हादसा / प्लसर और स्कूटी की टक्कर में बैंक मैनेजर के बेटे की मौत, दो लोग घायल



मृतक की फाइल फोटो। मृतक की फाइल फोटो।
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मृतक की फाइल फोटो।मृतक की फाइल फोटो।

  • अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, दोनों घायलों का इलाज जारी

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 05:56 PM IST

गुमला. रांची के बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक अगस्तुस तिर्की के 24 वर्षीय पुत्र आलोक तिर्की की सड़क हादसे में मौत हो गई। आलोक न्यू दिल्ली में इंजिनियरिंग कर रहा था। फिलहाल गर्मी छुटटी में कुछ दिन पूर्व गुमला के रश्मि नगर स्थित अपने घर आया हुआ था। दोपहर में दो बजे के लगभग सिसई रोड में मौजूद अपने पिता को लाने के लिए स्कूटी में जा रहा था। इसी दौरान सिसई रोड स्थित उर्सुलाईन कॉन्वेंट स्कूल के आगे पल्सर बाइक से टक्कर हो गई। घटना में आलोक, प्लसर सवार 28 वर्षीय शिवशंकर प्रधान व 17 वर्षीय अर्जुन प्रधान घायल हो गए। इसके बाद घटनास्थल पर मौजूद आलोक के पिता व स्थानीय लोगों के सहयोग से तीनों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस को जानकारी दी गई। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सक सुचान मुंडा ने आलोक को मृत घोषित कर दिया।

 

अधिक खून बहने से हुई आलोक की मौत
चिकित्सक ने बताया कि आलोक को कान में गंभीर चोट लगी थी जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका था। इस कारण उसकी मौत हो गई। वहीं दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया। इधर, आलोक की मौत की सूचना पर बैंक ऑफ बड़ौदा गुमला के कर्मी, समाजसेवी रमेश कुमार चीनी व रिश्तेदार पहुंचकर शोकाकुल माता-पिता को ढ़ांढस बंधाते रहे। बाद में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जबकि दुर्घटनाग्रस्त दोनों गाड़ियों को पुलिस ने जब्त कर लिया है।

 

दाहिने तरफ से आ गया स्कूटी, ब्रेक नहीं लगने पर हो गई टक्कर
घायल शिव शंकर ने बताया कि उसकी गाड़ी की गति अधिक थी। दाहिने तरफ से स्कूटी में सवार आलोक सामने आ गया। ब्रेक नहीं लगने के कारण टक्कर हो गई। जिसमें वह अपने साथी के साथ बाइक सहित घसीटते हुए काफी दूर तक जाकर नाली में गिर गया। शिवशंकर ने बताया कि वे लोग बांसडीह अंतर्गत कोचा टोली से बेड़ो के नेहालो स्थित अपने गांव जा रहे थे। 

 

जब मदद के लिए घायल काे उठाया, तो दखा बेटा ही खून से लथपथ पड़ा है : पिता
आलोक के पिता ने बताया कि वह वेल्डिंग दुकान में दुकान खोलने के संदर्भ में कुछ सामान बनवा रहे थे। दोपहर का समय था, खाना खाने के लिए आलोक मुझे लेने आ रहा था। उन्होंने बताया कि बाइक की स्पीड बहुत ज्यादा थी। इसलिए दुर्घटना घटी। उन्होंने बताया कि उनके सामने दोनों गाड़ियां आपस में टकराई। तब वे किसी अन्य के घायल होने की सोंच रखते हुए घायल की मदद के लिए आगे आए। लेकिन जब मौके पर देखा, तो पाया कि उनका ही बेटा खून से लथपथ पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अस्पताल लाने के बाद करीब 15 मिनट तक स्ट्रेचर का इंतजार करना पड़ा। जिस कारण इलाज में देरी हुई। यदि समय पर इलाज शुरू होता, तो शायद बेटे की जान बच जाती। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी निर्मला तिर्की यूपी में सरकारी शिक्षिका है।

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