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लोहरदगा / प्रसाद खाने से बिगड़ी 39 बच्चों की हालत, खून की उल्टी आने पर कराया अस्पताल में भर्ती

Dainik Bhaskar

Feb 10, 2019, 08:11 PM IST


हॉस्पिटल में भर्ती बच्चों का इलाज करते डॉक्टर। हॉस्पिटल में भर्ती बच्चों का इलाज करते डॉक्टर।
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हॉस्पिटल में भर्ती बच्चों का इलाज करते डॉक्टर।हॉस्पिटल में भर्ती बच्चों का इलाज करते डॉक्टर।
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  • समय रहते अस्पताल पहुंचाने से बच सकी जान, खतरा अब भी बरकरार: सीएस
  • लिटिल चैम्पस स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में हुआ था सरस्वती पूजा का आयोजन

लोहरदगा.  लोहरदगा भंडरा रोड पर ईटा गांव स्थित लिटिल चैम्पस स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में रविवार को विद्यालय प्रबंधन द्वारा सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया था। जहां प्रसाद खाने से विद्यालय व आसपास के 39 बच्चे बीमार हो गए। प्रसाद खाने के कुछ ही देर बाद सभी बच्चे खून की उल्टी करने लगे। 7 बच्चों को आनन फानन में पुलिस ने सदर अस्पताल पहुंचाया। वहीं, स्थिति बिगड़ता देख परिजनों द्वारा बाकी बच्चों को जैसे तैसे सदर अस्पताल पहुंचाया गया।

विद्यालय प्रबंधन का कोई भी सदस्य सदर अस्पताल नहीं पहुंचा

  1. सदर अस्पताल में डॉ. एसएस खालिद व डॉ संजय प्रसाद ने सभी बच्चों का इलाज किया। बच्चों की उम्र 4 वर्ष से 12 वर्ष के बीच है। इधर, हादसे की जानकारी मिलने पर भी विद्यालय प्रबंधन के कोई भी सदस्य न तो सदर अस्पताल पहुंचे और न ही विद्यालय पहुंचे। घटना के बाद गुस्साएं परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन को फोन किया तो उनका मोबाइल ऑफ मिला। इस पर परिजनों में काफी रोष व्याप्त है।

  2. अस्पताल में उमड़ पड़ी लोगों की भीड़

    घटना की जानकारी मिलते ही सदर अस्पताल के सीएस डॉ विजय कुमार, बालकल्याण समिति के अध्यक्ष राजकुमार वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजमोहन राम सदर अस्पताल पहुंच घायलों की स्थिति जानी। हादसे की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ अस्पताल में उमड़ पड़ी।

  3. एफआईआर दर्ज कर करेंगे कार्रवाई की मांग: राजकुमार

    घटना की जानकारी मिलते ही बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजकुमार वर्मा सदर अस्पताल पहुंच बच्चों के इलाज की जानकारी ली तथा परिजनों से बात की। उन्होंने बताया कि मामले पर सदर थाना को जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की जाएगी।

  4. खतरा अब भी बरकरार: सीएस

    सीएस डॉ. विजय कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है। बीमार बच्चों को सभी जरूरी दवाएं डॉक्टर की निगरानी में लगातार दी जा रही है। उन्होंने बताया कि समय रहते ही सभी बच्चों को अस्पताल लाया गया। इसलिए जान बचाई जा सकी नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। हालांकि खतरा अब भी बरकरार है।

  5. जांच के बाद विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई: डीएसई

    मामले की जानकारी मिलते ही डीएसई सह डीईओ रतन कुमार महावार सदर अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चों की स्थिति का जायजा लिया व परिजनों से बात की। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कर विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी। बच्चों के भविष्य व जान के साथ खिलवाड़ की अनुमति किसी को भी नहीं है।

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