमारा गठबंधन आजसू के साथ ही है। किसी दूसरी पार्टी के साथ गठबंधन का अभी कोई प्रस्ताव मेरे सामने नहीं है। आजसू के साथ गठबंधन है, उसके साथ मजबूती से चुनाव लड़ेंगे।

 

सवाल: क्या जेवीएम के बाबूलाल मरांडी के साथ गठबंधन की कोई तस्वीर नहीं बन रही है?

जवाब: ऐसा नहीं लगता है। इस तरह की कोई चर्चा नहीं है। हमें ऐसी बात सुनाई नहीं दी है।

 

सवाल: आजसू के साथ सीट शेयरिंग का क्या फार्मूला होगा?
जवाब:
आजसू के साथ हम पहले जिस फार्मूले के साथ विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़े हैं, इस बार भी उसी फार्मूले के तहत सीट शेयरिंग कर चुनाव लड़ेंगे। 

 

सवाल: तो वह फार्मूला क्या है?
जवाब:
नि:संदेह वह फार्मूला है जीत का। वह फार्मूला है सम्मान का। जिस सीट पर जो मजबूत है, जिसके पास जीत का आधार है, वह चुनाव लड़ेगा। भाजपा अपने गठबंधन के साथियों का सम्मान करना जानती है। हर  दल को गठबंधन में अपनी बात  रखने का अधिकार है। साथ बैंठेंगे तो सारा समाधान निकल आएगा। यह कोई प्राबलम नहीं है हमारे यहां। 


सवाल: भाजपा को पिछले चुनाव में करीब 43 लाख वोट मिले थे और सीटें आई थीं 37। इस बार 65 प्लस का लक्ष्य है, तो 90 लाख वोट आने चाहिए। क्या इतने वोट आना संभव है?
जवाब:
पिछले पांच साल की हमारी केंद्र सरकार की योजना और राज्य सरकार की योजना को देखें। अगर विधानसभा चुनाववार इसे देखें, तो आप पाएंगे कि हर विधानसभा में 70-80 हजार ज्यादा लोग विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं।


सवाल: तो क्या आप समझते हैं कि वे सारे भाजपा को ही वोट देंगे।
जवाब:
मैं मान रहा हूं कि सारे हमको वोट नहीं देंगे। लेकिन उनके मन में कहीं न कहीं है कि 70 साल बाद कोई सरकार आई, जिसने हमारी चिंता की। झारखंड की भाजपा सरकार ने तो दो-दो गैस सिलिंडर और चूल्हा दिया। जिस गृहिणी के घर में दो-दो सिलिंडर गए हैं, वह तो जरूर कहेगी कि भाजपा सरकार ने उनके लिए काम किया। जिन किसानाें के खाते में 6 हजार रुपए चले गए, वे तो कहेंगे कि भाजपा ने उनकी चिंता की। 

 

सवाल: घर-घर रघुवर अभियान पर मंत्री सरयू राय ने आपत्ति  की है।
जवाब:
इस संबंध में उनसे बात होगी। 

 

सवाल: मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन?
जवाब:
हमारे मुख्यमंत्री तो हैं। मैंने पहले भी यह बात कही है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना