लिव इन रिलेशन / बच्ची पैदा होने के बाद प्रेमिका को पागल बताया, शादी से इनकार किया

जंजीर में बंधी युवती। जंजीर में बंधी युवती।
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जंजीर में बंधी युवती।जंजीर में बंधी युवती।

  • युवती को बेड़ियों से बांधकर रखते हैं परिजन, पैसे के अभाव में नहीं हो पा रहा इलाज
  • 8 माह से बेड़ियों से बंधी युवती काे सीडीपीओ व मुखिया ने मुक्त करा रिनपास में कराया भर्ती 

दैनिक भास्कर

Feb 19, 2020, 06:43 PM IST

गुमला. लिव इन रिलेशन में रहने और बेटी के जन्म लेने के बाद प्रेमी ने प्रेमिका को पागल बता दिया और उससे शादी से इनकार कर दिया। उधर, प्रेमी के इनकार करने के बाद युवती के परिजन उसे बेड़ियों से बांधकर रखने लगे। पिछले आठ महीने से बेड़ियों में युवती के बंधी होने की जानकारी जब बीडीओ राजीव नीरज को मिली तो उनके निर्देश पर सीडीपीओ शबीह जनत व गोविंदपुर पंचायत की मुखिया रजनी मिंज ने मुक्त कराया और इलाज कराने के लिए रांची रिनपास भेज दिया। मामला जिले के जारी थाना क्षेत्र स्थित गोविंदपुर पंचायत के पांची गांव का है।  

26 वर्षीय युवती के भाई ने बताया कि उसकी दिमागी हालात ठीक नहीं है, कहीं भाग कर चली ना जाए, इसलिए बेड़ियों से बांध कर रखा गया था। युवती गांव के ही जगदीश तिर्की के साथ लिव इन रिलेशनशिप में थी। युवती को सात माह की बच्ची भी है। बच्ची अपने दादा के घर रहती है। युवती के भाई ने बताया कि गांव में ही कई बार उसका इलाज कराया लेकिन वो ठीक नहीं हुई। एक बार रांची भी लेकर गए थे पर पैसे के अभाव के कारण उसे अस्पताल में भर्ती नहीं करा पाए। वहीं, जगदीश तिर्की को जब भाइलेट की दिमागी हालत ठीक नहीं होने का पता चला तो वह उसे पागल बताया और शादी से इनकार कर दिया। 

गोवा में भाई करता है काम, किसी तरह चलता है परिवार
युवती के पिता भी चल फिर नहीं पाते हैं व कुछ काम भी नहीं करते हैं। एक भाई गोवा में काम करता है जिससे किसी तरह परिवार चलता है। युवती के पिता ने बताया कि एक बेटा गांव में रहकर खेती करता है। दूसरा बेटा गोवा में काम करता है, जिससे घर-परिवार किसी तरह चलता है। इसलिए बेटी का इलाज ठीक से नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेरी बेटी को दामाद ने कहा कि पागल है, शादी नहीं करेंगे। बोल कर दो माह पहले गोवा चला गया है। मेरी बेटी घर से कहीं भाग न जाए इसलिए बेड़ियों से बांध कर रखते हैं। कभी-कभी गांव में धीरे-धीरे घूमती है। एक ग्रामीण ने बताया कि भाइलेट के तीन बहन व दो भाई हैं। एक बहन जन्म से ही मूक-बधिर है। घर वाले युवती का इलाज कराते हैं लेकिन ठीक नहीं हो पा रही है। इलाज में कोई इनकी मदद करे तो वो ठीक हो जाएगी। 

झामुमाे ने परिवार काे सहायता करने का दिया अाश्वासन
मामले की जानकारी मिलने के बाद झामुमो के जिला उपाध्यक्ष सुशील दीपक मिंज ने गांव पहुंच कर युवती के परिजनों को दो हजार रुपए, 50 किलोग्राम चावल, कंबल और शॉल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि आपलोगों की मदद के लिए सरकार है। उन्होंने कहा कि आपकी बेटी का इलाज सही तरीके से रिनपास में होगा। 

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