हजारीबाग / खुद काे आईएएस बता नाैकरी लगाने का झांसा दे 13 लाख की ठगी, युवती सहयाेगी संग गिरफ्तार



आरोपी शोभा। आरोपी शोभा।
X
आरोपी शोभा।आरोपी शोभा।

  • बाेकाराे के पेटरवार की है आराेपी युवती, मटवारी में किराए के मकान में रहकर करती थी ठगी का धंधा
  • पूर्व में बैंक मैनेजर बन चार लाख ठगे, पिता ने जमीन बेच कर पैसा वापस किया
  • हजारीबाग के एक दाराेगा काे भी ठगने की बात कबूली

Dainik Bhaskar

Jul 11, 2019, 03:07 AM IST

हजारीबाग. हजारीबाग कोर्रा थाना की पुलिस ने बुधवार को एक युवती को नौकरी लगाने के नाम पर 13 लाख की ठगी करने के आरोप में सहयोगी युवक के साथ गिरफ्तार किया। युवती ने खुद को आईएएस बता कर ठगी के अपराध को अंजाम दिया। दोनों के विरूद्ध मामला दर्ज कर जेपी कारा भेज दिया गया।

 

ठगी का शिकार हुई महिला शहर के अशोक नगर कनहरी निवासी महेन्द्र प्रसाद मेहता की पत्नी गृहिणी रीना देवी है। आरोपी युवती बाेकाराे जिले के पेटरवार निवासी शोभा कुमारी और उसका सहयोगी गिद्दी थाना क्षेत्र के होसिर निवासी मो. अल्ताफ है, जो वर्तमान में हजारीबाग के मटवारी में अपने ससुराल में रह कर युवती के साथ यह कारोबार कर रहा था।

 

पुलिस ने अल्ताफ की जेस्ट कार संख्या जेएच 02 एवी 2582 काे भी जब्त किया है। इसका उपयोग दोनों आरोपी ठगी करने में किया करते थे। युवती ने पूर्व में भी बैंक अधिकारी बता कर चार लाख ठगी करने का अपराध का स्वीकारा है। जबकि जिले के एक पुलिसकर्मी से भी ठगी की बात सामने आई है।

 

एक हवलदार को भी ठगा
थाना प्रभारी अरविन्द कुमार सिंह ने बताया कि कार अल्ताफ की है, जिसका उपयोग वह लाेगाें काे झांसा देने में करता था। शोभा खुद को कभी आईएएस तो कभी हजारीबाग स्टेट बैंक की सेकेंड मैनेजर तो कभी पीओ बता कर लोगों को भरोसे में लेती है फिर उसे अपना शिकार बनाती है। रीना देवी पांच दिन पूर्व थाने में शिकायत लेकर आई। इस पर गोपनीय तरीके से आरोपियों की खोजबीन की गई।

 

बताया कि पकड़ी गई युवती ने स्वीकार किया है कि उसने रीना देवी से नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की है। यह भी बताया कि पूर्व में भी उसने खुद को बैंक पीओ बता कर एक व्यक्ति से नौकरी लगाने के नाम पर चार लाख की ठगी की थी, जिसकी भरपाई उसके पिता ने जमीन बेच कर किया था। उसने हजारीबाग के एक थाने के हवलदार काे भी ठगा है। ब्लैकमेलिंग करना भी इसका पेशा है। इसके सारे मामले को खंगाला जा रहा है।

 

पीड़ित युवती ने कहा-जिम में हुई थी मुलाकात

मामले की सूचक रीना देवी बताया कि जिम जाने के दाैरान शोभा से परिचय हुआ। उसने बताया कि वह आईएएस कंप्लीट की है अाैर वर्तमान में हजारीबाग स्टेट बैंक में सेकेंड मैनेजर है। परिचय दोस्ती में बदल गई। वह अपने सहयोगी अल्ताफ के साथ कार से मेरे घर तक आने लगी। इस बीच उसने मुझे विश्वास में लेकर मेरे ही पैसे से रांची स्टेट बैंक का हेड ब्रांच, प्लेन से कोलकाता और दिल्ली के पहाड़गंज बैंक ब्रांच लेकर गई। इससे और विश्वास जम गया।

 

फिर उसने कहा कि पैसा लगेगा पर आपकी बेटी काे बैंक में सेकेंड मैनेजर की नौकरी दिला देंगे। इसके लिए पहले चरण में छह लाख, दूसरे चरण में पांच लाख और बाकी दो लाख की राशि ली। फिर वह दूर-दूर रहने लगी। जिससे उस पर संदेह होने लगा। रीना ने शोभा से आईएएस का सर्टिफिकेट मांगा जिस पर वह इंकार करती रही।

 

इससे संदेह सच साबित हो गया फिर उसने पैसा वापस मांगा। तब वह मुझसे मिलने से कतराने लगी। अंत में थाना में शिकायत दर्ज कराया। रीना देवी ने बताया कि उसके सहयोगी अल्ताफ की इसमें अहम भूमिका है। वही पैसा लेता था और कहता था कि मैडम बड़ी ऑफिसर है।

COMMENT