अपराध / मजदूर की दिनदहाड़े बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या, परिजनों ने तीन घंटे तक किया सड़क जाम



सड़क पर पड़ी लाश। सड़क पर पड़ी लाश।
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सड़क पर पड़ी लाश।सड़क पर पड़ी लाश।

  • पांच दिन पूर्व उग्रवादियों ने मृतक को ले गए थे घर से उठाकर, भाग कर बचाई थी जान

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 05:25 PM IST

गुमला. सदर थाना क्षेत्र स्थित गुमला-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर उर्मी गांव के समीप अज्ञात अपराधियों ने अहले सुबह करीब नौ बजे 55 वर्षीय माघी उरांव को बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। सूचना के बाद मौके पर पहुँची पुलिस घटना की तहकीकात में जुट गई है। साथ ही अपराधियों के धरपकड़ को लेकर आसपास के इलाकों में छापामारी कर रही है। इधर, घटना के फौरन बाद मृतक के परिजनों व आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ मुख्य मार्ग को तीन घंटे तक जाम रखा। मृतक के परिजन मुआवजे के साथ अपराधियों के गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। अधिकारियों के समझाने व अंतिम संस्कार के लिए 6100 रुपए मुआवजा देने के बाद जाम हटाया गया। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।

 

पेशे से राजमिस्त्री था मजदूर
मृतक माघी उरांव घटनास्थल से महज कुछ दूर स्थित बरगांव बरवाटोली गांव का रहने वाला था। वह राज मिस्त्री का काम कर परिवार का भरण पोषण करता था। मृतक के बेटे राजू उरांव ने बताया कि उसके पिता सुबह करीब साढ़े आठ बजे केओ कॉलेज के पास निर्माणाधीन एक बिल्डिंग में काम के लिए घर से साइकिल से निकले थे। इस दौरान जैसे ही वे उर्मी गांव के पास पहुंचे, घात लगाकर बैठे अपराधियों ने उन्हें बीच सड़क पर रोक कर लिया। फिर कान के सपा रिवॉल्वर सटा कर गोली मार दी। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी उर्मी दंडटोली ढलान के रास्ते भाग निकले। खेतों में काम करने वाली कुछ महिलाओं ने एक अपराधी को गोली मारकर पैदल भागते हुए देखा है।

 

उग्रवादियों द्वारा घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका
बेटे ने बताया कि उसके पिता राजमिस्त्री के अलावा गांव में रहकर आंशिक रूप से झाड़फूंक का भी काम करते थे। बीते सोमवार को रात करीब साढ़े नौ बजे एक दर्जन से अधिक हथियारबंद नकाबपोश उग्रवादी गांव आ धमके थे। इस दौरान वह गांव में घूमने के लिए निकला था तभी उसे उग्रवादियों ने उसे पकड़ लिया था। साथ ही उग्रवादी पिता माघी उरांव के बारे पूछताछ कर रहा था। तभी राजू ने कहा कि वो उसके पिता हैं। फिर उग्रवादी राजू के साथ उसके घर पहुंचे। इसके बाद उग्रवादियों ने माघी उरांव से कहा कि वे लोग जंगल से आए हैं। उनके सरगना के छोटे भाई की तबीयत खराब है। उसके इलाज के लिए उनके सरगना ने उन्हें बुलाया है। यह सुनने के बाद माघी उरांव ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया। फिर उग्रवादी जबरन माघी को घर से उठाकर ले जाने लगे। रास्ते मे उग्रवादियों ने उन्हें डराया धमकाया भी। घर से करीब एक किलोमीटर दूर जाने के बाद किसी अनहोनी की आशंका को भांप माघी उग्रवादियों को चकमा देकर भाग निकला। फिर घर पहुंच कर छिप गया। राजू ने बताया कि भय के कारण वे लोग उस समय घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी। बेटे ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि पिता की हत्या उग्रवादियों द्वारा ही किया गया है।

 

सरकारी नौकरी व मुआवजे की मांग
घटनास्थल पर सड़क जाम कर रहे परिजनों व आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक माघी के बेटे को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपए मुआवजा की मांग कर रहे थे। साथ ही शव उठाने देने की जिद पर पड़े थे। घटना की सूचना के बाद थाना प्रभारी शंकर ठाकुर, एएसआई नवीन कुमार सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंच कर जाम हटाने पर जुटे थे। सूचना के बाद डीएसपी प्राणरंजन भी मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी लेते हुए आक्रोशितों को समझाने में जुटे थे। मगर ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े थे। तब सूचना पाकर सीओ व बीडीओ मौके पर पहुंचे। फिर लोगों को आश्वासन देकर जाम हटाने की अपील की। साथ ही मौके पर अंतिम संस्कार के लिए 6100 रुपए अधिकारियों ने आपस मे चंदा कर दिया। इसके बाद जाम हटाया गया।

 

गोली मारकर हत्या की गई है, पुलिस मामले के उद्भेदन में जुटी है: थाना प्रभारी
घटना को लेकर थाना प्रभारी शंकर ठाकुर ने कहा कि राजमिस्त्री की गोली मारकर हत्या की गई है। हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस इसके उद्भेदन में जुटी है। मृतक के परिजनों द्वारा विगत सोमवार को घटित घटना की जानकारी हत्या के बाद दी गई है। साथ ही हत्याकांड में उग्रवादियों की संलिप्ता जाहिर की गई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर तहकीकात कर रही है। जल्द ही इसका उद्भेदन कर लिया जाएगा।

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