गुमला / कीटनाशक युक्त फसल खाकर मरे बकरे को खाने से दो की मौत, 12 गंभीर



फूड प्वाइजनिंग के शिकार ग्रामीणों को सदर अस्पताल भेजा गया। फूड प्वाइजनिंग के शिकार ग्रामीणों को सदर अस्पताल भेजा गया।
X
फूड प्वाइजनिंग के शिकार ग्रामीणों को सदर अस्पताल भेजा गया।फूड प्वाइजनिंग के शिकार ग्रामीणों को सदर अस्पताल भेजा गया।

  • अहले सुबह 3 बजे मटन-चावल खाने वाले लोगों को होने लगी उल्टी और दस्त

Dainik Bhaskar

Jul 11, 2019, 08:06 PM IST

गुमला.   घाघरा प्रखंड मुख्यालय के सामने चपका पंचायत स्थित कटहल टोली गांव में बुधवार को देर रात मटन खाने से दो लोगों की मौत हो गई। जबकि 12 लोग गंभीर हो गए। कीटनाशक युक्त फसल का सेवन करने के बाद मरे खस्सी का मीट खाने से यह हादसा हुआ।

 

मृतक व सभी घायल तीन परिवार के सदस्य
मृतकों में 52 वर्षीय जेठा उरांव व 42 वर्षीय पच्चा उराईन शामिल हैं। वहीं, गंभीर रूप से बीमार में केश्वर लोहरा (50), बिरसमुनी उरांव (42), पूजा कुमारी (10), अजित लोहरा (7), दीपक लोहरा (4), नागों उरांव (42), महेश लोहरा (20), दिनेश लोहरा (22), दीनबंधु लोहरा (18), विजय उरांव (18), नारायण उरांव (52) व पवन उरांव शामिल है। सभी को गंभीर अवस्था में गुरुवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों मृतक व सभी घायल तीन परिवार के सदस्य हैं।

 

मकई की फसल खाने के बाद मर गया
मामले को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि गांव में डिलपा उरांव के खेत में 30 डिसमिल भूमि पर मकई का फसल लगाया गया है। साथ ही फसल के बचाव को लेकर उसपर कीटनाशक (थाइमेट) का छिड़काव किया गया है। दोपहर करीब 3 बजे राम केश्वर साहू का खस्सी उक्त खेत में पहुंच कर मकई की फसल खाने के बाद मर गया। इसके बाद राम केश्वर साहू मृत खस्सी को अपने घर ले आया। फिर उसे दफनाने की तैयारी करने लगा। मगर इसी दौरान गांव के ही जेठा उरांव राम केश्वर के घर पहुंच कर मृत खस्सी को खाने के लिए मांगकर अपने घर ले आया। फिर खस्सी का मीट तैयार किया।

 

उल्टी-दस्त के बाद हुई मौत
इसके बाद जेठा व धनिया लोहरा के घर में मटन-चावल बना। दोनों परिवार के लोग देर रात को मटन-भात खाने के बाद सो गए। इसके बाद अचानक अहले सुबह करीब 3 बजे सभी को उल्टी और दस्त होने लगा। इसकी सूचना दोनों परिवार के लोगों ने ग्रामीणों को दिया। सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। कुछ देर बीतते ही उल्टी-दस्त के बाद जेठा उरांव की मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीण इलाज के लिए इधर-उधर भागने लगे। तभी ग्रामीण वीरेंद्र उरांव ने मामले की जानकारी 108 एंबुलेंस को दी। सुबह लगभग 4 बजे 108 एम्बुलेंस गांव पहुंचा। इसके बाद एम्बुलेंस से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा लाया गया।

 

मृत खस्सी का मीट खाने से फूड पॉइजनिंग का लोग शिकार हुए: सिविल सर्जन
मामले को लेकर सिविल सर्जन सुखदेव भगत ने कहा कि मृत खस्सी का मीट खाने से फूड पॉइजनिंग का लोग शिकार हुए हैं। दो लोगों की मौत हुई है। जबकि एक दर्जन लोग गंभीर हुए है। स्वास्थ्य विभग की ओर से मामले की जांच को लेकर एसीएमओ विजय भेंगरा, डॉक्टर राजेश कुमार व जेवियर के नेतृत्व में एक टीम गांव भेजा गया है। टीम ने भी पूछताछ के बाद फूड पॉइजनिंग की पुष्टि की है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाजरत सभी मरीज को छुट्टी दे दी गई। साथ ही गांव में टीम द्वारा लोगों को जागरूक करने का काम किया गया है।

COMMENT