झारखंड / गुमला पहुंचे झामुमाे के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत साेरेन, मृतक किसान के परिजनों से मिलकर की आर्थिक मदद



किसान के परिवार से मुलाकात करते हेमंत सोरेन। किसान के परिवार से मुलाकात करते हेमंत सोरेन।
X
किसान के परिवार से मुलाकात करते हेमंत सोरेन।किसान के परिवार से मुलाकात करते हेमंत सोरेन।

  • बाेले- सरकार झारखंड के लोगों की रखवाली नहीं कर सकती तो सत्ता में रहने का अधिकार नहीं 

Dainik Bhaskar

Aug 02, 2019, 07:20 PM IST

गुमला. गुमला शहर से 20 किमी दूर ढिढ़ौली पोखराटोली के 60 वर्षीय वृद्ध किसान शिबा खड़िया ने सोमवार की रात खेत में लगे धान का बिचड़ा बर्बाद होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के पांचवें दिन राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन शुक्रवार को काफिले के साथ किसान के घर पहुंचे। जहां मृतक के परिजनों से बात कर घटना की विस्तृत जानकारी हासिल की। परिवारिक स्थिति और शिबा के आत्महत्या के बाद अब तक मिलने वाले प्रशासनिक सहयोग के बारे में जाना। शिबा की पत्नी दुदी खड़ियाईन ने 50 किलो चावल, सीओ के माध्यम से 3 हजार रुपए व महिला मंडल द्वारा पांच हजार का सहयोग मिलने की जानकारी दी। इसे सुनकर हेमंत ने नाराजगी जताई। 

 

भाजपा सरकार विकास नहीं विनाश कर रही: हेमंत
इस दाैरान हेमंत ने कहा कि जिस तेलंगा खड़िया की अादिवासी समुदाय पूजा करते हैं, उसी समाज के किसान आत्महत्या करने काे मजबूर हैं। भाजपा सरकार विकास नहीं विनाश कर रही है। सरकार झारखंड के लोगों की रखवाली नहीं कर सकती तो उसे सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानाें के आत्महत्या की यह पहली घटना नहीं है। दर्जनों किसान अब तक दम तोड़ चुके हैं। इस मसले पर सरकार से सवाल-जवाब किया जाएगा। 

 

सीअाे पर भड़के हेमंत, बाेले- मामले पर प्रशासन गंभीर नहीं
हेमंत ने वहां मौजूद अंचलाधिकारी (सीओ) को कहा कि किसान ने आत्महत्या कर ली और प्रशासन मामले गंभीर नहीं है। किसान की मौत के पांच दिन बाद भी मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बना है। सीओ ने कहा कि डेथ सर्टिफिकेट बनाया जा रहा है। खड़िया परिवार काे पारिवारिक लाभ का प्रोसेस भी चल रहा है। दो दिनों में परिवार को प्रशासनिक सहायता दी जाएगी। इस दौरान ग्रामीणों से गांव तक किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं पहुंचने की शिकायत सुन हेमंत ने उपायुक्त शशिरंजन से मोबाइल पर संपर्क किया। उनसे कहा कि ढिढ़ौली पोखराटोली गांव की स्थिति खराब है। बीडीओ-सीओ सिर्फ कोरम पूरा करने में लगे हुए हैं। मौत के बाद प्रशासन की नजर में पोखराटोली गांव आया है, ऐसा नहीं चलेगा। उन्होंने डीसी व सीओ को गांव में दो दिनी कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान व मृतक के परिजनों को पूरी सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। साथ ही मृतक के परिजनों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना