पलामू / पेंशन के लिए कागजात लाने की भागदाैड़ में चली गई बुजुर्ग की जान, समय से एंबुलेंस भी नहीं मिली

पति तड़पते रहे और पत्नी शनिचरी देवी रोती रहीं। लेकिन कोई अफसर देखने तक नहीं आए। पति तड़पते रहे और पत्नी शनिचरी देवी रोती रहीं। लेकिन कोई अफसर देखने तक नहीं आए।
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पति तड़पते रहे और पत्नी शनिचरी देवी रोती रहीं। लेकिन कोई अफसर देखने तक नहीं आए।पति तड़पते रहे और पत्नी शनिचरी देवी रोती रहीं। लेकिन कोई अफसर देखने तक नहीं आए।

  • सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में अफसराें ने आधार और राशन कार्ड मांगा था
  • कागजात लेकर पहुंचे ताे हांफते हुए बेहाेश हाे गए बुजुर्ग, कुछ देर बाद दम तोड़ दिया

दैनिक भास्कर

Jan 19, 2020, 10:47 AM IST

तरहसी (पलामू).   पलामू के तरहसी प्रखंड में शनिवार काे सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में पेंशन की फरियाद लेकर आए पगार गांव के माैली भुइयां (71) की माैत हाे गई। मुख्य सचिव के निर्देश पर शनिवार काे पाठक पगार पंचायत सचिवालय परिसर में यह कार्यक्रम आयाेजित किया गया था। इसमें डीडीसी बिंदु माधव सिंह समेत सभी विभागाें के अधिकारी माैजूद थे। लाेगाें की समस्याएं सुनने के लिए स्टाॅल लगाए गए थे।

मृतक की पत्नी शनिचरी देवी ने कहा-मेरे पति पेंशन के लिए पांच साल से प्रखंड और जिला का चक्कर लगाकर थक गए थे। शनिवार काे मैं पति के साथ इसी समस्या काे लेकर सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में पहुंची थीं। अफसराें ने करीब आधे घंटे तक हमारी समस्या सुनी। पति से आधार और राशन कार्ड की काॅपी मांगी। वह भागते हुए घर गए और कागजात लेकर आए। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही उनका दम फूलने लगा। वह बेहाेश हाेकर गिर गए। करीब आधे घंटे तक तड़पते रहे और पेंशन की आस में उन्हाेंने दम ताेड़ दिया। मैंने एंबुलेंस की मांग की, लेकिन समय पर वह भी नहीं मिला।
 

देर से आया एंबुलेंस, शव ले जाने से किया इनकार
शनिचरी देवी ने कहा- पति की माैत के बाद लाेगाें ने पहल की। एंबुलेंस बुलाया। लेकिन उसने शव ले जाने से इनकार कर दिया। और ड्राइवर एंबुलेंस लेकर लाैट गया। आखिरकार ग्रामीण खाट पर उठाकर माैली भुइयां का शव ले गए। उन्हाेंने कहा कि इस आधे घंटे के दाैरान परिजन राेते रहे अाैर डीडीसी कार्यक्रम काे संबाेधित करते रहे।

बगल में कराेड़ाें का स्वास्थ्य केंद्र पर लटका है ताला
जहां सरकार आपके द्वार कार्यक्रम चल रहा था, उसके बगल में ही कराेड़ाें की लागत से स्वास्थ्य केंद्र बना हुअा है। लेकिन उस पर ताला लटका है। यहां एक भी डाॅक्टर की नियुक्ति नहीं की गई है। ग्रामीणाें का कहना है कि अगर इस स्वास्थ्य केंद्र में डाॅक्टर हाेते ताे बुजुर्ग की जान बच सकती थी।

कार्यक्रम में सबसे ज्यादा पेंशन के 63 मामले आए
सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में सबसे ज्यादा संख्या पेंशन की समस्या लेकर आए ग्रामीणाें की थी। पेंशन के सबसे ज्यादा 63 मामले आए थे। इसके बाद खाद्य आपूर्ति के 61, प्रधानमंत्री आवास योजना के 43, भूमि सुधार के 26, मनरेगा के 9, शिक्षा के 3, स्वच्छ भारत मिशन के 7 मामले आए।

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