हजारीबाग की 30 करोड़ साल पुरानी अवसादी चट्टानें संकट में

Bhaskar News Network

Jan 14, 2019, 03:47 AM IST

Ranchi News - भूगर्भीय महत्व वाला दुर्लभ साइट दूधि नदी के अवसादी चट्टान (सेडिमेंटरी रॉक) का अस्तित्व खतरे में आ गया है। इस नाले...

Ranchi News - hazaribagh39s 300 million year old sedimentary rocks in trouble
भूगर्भीय महत्व वाला दुर्लभ साइट दूधि नदी के अवसादी चट्टान (सेडिमेंटरी रॉक) का अस्तित्व खतरे में आ गया है। इस नाले में ग्लेशियर के पिघलने के निशान पत्थर के रूप में मौजूद हैं। अवसादीकरण 30 करोड़ साल पहले हुआ था। यहां पत्थर इस बात के प्रमाण हैं कि इस क्षेत्र में ग्लेशियर था।

दूधिनाला में सेडिमेंटरी रॉक वाले स्थल पर पीएचईडी तीन गांव को जलापूर्ति करने के लिए इंटेक वेल और चेकडैम बना रहा है। चेकडैम के निर्माण से ग्लेशियर पिघलने के प्रमाण के रूप में बचे पत्थरों को तोड़कर हटाया जा रहा है। 10 फीट ऊंचे बांध बनने के बाद अवसादी चट्टान पूरी तरह जलमग्न हो जाएंगे। इसके बाद इन्हें देख पाना मुश्किल होगा। इस स्थल के महत्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ग्लेशियर पिघलने से निकली अवसादी चट्टानों को जानने समझने का भारत में चार दुर्लभ साइट मध्यप्रदेश का महेंद्रगढ़ और उमरिया, ओडिशा का तालचीर और झारखंड में जरवा-चरही स्थित दूधि नदी है। यहां पूरे देश के जियोलॉजी के विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। जियोलॉजिक सर्व ऑफ इंडिया के रांची यूनिट के निदेशक राजीव राय बताते हैं कि दुर्लभ साइट बर्बाद हो रहा है। विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग में मार्च 2020 में इंटरनेशनल जियोलॉजिकल कांग्रेस होना है। आयोजन जीएसआई, विभावि, टाटा स्टील और आइआइटी रूड़की के संयुक्त तत्वावधान में होना है। दुनिया भर से आनेवाले 25-30 डेलिगेट को दूधि नदी का ही विजिट कराया जाना है।

देश में चार दुर्लभ साइट हैं मप्र में महेंद्रगढ़-उमरिया, ओडिशा में तालचीर व झारखंड में दूधि नदी

भूगर्भ विज्ञान का खुला संग्रहालय है दूधि नाला साइट

विभावि भूगर्भ विज्ञान विभाग के एसोसिएसट प्रोफेसर डॉ. सुबोध कुमार सिन्हा बताते हैं दूधि नाला साइट भूगर्भ विज्ञान का खुला संग्रहालय है। विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षकों के लिए झारखंड में इकलौता स्थान है। इसमें कई प्रकार और आकार के अवसादी चट्टान साफ दिखते हैं। इस स्थान के पत्थर कई चरण में बाहर आए हैं। इसका प्राकृतिक अवस्था में संरक्षण जरूरी है।

क्या हैं सेडिमेंटरी रॉक

सेडिमेंटरी रॉक पत्थर का एक प्रकार है जो महासागरों के तल पर खनिज या कार्बनिक कणों के जमाव और बाद में सीमेंटेशन से बनते हैं। ग्लेशियर के पिघलने पर बर्फ में जमे पत्थर भी बहते हैं। बड़े पत्थर बहाव के शुरुआती स्थान में रह जाता है। छोटे पत्थर आगे पहुंचते और जमकर रह जाते हैं। दूधि नाला के पत्थर कोयला बनने की शुरूआती चरण के प्रमाण हैं। अवसादी चट्टानें क्रस्ट के ऊपर केवल एक पतली लिबास होती हैं जिसमें मुख्यतः आग्नेय और मेटामॉर्फिक चट्टानें होती हैं। अवसादी चट्टानें परतों में जमा हो जाती हैं, जिससे एक संरचना बन जाती है जिसे बिस्तर कहा जाता है। तलछटी चट्टानें कोयला, जीवाश्म इंधन, पीने के पानी या अयस्कों जैसे प्राकृतिक संसाधनों का भी महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

X
Ranchi News - hazaribagh39s 300 million year old sedimentary rocks in trouble
COMMENT