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सीएए और लोहरदगा हिंसा पर सदन में हंगामा, सीएम बोले सदन को मछली बाजार न बनाएं

5 महीने पहले
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प्रदर्शन करते भाजपा विधायक।
  • बंधु तिर्की बोले, कोरोना से खतरनाक है सीएए व एनआरसी वायरस, सरकार इसे निरस्त करें
  • हंगामा करते हुए वेल में पहुंचे विपक्ष के विधायक, कहा- सदन से निलंबित किए जाएं विधायक
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रांची. सीएए और लोहरदगा हिंसा पर मंगलवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के वेल में प्रदर्शन, नारेबाजी और शोरगुल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सदन को मछली बाजार न बनाएं। एक-एक कर बोलें तो, जवाब भी देने में सुविधा होगी। पर, पक्ष-विपक्ष किसी पर भी इस बात का प्रभाव न पड़ा।


विपक्ष ने वेल में आकर प्रदर्शन और नारेबाजी की तो सत्ता पक्ष के विधायक भी अपनी सीट से खड़े होकर विपक्ष का विरोध किया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बंधु तिर्की ने कहा कि कोरोना से भी खतरनाक है सीएए, एनआरसी और एनपीआर का वायरस। सरकार इसे निरस्त करे। बंधु ने इस पर चर्चा कराने की मांग की। बंधु के विरोध में भाजपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। 


भानु प्रताप शाही ने कहा कि किसी भी कानून को वायरस कहना निंदनीय है। यह कानून संवैधानिक तौर पर पारित होकर देश में आया है। इसे वायरस कहना अपमानजनक है। इसके लिए बंधु तिर्की पर कार्रवाई हो। उन्हें सदन से निलंबित किया जाए। इसके बाद भाजपा विधायक अनंत ओझा ने लोहरदगा में सीएए समर्थकों पर हुए हमला के मामले पर कार्य स्थगन लाया, जिसे स्पीकर ने अमान्य कर दिया। इसके विरोध में भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया और पोस्टर लेकर वेल में घुस गए। इसके पूर्व में सदन के बाहर भाजपा विधायकों ने इस मसले पर प्रदर्शन किया था। भाजपा विधायक लोहरदगा हिंसा की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में करने की मांग कर रहे थे। 

ज्वलंत मुद्दों पर चुप कैसे बैठ सकते हैं भाजपा विधायक : बाबूलाल मरांडी
भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उन्होंने कहा था कि प्रतिपक्ष के नेता के मुद्दे पर भाजपा विधायक वेल में नहीं आएंगे, यह नहीं कहा था कि वे कोई दूसरा मुद्दा नहीं उठा सकते हैं। मरांडी ने कहा कि किसी ज्वलंत मुद्दों पर भाजपा विधायक कैसे चुप बैठ सकते हैं। हमने लोहरदगा जाकर वहां की हकीकत देखी है कि किस प्रकार प्रशासन ने वहां काम किया है। सदन में तो यह मामला उठाया ही जाएगा। बाबूलाल ने कहा कि सभी चाहते हैं कि सदन चले। ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हो। उन्होंनें कहा कि स्पीकर नियमन दें कि एक दिन लोहरदगा और चाईबासा हिंसा पर चर्चा हो। स्पीकर ने कहा कि इस संबंध में विचार किया जाएगा। इसके बाद हंगामा शांत हुआ और प्रश्नकाल चला।



वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति पर सरकार जल्द लेगी निर्णय : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने पर विचार कर रही है। इसकी समाप्ति पर सरकार जल्द निर्णय लेगी। इस पर काम हो रहा है। प्रशासनिक सुधार की पहल की गई है। कई सारी खामियां मिल रही हैं, जिनसे हम बहुत जल्द निजात पाएंगे। जो भी मानदेय पर हैं, कांट्रेक्ट पर हैं, उन सभी का अवलोकन हो रहा है। जल्द ही इन्हें खत्म करने का निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को विधानसभा में यह बात कही। कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह के अल्पसूचित सवाल पर वे बोल रहे थे। स्टीफन मरांडी ने भी कहा कि यह एक कोढ़ की तरह है, इसे समाप्त किया जाना चाहिए।


