कैबिनेट बैठक / आठ लाख तक आय वाले असाध्य रोगियों को मिलेगी पांच लाख तक की सहायता

कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते कैबनेट सेकेट्री अजय कुमार सिंह। कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते कैबनेट सेकेट्री अजय कुमार सिंह।
X
कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते कैबनेट सेकेट्री अजय कुमार सिंह।कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते कैबनेट सेकेट्री अजय कुमार सिंह।

  • मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना में किए गए इस संशोधन पर कैबिनेट ने स्वीकृति दी
  • 28 फरवरी से 28 मार्च तक विधानसभा का बजट सत्र पुराने विधानसभा भवन में होगा आयोजित

दैनिक भास्कर

Feb 11, 2020, 06:58 PM IST

रांची.  राज्य सरकार आठ लाख तक आय वाले असाध्य रोगियों (सभी तरह के कैंसर, किडनी प्रत्यारोपण एवं लीवर की गंभीर बीमारी और एसीड अटैक से पीड़ित) को पांच लाख रुपए तक अार्थिक सहायता मुहैया करायेगी। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना में किए गए इस संशोधन पर कैबिनेट ने मंगलवार को अपनी स्वीकृति दी। पहले 72 हजार रुपए तक वार्षिक योजना वाले लोगों को ही यह मदद मिलती थी। शर्त के अनुसार उस व्यक्ति की तीन वित्तीय वर्षों में प्रति वर्ष आठ लाख रुपए से अधिक आय नहीं होनी चाहिए। पांच लाख रुपए से ज्यादा मदद की जरूरत पर फिर कैबिनेट की स्वीकृति लेनी होगी।

अंचलाधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र मान्य होगा। जिला स्तर पर असाध्य रोगियों की मदद के लिए सिविल सर्जन की अध्यक्षता में एक कमेटी होगी। इसमें विधायक या जनप्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। कमेटी रोगी के आवेदन पर विचार करने के बाद संबद्ध अस्पताल से सीजीएचएस रेट की मांग करेगा। उस मांग के अनुरूप रोगी के इलाज के लिए आरटीजीएस या बैंक एकाउंट के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। एसीड अटैक के रोगियों के मामले में आय की सीमा और इलाज पर खर्च होनेवाली राशि की कोई सीमा नहीं रहेगी। असाध्य रोगियों के इलाज के लिए राज्य सरकार ने कुल 41 अस्पतालों को चिन्हित किया है।

तीन मार्च को पेश होगा बजट
पंचम विधानसभा का द्वितीय बजट सत्र 28 फरवरी से प्रारंभ होकर 28 मार्च तक पुराने विधानसभा में चलेगा। तीन मार्च को सदन में वित्तीय वर्ष 2020-21 का अाम बजट पेश किया जाएगा। होली को लेकर सात मार्च से 11 मार्च तक सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। कुल 19 कार्य दिवस होंगे।

अनियमित रूप से नियुक्त एक कर्मी की सेवा नियमित
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में बनी झारखंड में अनियमित रूप से नियुक्त या कार्यरत संशोधन नियमावली 2019 के तहत स्वर्णरेखा परियोजना के भंडारपाल सुरेंद्र प्रसाद को निम्नवर्गीय लिपिक पद पर सेवा नियमित करने पर कैबिनेट ने स्वीकृति दी। प्रसाद को तत्कालीन अधीक्षण अभियंता द्वारा नियुक्त किया गया था, जो सक्षम प्राधिकार थे और उनकी सेवा 10 वर्ष से अधिक हो चुकी थी।

अन्य फैसले
झारखंड विधानसभा के प्रथम और विशेष सत्र में राज्यपाल द्वारा दिये गये अभिभाषण पर घटनोत्तर स्वीकृति। विधानसभा चुनाव 2019 में प्रतिनियुक्त केंद्रीय सशस्त्र बल और राज्यों के सशस्त्र बल के मानदेय भुगतान के लिए जेसीएफ से दी गयी 12.27 करोड़ की राशि की घटनोत्तर स्वीकृति।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना