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प्लानिंग / रांची की घरेलू बिजली लाइनें भी होंगी अंडरग्राउंड, 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे



Home electric lines will also be underground
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Home electric lines will also be underground
  • आंधी-पानी के दौरान होने वाले लोकल फॉल्ट और हादसों से निजात मिलेगी
  • अभी आरएपीडीआरपी योजना का चल रहा है मुख्य सड़कों पर काम

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 11:55 AM IST

कौशल आनंद, रांची. रांची में अब घरेलू बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। अगले दो महीने में राजधानी की गली-मुहल्लों से बिजली के तारों और पोल को हटाने का काम शुरू हो जाएगा।

 

इसे पूरा करने में 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे। राजधानी के गली-मुहल्लों में अंडरग्राउंड केबिलंग के बाद आंधी-पानी के दौरान होने वाले लोकल फॉल्ट और हादसों से निजात मिलेगी। अभी जरा सी आंधी आते ही घंटों बिजली गुल हो जाती है।   इससे पहले आरएपीडीआरपी योजना के तहत मुख्य सड़कों की बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने का काम चल रहा है। यह काम फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है। 

 

फिलहाल ये काम हो रहे हैं : फिलहाल रांची में आरएपीडीआरपी के तहत 11 केवी और 33 केवी लाइनों को अंडरग्राउंड करने का काम चल रहा है। 30 किमी 33 केवी लाइन और 11 केवी का 107 किमी लाइन को अंडरग्राउंड किया जा रहा है।  साथ ही, 10 नए सबस्टेशन निर्माण, 9 पुराने सबस्टेशनों का सुधार किया जा रहा है। 33 केवी नई लाइन 18 किमी और 33 केवी लाइन की मरम्मत 31 किमी तक की जा रही है। पूरी योजना पर 395.26 करोड़ खर्च होंगे।

 

अौर अब इसमें ये काम भी जुड़े : ग्रामीण क्षेत्रों के लिए तैयार झारखंड संपूर्ण बिजली आच्छादन योजना से रांची को जोड़ा गया है। इसके तहत रांची के 11 केवी की घरेलू बिजली सप्लाई की लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। राज्य सरकार योजना पर 300 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

 

अभी 25 से 30 फीसदी बचा है काम : रांची में आरपीडीआरपी योजना का काम 25 से 30 फीसदी बचा है। यह फरवरी-मार्च तक पूरा हाेगा।कई ऐसे मुहल्ले हैं जहां ट्रांसफार्मर तो लगा दिए गए हैं, लेकिन अभी तक लाइन नहीं जोड़ी गई है। कई क्षेत्रों में अंडरग्राउंड केबल बाकी है।

 

क्या है 11 केवी और एलटी लाइन : सबस्टेशनों से निकलकर 11 केवी की लाइन गली-मुहल्ले के ट्रांसफार्मर तक पहुंचती है। ट्रांसफार्मर में 11 केवी का पावर एलटी में तब्दील होता है। इसके बाद ट्रांसफार्मर से एलटी लाइन से घरों में बिजली जाती है।

 

अंडरग्राउंड केबलिंग से न केवल बिजली चोरी रुकेगी, बल्कि आंधी-तूफान में लोकल फॉल्ट कम होंगे। यह ग्रामीण क्षेत्रों की योजना है, लेकिन इसमें रांची शहर को शामिल कर लिया गया है। -अजीत कुमार, एसई, रांची सर्किल

 

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