पहल / नीति आयोग की सराहना के बाद अब 9 जिले के सरकारी स्कूलों में लगेगा डिजिटल बोर्ड



Digital board will into government schools
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Digital board will into government schools

  • पायलट प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले गोड्डा जिले के स्कूल में लगा था बोर्ड 

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 11:04 AM IST

रांची. सरकारी हाईस्कूल में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को क्वालिटी एजुकेशन देने और स्मार्ट बनाने की योजना पर कार्य चल रहा है। इसके तहत सरकारी हाईस्कूलों में डिजिटल बोर्ड के माध्यम से सीखने व पढ़ने का अवसर निकट भविष्य में मिलेगा। इस योजना पर स्कूली शिक्षा सह साक्षरता विभाग द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर हाईस्कूलों में चल रही एकेडमिक एक्टिविटी की जानकारी आसानी से मिल जाएगी। राज्य में सबसे गोड्डा जिले के प्लस टू हाईस्कूल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत डिजिटल बोर्ड उपयोग में लाया गया था। इसकी योजना की नीति आयोग में चर्चा हुई, जिसमें प्रशंसा भी की थी। इसके बाद झारखंड शिक्षा परियोजना इस योजना को लेकर काफी उत्साहित है। अब राज्य के नौ जिलों
के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके बाद राज्य के सभी जिलों के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। 

 

इन जिलों के स्कूलों में लगेंगे डिजिटल बोर्ड 
अभी सिर्फ गोड्डा जिले में डिजिटल बोर्ड एकेडमिक उपयोग में लाया जा रहा है। अब झारखंड शिक्षा परियोजना ने राज्य के नौ जिलों में डिजिटल बोर्ड लगाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसमें गोड्डा के अलावा अब गुमला, पाकुड़, साहेबगंज, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा समेत अन्य जिले शामिल हैं। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। डिजिटल बोर्ड लगाने का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। 

 

3 लाख रु. खर्च होंगे 
झारखंड शिक्षा परियोजना ने डिजिटल बोर्ड पर खर्च का आकलन कर लिया है। एक स्कूल में डिजिटल बोर्ड स्टॉल करने पर तीन लाख रुपए खर्च आएगा। बोर्ड के बेहतर उपयोग के लिए शिक्षकों को ट्रेंड किया जा रहा है। राकेश रंजन को डिजिटल बोर्ड के लिए स्पेशल डिस्ट्रिक्ट को-ऑडिनेटर बनाया गया है। 

 

क्या है डिजिटल बोर्ड 
डिजिटल बोर्ड भी स्मार्ट बोर्ड की तरह ही है। शिक्षक के बिना भी स्टूडेंट्स डिजिटल बोर्ड से कोर्स की जानकारी ले सकेंगे। इन डिजिटल बोर्ड से लेक्चर, ट्यूटोरियल, गेम्स आदि के संयोग से विविध विषयों पर संकल्पनाओं को स्पष्ट करना आसान है। इसमें विशेषज्ञों के लेक्चर व स्टडी मेटेरियल्स अपलोड हैं। 

 

सराहना से हौसला बढ़ा 
जेईपीसी प्रशासी पदाधिकारी जयंत कुमार मिश्र ने बताया कि गोड्डा डीसी किरण पासी ने सबसे पहले प्लस-2 स्कूल में डिजिटल बोर्ड लगाया था। नीति आयोग क सराहना से होसला बढ़ा है। अब राज्य के 9 जिलों में विस्तार किया जाएगा, ताकि सरकारी स्कूल में पढ़ रहे स्टूडेंट्स डिजिटल बोर्ड का लाभ उठा सकें। 

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