दीपिका की अनुपस्थिति में कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने उनका सवाल सदन में रखा था। सवाल में कहा गया था कि राज्य में वित्त रहित इंटरमीडिएट कालेज, स्थापना अनुमति प्राप्त उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय व मदरसा सहित 1250 शिक्षण संस्थान के लिए अनुदान दिया जाता है। इन संस्थानों के शिक्षक व कर्मी वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। सरकार से सवाल किया गया था कि क्या उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त कर सेवा शर्त नियमावली बनाकर सभी वित्त रहित शिक्षक व कर्मियों की सेवा सरकारी संवर्ग में करते हुए वेतनमान देने का विचार रखती है। विधायक प्रदीप यादव ने भी कहा कि सरकार इस संबंध में कोई नीतिगत फैसला ले। स्टीफन मरांडी ने कहा कि हम लगातार इसे खत्म करने की मांग कर रहे हैं। यह एक कोढ़ की तरह है। अनुदान पर काफी कम पैसे में शिक्षक पढ़ा रहे हैं। वे अपना ही नहीं बल्कि छात्रों का जीवन भी बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त किया जाना चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने कहा, ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं 
शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने अपने जवाब में कहा था कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। संस्थानों का वित्त सहित कर सरकारी संवर्ग के समान वेतन देने का कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। राज्य गठन के पूर्व 813 सरकारी माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित थे। वर्तमान में राज्य में राज्य में कुल 2694 सरकारी विद्यालय संचालित हैं, जिसमें 863 विद्यालयों में प्लस टू स्तर तक पढ़ाई होती है। इसलिए वित्त रहित संस्थानों को वित्त सहित कर सरकारी संवर्ग के समान वेतन देने का कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।



लक्ष्य बाधक नहीं होगा, सभी विधवाओं को मिलेगा पेंशन : जोबा मांझी
महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा मांझी ने कहा है कि 18 वर्ष से ऊपर की सभी विधवाओं को विधवा पेंशन की राशि दी जाएगी। विधवाओं के पेंशन के लिए तय लक्ष्य इसमें बाधक नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में कमी नहीं होगी। छात्रावासों की स्थिति में सरकार सुधार लाएगी। रसोइया के रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। साथ ही कल्याण विभाग के छात्रावासों में अनावश्यक रूप से रहनेवाले लोगों या छात्रों को हटाया जाएगा। जोबा मांझी महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का विधानसभा में मंगलवार को जवाब दे रही थी। सभी विधवाओं को पेंशन दिये जाने के सरकार के अाश्वासन के बाद माले विधायक विनोद कुमार सिंह ने अपना कटौती प्रस्ताव वापस ले लिया। विपक्ष के बहिष्कार के बीच उपरोक्त विभागों की अनुदान मांग ध्वनि मत से पारित भी हो गया। विनोद सिंह का कहना था कि 18 वर्ष से ऊपर की सभी विधवा को पेंशन दिया जाना है, लेकिन लक्ष्य तय कर दिये जाने के कारण काफी संख्या में विधवाओं के अावेदन पर विचार नहीं हो पाता है। इसलिए लक्ष्य की बाध्यता को समाप्त कर दी जानी चाहिए।

सदन में अादिवासी विकास के नाम पर अब राजनीति नहीं होनी चाहिए : केदार हाजरा
भाजपा विधायक केदार हाजरा ने कटौती प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि अब इस सदन में अादिवासी विकास की राजनीति नहीं होनी चाहिए। ईसाई मिशनरियां या अन्य संस्थाएं अपने अपने क्षेत्र में काम करती है। इसको लेकर अगर सदन में हम उलझेंगे तो एसटी,एससी या अल्पसंख्यकों का विकास नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सदन में 37 सदस्य अारक्षित सीट से जीत कर अाते हैं। राज्य बनने के बाद एक बार छोड़ कर अादिवासी ही मुख्यमंत्री बनते रहे। एक ही परिवार के सदस्य तीन-तीन बार मुख्यमंत्री बनें। अादिवासी विकास की बात करने वाले लोबिन हेंब्रम को यह भी याद रखना चाहिए कि दिल्ली में झारखंड को किसने बेचा। इसलिए सिर्फ जनता से किये वादे को लेकर सत्ता में अानेवाले लोगों को उन वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कटौती प्रस्ताव पर हुई चर्चा में अंबा प्रसाद, अपर्णा सेनगुप्ता व अन्य सदस्यों ने भी हिस्सा लिया।

कोरोना वायरस को लेकर विधानसभा का दर्शक दीर्घा बंद
कोरोना वायरस पर सतर्कता बरतते हुए विधानसभा का दर्शक दीर्घा बंद कर दिया गया है। मंगलवार को दर्शक दीर्घा में किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने सोमवार को ही दर्शक दीर्घा में प्रवेश नहीं देने का निर्देश दिया था। हालांकि बाकी जगहों पर पूर्व की ही भांति सभी को प्रवेश की अनुमति थी।

कांग्रेस के कोनगाड़ी मुख्य सचेतक और पूर्णिमा सचेतक
कांग्रेस ने सदन में विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी को मुख्य सचेतक और पूर्णिमा सिंह को सचेतक बनाया है। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने मंगलवार को सदन में यह घोषणा की।

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