झारखंड / 25 साल बाद चक्रधरपुर में बाढ़, 800 लोग राहत शिविर में, सोनुआ में एक युवक बहा



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  • चाईबासा में 15 और सीकेपी में 207 एमएम बारिश, रांची रोड बंद, लालबाजार में नहर टूटने से शहर में बढ़ा पानी
  • प्रशासन नेे बांझीकुसुम पुल के डैमेज होने की स्थिति में एनएच 75 पर आवाजाही पर लगाई रोक

Dainik Bhaskar

Aug 19, 2019, 11:39 AM IST

चाईबासा/चक्रधरपुर. रविवार के दिन 1994 के बाद फिर से एक बार बाढ़ की विभीषिका का सामना करना पड़ा है। पहाड़ी नदियों के कारण संजय नदी में पानी की वृद्धि होने से बाढ़ आ गई है। जिसके प्रभाव में नदी किनारे रहने वाली कई बस्तियां डूब गईं हैं। इन प्रभावित इलाकों के करीब 800 लोगों को राहत शिविरों में प्रशासन ने रखा है। रविवार को जिले भर में बारिश हुई है। लेकिन चाईबासा शहर व आसपास में जहां रात भर में सिर्फ 60 एमएम बारिश हुई वहीं चक्रधरपुर व आसपास में 207.2 एमएम वर्षापात रिकार्ड किया गया है।

 

19 अगस्त तक सभी कोटि के स्कूलों में छुट्टी

इस बारिश के कारण चक्रधरपुर से बंदगांव के बीच एनएच पर कई पुलिया खतरे में हैं। देर शाम को एनएच प्रशासन ने बांझीकुसुम पुल के डैमेज होने की स्थिति में एनएच 75 पर आवाजाही होने से रोक लगा दी है। वहीं बारिश के गंभीर हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने अगले 19 अगस्त तक सभी कोटि के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। पहली बार चक्रधरपुर में एनडीआरएफ की टीम पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की बातें जिले के डीसी अरवा राजकमल ने कही है। सोनुवा में एक युवक के नदी में बह जाने की सूचना है। रविवार को सुबह बाढ़ का नजारा देख बुजुर्गों ने बताया कि 25 साल पहले जोरदार बाढ़ आई थी। कई बस्तियां डूब गई थीं।

 

बर्टन लेक के वोट काम आए, युवा बने हीरो
शहर में सुबह के सात बजे से आठ बजे तक अचानक नदी किनारे की बस्तियों में बाढ़ का पानी घुसने लगा। थाना पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। इसके बाद चक्रधरपुर के कई वार्ड पार्षद सक्रिय हो गए। युवा समाजसेवी देवदूत की तरह काम करने लगे। इस दौरान बर्टन लेक में रखे गये वोट का यूज किया गया। रविवार की सुबह अचानक आई बाढ़ में सूर्या एएनएम प्रशिक्षण स्कूल भी डूबा रहा। एएनएम स्कूल की 9 छात्राएं फंसी रहीं। उन्हें एनडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू कर निकाला।

 

नाकटी डैम की नहर टूटी सभी रास्ते बंद
सुबह सात बजे अचानक चक्रधरपुर में संजय नदी के किनारे की बस्तियों में पानी भर गया। इंदकाटा पुलिया डूब गई। इसके बाद कराईकेला साव टोला पानी से डूब गया। सोनुवा, चक्रधरपुर, चक्रधरपुर टोकलो जाने वाले रास्तों के पुल डूब जाने से रास्ते बंद हो गए। सुबह में नाकटी डैम की नहर लालबाजार के पास टूट जाने से पानी बढ़ गया।

 

ये बस्तियां डूबीं
कुदड़ीबाड़ी, भलियाकूदर, ढीपासाही, फातू काॅलोनी, दंदासाई, बंगलाटांड़ निचला इलाका, रिफ्यूजी कॉलोनी, सिंबाडीह, कराईकेला साव टोला आदि।

 

बारिश के कारण जेवियर नगर की छोटी पुलिया पर चढ़ा पानी
चाईबासा में पिछले 24 घंटे में शहर में 60.5 मिमी बारिश की वजह से रोरो नदी जहां दिनभर उफनाई रही, वहीं जेवियर नगर की छोटी पुलिया पर पानी चढ़ गया। वहीं नालियों के जाम रहने के कारण छोटा नीमडीह मोहल्ले में जल जमाव हो गया। इससे दो मकान 5 घंटे तक पानी से घिर गए। हालांकि नालियों को साफ करने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।

 

झाड़गांव में नदी पर पुलिया पार कर रहा युवक पानी की धार में बहा
इधर, सोनुआ-गोइलकेरा मुख्य सड़क में झाड़गांव और चांदीपोस के बीच स्थित पुलिया के ऊपर रविवार को दिनभर पानी बह रहा था। शाम तक भी इस पुलिया के ऊपर नदी का पानी बह रहा था। इस दौरान रविवार की देर शाम को चांदीपोस गांव निवासी 38 वर्षीय युवक राजू साहू पुलिया पार कर अपने घर जा रहा था। इस दौरान नदी के पानी की तेज धार में वह बह गया। राजू के पानी में बहने की घटना के बाद उसके परिजन, ग्रामीण और स्थानीय मुखिया केदारनाथ नायक द्वारा पानी में बहे आदमी की खोजबीन शुरू की गई। लेकिन घंटों तक खोजबीन करने के बाद भी राजू का पता नहीं चल पाया है। लोग अभी भी उसके खोजबीन में लगे हुए हैं।

 

40 फीट पुल डूबा, रेलवे भी अलर्ट
चक्रधरपुर सोनुवा रोड पर थाना के पास बना नया पुल 40 फीट ऊंचा है। ये पुल भी डूब गया है। वहीं रेलवे की पुल से 3 फीट नीचे पानी गुजर रहा था। इसके लिए रेलवे अलर्ट रही। सोनुवा चक्रधरपुर रोड पर थाना पुल, विक्रमपुर पुल, बनमालीपुर व हथिया पुल, इंदकाटा पुलिया डूब गई है।

 

एनडीआरएफ की टीम तैनात

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एहतियात बरती जा रही है। लोगों को ऊंचाई इलाका में ले जाकर राहत शिविर में रखा गया है। एनडीआरएफ की टीम तैनात है। आगे राहत कार्य जारी है। -अरवा राजकमल, डीसी, चाईबासा।

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