पहल / रांची में अब हर आम मरीज के वाहन के लिए बनेगा ट्रैफिक का ग्रीन कॉरिडोर



खुशी। खुशी।
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खुशी।खुशी।

  • मरीज को अस्पताल पहुंचाने वाले निजी वाहनों के लिए भी रास्ता क्लीयर करेगी ट्रैफिक पुलिस
  • एसएसपी ने कहा- जारी होगा मोबाइल नंबर, देनी होगी वाहन, रूट और अस्पताल की जानकारी

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2019, 12:31 PM IST

रांची. नौ माह की खुशी की जरूरत, रांची को एक नई सीख दे गई। कोमाग्रस्त इस बच्ची को रानी चिल्ड्रेन अस्पताल से एयरपोर्ट पहुंचाने के लिए 4 फरवरी को ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया था। इसमें 12 किमी. की दूरी एंबुलेंस को सिर्फ 11 मिनट में पार करवाई गई। इस घटना ने राजधानी को सिखा दिया कि किसी की जान बचाने के लिए दो मिनट ट्रैफिक का रुकना ही सही है।

 

अब, आम लोगों को भी ऐसे ही ग्रीन कॉरिडोर की सुविधा मिल सकेगी। एसएसपी अनीश गुप्ता ने बताया कि जल्द एक मोबाइल नंबर जारी किया जाएगा। जिस पर कोई भी अपने निजी वाहन से मरीज लेकर जाने से पहले फोन कर सकता है। उसके लिए ट्रैफिक पुलिस रास्ता क्लीयर कराएगी। सिर्फ उस वाहन का नंबर, रूट और अस्पताल की जानकारी देनी होगी।

 

जरूरत ये भी: मरीज के लिए ट्रैफिक रोकने का अलग हो सिग्नल

पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर की सुविधा शुरू करने का ऐलान तो किया है, मगर अभी एक बड़ी समस्या ये है कि राजधानी में वीआईपी मूवमेंट के लिए ट्रैफिक रोज ही रोका जाता है। ऐसे में आम वाहन चालकों को ये पता चलना बहुत जरूरी है कि एंबुलेंस के लिए रास्ता रोका जा रहा है। इसके लिए किसी अलग सायरन या बत्ती का इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

दिल्ली के सर गंगाराम में खुशी का इलाज जारी
सोमवार के ग्रीन कॉरिडोर से एयरपोर्ट तक पहुंची खुशी का इलाज नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल की एनआईसीयू में चल रहा है। उसकी स्थिति यथावत बनी हुई है। खुशी के पिता निशांत ने बताया कि आशा है कि वह जल्द ठीक होगी।

 

दो वर्ष पहले भी शुरू हुई थी योजना

2017 में तत्कालीन ट्रैफिक एसपी संजय रंजन सिंह ने ऐसी पहल शुरू की थी। लेकिन संजय रंजन सिंह के तबादले के बाद यह व्यवस्था भी बंद हो गई।

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