झारखंड / राज्य के हर जिले के एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज पूरी तरह होंगे सक्रिय, सीएम ने मुख्य सचिव को दिया निर्देश

हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो) हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो)
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हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो)हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो)

  • मुख्य सचिव ने प्रधान सचिव श्रम नियोजन एवं सभी डीसी से कहा- अपने जिलों के एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज को तुरत सक्रिय करें

दैनिक भास्कर

Jan 30, 2020, 07:18 PM IST

रांची. झारखंड में रोजगार के लिए सभी जिलों के रोजगार कार्यालय सक्रिय होंगे। इस संबंध में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्य सचिव डीके तिवारी को निर्देश दिया है। कहा गया है कि पूरे राज्य में जिला से लेकर प्रखंड तक नियोजनालय शिविरों में 16 वर्ष से अधिक वर्ष के रोजगार तलाश रहे युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाए। इसके बाद जल्द ही बेरोजगार युवक-युवतियों को सरकार की ओर से दी जाने वाली प्रस्तावित प्रोत्साहन राशि तथा उन्हें रोजगार के उपलब्ध अवसरों से जुड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा सकेगी।

मुख्य सचिव ने प्रधान सचिव श्रम नियोजन एवं सभी डीसी को दिया निर्देश
सीएम के निर्देश के बाद मुख्य सचिव डीके तिवारी ने प्रधान सचिव श्रम नियोजन राजीव अरुण एक्का के साथ सभी जिलों के उपायुक्त से कहा कि जिलों के रोजगार कार्यालयों को महत्वपूर्ण केंद्र बनाएं। रोजगार के लिये युवाओं को स्पष्ट पता रहे कि उन्हें कहां जाना है। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जिला और प्रखण्ड स्तर पर शिविर लगा कर बेरोजगार युवाओं का रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने प्रधान सचिव श्रम नियोजन से कहा कि वे जिलों में हो रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग करें। यह भी निर्देश दिया कि युवाओं का शिक्षा और कौशल सम्बन्धी जानकारी के आधार पर वर्गीकरण भी करें ताकि उनके लिए किस प्रकार के रोजगार और कौशल विकास की जरूरत है, उसके लिए कार्य किया जा सके।

झामुमो के घोषणा पत्र में था रोजगार का वादा
झारखंड विधानसभा चुनाव में रोजगार बड़ा मुद्दा रहा था। सभी पार्टियों ने अपने घोषणा पत्र में रोजगार देने का वायदा किया था। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने घोषणा पत्र में नौकरी नहीं मिलने तक सभी बेरोजगार स्नातक को 5 हजार व स्नातकोत्तर को 7 हजार रुपए का भत्ता दिए जाने की बात कही थी। वहीं इंटर पास के बाद सभी स्थानीय युवाओं को 4 लाख रुपए तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड भी दिए जाने की घोषणा की गई थी। साथ ही झामुमो ने घोषणा पत्र में सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण देने, निजी क्षेत्रों में 75 फीसदी स्थानीय लोगों को नौकरी देने, महिलाओं को सरकारी नौकरी में 50 प्रतिशत आरक्षण देने, सभी गरीब परिवार को 72 हजार रुपए वार्षिक अनुदान तथा 25 करोड़ तक की सरकारी निविदा झारखंड के लाेगाें काे दिए जाने का भी वादा किया था। साथ ही सरकार बनने के दो साल के अंदर 5 लाख झारखंडी युवकों को नौकरी देने की भी बात कही गई थी। 

सरकार में शामिल कांग्रेस ने किया था वादा
हेमंत सरकार में शामिल कांग्रेस ने भी रोजगार का वादा अपने घोषणा पत्र में किया था। कांग्रेस के घोषणा पत्र के मुताबिक, परिवार के एक व्यक्ति को जब तक नौकरी नहीं मिलती है, तब तक एक सदस्य को बेरोजगारी भत्ता दिए जाने की बात कही गई थी।

पंचम झारखंड विधानसभा के पहले सत्र में उठा था रोजगार का मुद्दा
पंचम विधानसभा के पहले सत्र के दौरान सदन में रोजगार का मुद्दा उठा था। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष के लोबिन हेम्ब्रम और विपक्ष भानू प्रताप शाही के बीच तू-तू मैं-मैं हुई थी। झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने कहा था कि बाहर से आए लोगों के बच्चों को नहीं बल्कि यहां के लोगों को प्रमुखता से पहले नौकरी मिलनी चाहिए। इसके बाद विपक्ष के विधायक भानू प्रताप शाही और लोबिन हेम्ब्रम के बीच तू-तू मैं-मैं होने लगी। भानू प्रताप शाही ने कहा था कि हेमंत सरकार ने सरकार बनने के छह महीने बाद पांच लाख नौकरी की बात कही थी, हम छह महीने इंतजार करेंगे। इसके बाद लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि सभी बेरोजगारों को नौकरी दी जाएगी, फिर शाही ने कहा कि आपने नौकरी देने से पहले भत्ता की बात भी कही थी। इसके बाद लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि हेमंत सरकार कृतसंकल्पित है कि सभी बेरोजगारों को नौकरी दी जाएगी।

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