ग्राउंड रिपोर्ट / गोड्‌डा में गैर यादव और मुस्लिमों की गोलबंदी से निकलेगी जीत की राह

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 05:15 AM IST



ground report from godda lok sabha seat
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ground report from godda lok sabha seat

  • मजबूत मुिस्लम प्रत्याशी नहीं होने पर भी भाजपा को भरोसा...

रांची (विनय चतुर्वेदी). भाजपा को भरोसा है कि गोड्‌डा संसदीय क्षेत्र में गैर यादव-मुसलमानाें की गोलबंदी होगी, जो जीत की राह प्रशस्त करेगी। इसी को ध्यान में रखकर पार्टी की तैयारी चल रही है।

 

इस बार किसी मजबूत मुस्लिम उम्मीदवार के नहीं होने के कारण महागठबंधन को अपर हैंड है, पर भाजपा इसे शैडो अपर हैंड मान रही है। उसका मानना है कि गैर यादव-मुसलमानाें की गोलबंदी हो रही है, जो उनके पक्ष में जाएगी। वहीं, पार्टी के वरीय यादव नेता अपने स्वजातीय वोटरों में भी सेंधमारी का अभियान चला रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी निशिकांत दुबे इसी मंत्र को सिद्ध कर संसद में जाने की तैयारी में हैं। 


जातीय समीकरण पर जीत की उम्मीद


गाेड्डा संसदीय क्षेत्र में सर्वाधिक मुसलमान और यादव मतदाता हैं, जिसे महागठबंधन का आधार वोट माना जाता है। जेवीएम प्रत्याशी प्रदीप यादव इस वोट के सहारे जीत की उम्मीद पाले हुए हैं। यहां 19 मई को मतदान होना है। गोड्‌डा में 17 लाख 14 हजार 862 मतदाता हैं।

 

एक अनुमान के आधार पर इसमें लगभग दो से ढाई लाख यादव, ढाई से तीन लाख मुसलमान, दो लाख ब्राह्मण, ढाई से तीन लाख वैश्य, डेढ़ लाख के करीब अादिवासी, एक लाख के करीब भूमिहार, राजपूत, कायस्थ और शेष पचपौनियां व दलित हैं।

 

2014 के लोकसभा चुनाव में निशिकांत दुबे को 3.80 लाख मत मिले थे, जबकि 3.19 लाख वोट पाकर कांग्रेस के फुरकान अंसारी दूसरे नंबर रहे थे। प्रदीप यादव को 1.93 लाख वोट मिले थे। प्रदीप तीसरे नंबर पर थे। इस बार फुरकान अंसारी चुनाव में नहीं हैं, पर उन्हें अभी भी पूरे तौर पर चुनावी परिदृश्य से बाहर नहीं माना जा रहा है। वे कांग्रेस से टिकट के लिए प्रयासरत रहे, पर सफल नहीं हुए।

 

माना जा रहा है कि इस चुनाव के अंत समय में फुरकान की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहेगी। वहीं, नरेंद्र मोदी बुधवार को देवघर अाए। भाजपा को उम्मीद है कि उनके संथाल दौरे के बाद गोड्‌डा, दुमका व राजमहल में पार्टी प्रत्याशियों की स्थिति और मजबूत होगी।

 

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