--Advertisement--

दुखद / दिल्ली में दुष्कर्म की शिकार हुई गोड्‌डा की बच्ची की रिम्स में मौत



रिम्स में बच्ची के संबंध में जानकारी हासिल करती बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर। रिम्स में बच्ची के संबंध में जानकारी हासिल करती बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर।
X
रिम्स में बच्ची के संबंध में जानकारी हासिल करती बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर।रिम्स में बच्ची के संबंध में जानकारी हासिल करती बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर।

  • 25 सितम्बर को दिल्ली से रेस्क्यू कर 16 बच्चों को लाया गया था रांची
  • रेप पीड़ित बच्ची को 3 अक्टूबर को रिम्स में भर्ती कराया गया था

Dainik Bhaskar

Oct 10, 2018, 01:20 PM IST

रांची. राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) रांची में भर्ती गोड्डा की नाबालिग पहाड़िया जाति की बच्ची (15) की बुधवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने बताया कि बच्ची की मौत साढ़े तीन बजे हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

बेहद गंभीर अवस्था में थी बच्ची

  1. वेंटिलेटर पर थी बच्ची

    25 सितम्बर को दिल्ली से रेस्क्यू कर बच्ची रांची लाई गई थी। इसके बाद उसे उसके घर गोड्‌डा भेज दिया गया। पर बच्ची की तबियत बिगड़ने पर पुन: रांची लाया गया और 3 अक्टूबर को रिम्स में भर्ती कराया गया। यहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। मंगलवार को उसके स्वास्थ्य को लेकर गठित मेडिकल बोर्ड की बैठक हुई थी।


     

  2. हृदय की गति काफी तेज थी

    बैठक में कहा गया था कि बच्ची की स्थिति चिंताजनक है। उसका ब्लड प्रेशर काफी कम है, जो रिकॉर्डेबल नहीं है। मरीज का पल्स भी धीमा है और हृदय की गति काफी तेज है। ऐसे में मरीज की मुश्किलें काफी बढ़ गई है। फिलहाल, रिम्स में ही मरीज का उपचार किया जाएगा।


     

  3. स्वास्थ्य सचिव ने एयर एंबुलेंस से बाहर भेजने का दिया निर्देश

    इधर, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने बच्ची को हायर इंस्टीट्यूट इलाज करने और एयर एंबुलेंस से भेजने का निर्देश दिया था। उन्होंने रिम्स निदेशक को भेजे पत्र में कहा था कि बच्ची को एयर एंबुलेंस से हायर सेंटर में भेजा जाए। एयर एंबुलेंस का खर्च रिम्स खुद वहन करे। मंगलवार को हुई मेडिकल बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी स्वास्थ्य सचिव को उपलब्ध करा दिया गया था।


     

  4. फरिदाबाद में भी हॉस्पिटल में रही थी भर्ती

    25 सितम्बर को दिल्ली से 16 बच्चों को झारखंड लाया गया था। उसमे से दो बच्ची गोड्डा की थी। उसी में से एक यह बच्ची भी थी, जिसके साथ बलात्कार हुआ था और जान से मारने की कोशिश की गई थी। फरीदाबाद में घटना होने के बाद बच्ची 5 से 6 महीने वहां के हॉस्पिटल में भी रही थी।

Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..