पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Jharkhand
  • Ranchi
  • Raghubar Das Hemant Soren | Hemant Soren, Jharkhand CM Tenure Latest News Updates On Raghubar Das, Arjun Munda, Shibu Soren, Sudesh Mahto, Babulal Marandi

शिबू सोरेन 3 बार में 10 महीने 5 दिन सीएम रहे, यह हेमंत के 1 कार्यकाल से कम; पिता-पुत्र रघुवर दास से आधे समय ही मुख्यमंत्री रहे

7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
शिबू सोरेन के साथ हेमंत सोरेन। 23 दिसंबर 2019 की तस्वीर जब नतीजों में जनता ने गठबंधन को पूर्ण बहुमत दिया था।
  • शिबू सोरेन के अलावा अर्जुन मुंडा तीन बार संभाल चुके हैं झारखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी
  • हेमंत के पिता शिबू सोरेन देश के पहले ऐसे नेता जो मुख्यमंत्री रहते हुए उपचुनाव में हारे थे

रांची. हेमंत सोरेन ने शनिवार को झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री के रूप पद एवं गोपनियता की शपथ ले ली। इससे पहले 19 साल के झारखंड में चार बार सोरेन परिवार का सदस्य मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ चुका है। ये पांचवां मौका होगा जब सोरेन परिवार का कोई सदस्य मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा। शिबू सोरेन 3 बार में 10 महीने 5 दिन मुख्यमंत्री रहे। उनके तीनों कार्यकाल हेमंत के 1 कार्यकाल से भी कम है। शिबू और हेमंत सोरेन के चारों पारियों को जोड़ दिया जाए तो सोरेन परिवार ने 27 महीने 10 दिन तक झारखंड की कमान संभाली है। सोरेन परिवार का चार कार्यकाल पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की दो पारियों से भी कम है। अर्जुन मुंडा पहली बार दो साल के लिए, जबकि दूसरी बार डेढ़ साल के लिए मुख्यमंत्री रहे थे।

कब-कब शिबू सोरेन बने झारखंड के मुख्यमंत्री
तीन बार के कार्यकाल में शिबू सोरेन को 10 महीना 10 दिन राज्य की कमान को संभालने का मौका मिला। शिबू सोरेन पहली बार दो मार्च 2005 को झारखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे। वे दो मार्च से 12 मार्च यानी की सिर्फ 10 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद शिबू सोरेन दूसरी बार 28 अगस्त 2008 को झारखंड के मुख्यमंत्री बने। इस बार उन्हें पांच महीने तक झारखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का मौका मिला। उन्होंने 18 जनवरी 2009 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। फिर तीसरी बार 30 दिसंबर 2009 को शिबू सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने। इस बार फिर उन्हें पांच महीने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का मौका मिला। उन्होंने 31 मई 2009 को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

मुख्यमंत्री रहते उपचुनाव हारे थे शिबु सोरेन
28 अगस्त 2008 को जब शिबु सोरेन ने दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे तब वे दुमका से सासंद हुआ करते थे। मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए उन्हें उपचुनाव जीतकर विधायक बनना था। छह महीने के अंदर हुए उपचुनाव में शिबू सोरेन तमाड़ विधानसभा सीट से उपचुनाव हार गए थे। इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से 18 जनवरी 2009 को इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद झारखंड में पहली बार राष्ट्रपति शासन लगा था। 

पहली पारी में 17 महीने की सरकार चला चुके हैं हेमंत सोरेन
हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री के रूप में पहली पारी में 17 महीने की सरकार चला चुके हैं। हेमंत सोरेन पहली बार 13 जुलाई 2013 को राज्य की कमान संभाली थी। उन्होंने 17 महीने के बाद यानी 23 दिसंबर 2014 को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। पिता और पुत्र के चारों कार्यकाल को जोड़ दिया जाए तो कुल मिलाकर सोरेन परिवार 27 महीने 10 दिन झारखंड के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाल चुका है।

तीन बार में पांच साल आठ महीने मुख्यमंत्री रहे हैं अर्जुन मुंडा
नवंबर 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड बनने के बाद पहले मुख्यमंत्री के रूप में बाबूलाल मरांडी ने प्रदेश की कमान संभाली थी। उस वक्त डोमिसाइल नीति को लेकर राज्य सरकार में अस्थिरता का माहौल बनने लगा था जिसके बाद भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन कर बाबूलाल की जगह अर्जुन मुंडा को राज्य की कमान सौंप दी थी। अर्जुन मुंडा को तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। पहली बार अर्जुन मुंडा 18 मार्च 2003 से दो मार्च 2005 तक, दूसरी बार 12 मार्च 2005 से 18 सितंबर 2006 तक और तीसरी बार 11 सितंबर 2010 से 18 जनवरी 2013 तक मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला है।

19 साल के झारखंड में तीन बार लग चुका है राष्ट्रपति शासन
15 नवंबर 2000 को अलग झारखंड राज्य बनने के बाद सामान्य शासन और राष्ट्रपति शासन रहा। छह नेता कुल 10 बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। बाबलाल मरांडी, मधु कोड़ा, हेमंत सोरेन और रघुवर दास एक एक बार और अर्जुन मुंडा तथा शिबू सोरेन तीन-तीन बार मुख्यमंत्री बने। राज्य में लगभग 20 महीनों तक तीन बार राष्ट्रपति शासन भी रहा। राष्ट्रपति शासन के लगभग 20 महीनों का कार्यकाल हटा दिया जाये तो राज्य निर्माण के पूरे होने जा रहे 19 वर्षों में 17 वर्ष सामान्य शासन रहा। झारखंड में पहली बार राष्ट्रपति शासन 19 जनवरी 2009 से लेकर 29 दिसंबर 2009 यानी 11 महीने तक लगा रहा। इसके बाद 1 जून 2010 को झारखंड में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन लगा जो 10 सितंबर 2010 तक यानी साढ़े तीन महीने तक रहा। तीसरी बार राष्ट्रपति शासन 18 जनवरी 2013 से लेकर 13 जुलाई 2013 तक यानी छह महीने रहा।

निर्दलीय विधायक मधु कोड़ा ने भी संभाली है कमान
12 मार्च 2005 से 18 सितंबर 2006 तक यानी डेढ़ साल तक राज्य की कमान संभालने के बाद अर्जुन मुंडा की सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसके बाद कांग्रेस, राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मिलकर निर्दलीय मधु कोड़ा को मुख्यमंत्री बनाया था। इस दौरान झारखंड में करोड़ों रुपए की लूट हुई थी। इस लूट की चर्चा देश से लेकर विदेश स्तर तक हुई थी। 
 
रघुवर दास पहले ऐसे मुख्यमंत्री जिन्होंने पांच साल तक संभाली कमान
19 साल के झारखंड में रघुवर दास ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं जिन्होंने लगातार पांच साल तक सरकार चलाई है। ऐसा करने वाले वे झारखंड के पहले मुख्यमंत्री हैं। रघुवर दास ने 23 दिसंबर 2014 को राज्य की कमान संभाली थी। 2019 के विधानसभा चुनाव में हारने के बाद 23 दिसंबर को उन्हें मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज कोई भूमि संबंधी खरीद-फरोख्त का काम संपन्न हो सकता है। वैसे भी आज आपको हर काम में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। इसलिए पूरी मेहनत से अपने कार्य को संपन्न करें। सामाजिक गतिविधियों में भी आप...

और पढ़ें