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डीजीपी ने गृह सचिव को लिखा पत्र...फ्रीज किए जाएं मिशनरीज ऑफ चैरिटी के सभी बैंक खाते

पत्र में चेतावनी : 11 वर्षों में 5 संस्थाओं ने लिया 9.27 अरब विदेशी फंड, केंद्र सरकार करे सूक्ष्म जांच

Dainik Bhaskar

Jul 11, 2018, 02:13 AM IST
DGP wrote to Home Secretary Freezing all the bank accounts of Missionaries of Charity

रांची. पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय ने गृह सचिव एसकेजी रहाटे को पत्र लिखकर मिशनरीज ऑफ चैरिटी एंव उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं के फंड की सूक्ष्म जांच केंद्र सरकार से कराने को कहा है। इसके साथ ही यह भी कहा है कि केंद्र से अनुरोध किया जाए कि जांच पूरी होने तक मिशनरीज ऑफ चैरिटी सहित सभी संस्थाओं के सभी बैंक एकाउंट फ्रीज कर दिए जाएं। मिशनरीज ऑफ चैरिटी के राजधानी के ईस्ट जेल रोड स्थित शेल्टर होम निर्मल हृदय की कर्मचारी और एक सिस्टर द्वारा अवैध रूप से बच्चों को बेचने का मामला सामने आने के बाद अब राज्य भर में संस्थान के क्रियाकलापों और फंडिंग की जांच तेज हो गई है।

मूल उद्देश्य के अलावा दूसरे कामों में फंड खर्च कर रही है मिशनरीज ऑफ चैरिटी:

पुलिस महानिदेशक ने गृह सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि इस मामले का खुलासा होने के बाद अनुसंधान एवं स्रोतो से मिली जानकारी और प्रमाण के अनुसार यह बात सामने आई है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी प्राप्त राशि का उपयोग इसके मूल उद्देश्य में न होकर अन्य कार्यों में कर रही है। मिशनरीज ऑफ चैरिटी के साथ पांच अन्य संस्थाएं जुड़ी हुई है। जिन्हें वर्ष 2006-07 से लेकर 2016-17 तक 11 वर्षों के दौरान 927.27 करोड़ रुपए की विदेशी फंडिंग मिली है।

फंड एक करोड़ से ज्यादा, सीबीआई ही जांच में सक्षम: गृह सचिव को लिखे पत्र में कहा गया है कि द फारेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट 2010 की धारा 13 में एफसीआरए सर्टिफिकेट को निलंबित करने का प्रावधान है। धारा 14 में कैसिलेशन का अधिकार भी केंद्र सरकार को ही प्राप्त है। वहीं प्रत्येक राज्य की जांच एजेंसी की अपराध शाखा तभी जांच करने में सक्षम है जब राशि एक करोड़ से कम हो। एक करोड़ रुपए से अधिक राशि की जांच करने की सक्षम एजेंसी सीबीआई है।

मिशनरीज ऑफ चैरिटी के राज्य में 12 बाल गृह: मिशनरीज ऑफ चैरिटी के विभिन्न जिलों में 12 बाल गृह चल रहे हैं। जिसमें एमसी सुरुचिकला गोड्‌डा, एमसी साटिनो रोड डालटनगंज, एमसी निर्मला शिशु भवन रांची, एमसी न्यू शांति नगर गुमला, एमसी गिरीडीह, एमसी साहेबगंज, एमसी दुमका, एमसी निर्मला शिशु भवन हजारीबाग, एमसी शांति निवास धनबाद, एमसी जमशेदपुर, एमसी ईस्ट जेल रोड रांची, ब्रदर ऑफ चैरिटी कांके रोड जवाहरनगर रांची।

इन्हें भी करोड़ों का विदेशी फंड: मिशनी कोलकाता को वर्ष 2011-12 से लेकर 2016-17 तक 1.94 कररोड़ रुपए का विदेशी फंड मिला। वहीं मिशनरीज ऑफ चैरिटी फादर्स इंडिया को वर्ष 2011-12 से 2016-17 के बीच 27.71 करोड़ रुपए विदेशी फंड मिले। मिशनरी सिस्टर्स ऑफ मैरी हेल्प ऑफ चैरिटीयंस वेलफेयर सोसाइटी को वर्ष 2016-17 में 27.71 लाख रुपए का विदेशी फंड मिला है।

कब-कब लिया विदेशी फंड

वर्ष मिशनरीज ऑफ चैरिटी मिशनरीज अॉफ चैरिटी ब्रदर्स मिशनरी ऑफ द वर्ल्ड
2006-07 45.37 9.15 1.25
2007-08 54.70 10.08 1.68
2008-09 42.50 15.29 1.88
2009-10 53.35 8.45 2.53
2010-11 62.29 9.11 2.97
2011-12 62.77 9.94 3.14
2012-13 71.05 13.69 3.23
2013-14 96.35 -- 4.21
2014-15 90.91 14.63 4.25
2015-16 94.01 18.81
4.54
2016-17 77.77 19.80 4.81
कुल 751.12 128.99 34.53

*राशि करोड़ रुपए में

15 अगस्त तक सभी संस्थाओं की जांच करे बाल संरक्षण आयोग : सीएम

बच्चों के सौदे पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को बाल संरक्षण आयोग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि नवजातों की खरीद-बिक्री और गर्भवती महिलाओं का शोषण करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बाल संरक्षण आयोग को निर्देश दिया कि वह पूरे राज्य में ऐसे एनजीओ की जांच करे। गलत कार्यों में लिप्त संस्थाओं को चिह्नित करे और 15 अगस्त तक रिपोर्ट दें। यह जांच पूरी सूक्ष्मता और पारदर्शिता के साथ करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल शोषण और अनैतिक कार्यों में लिप्त कोई भी संस्था हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।

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