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रांची / रिटायरमेंट से पहले मेड इन इंडिया ट्रेन का सपना पूरा हुआ : सुधांशु मनी



ट्रेन-18  के जनक आईसीएफ चेन्नई के जीएम सुधांशु मनी ट्रेन-18 के जनक आईसीएफ चेन्नई के जीएम सुधांशु मनी
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ट्रेन-18  के जनक आईसीएफ चेन्नई के जीएम सुधांशु मनीट्रेन-18 के जनक आईसीएफ चेन्नई के जीएम सुधांशु मनी

  • ट्रेन 18 के जनक आईसीएफ चेन्नई के जीएम सुधांशु मणि से दैनिक भास्कर की विशेष बातचीत
  • प्रपोजल लेकर मैं रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड चेयरमैन के पास गया, तो उन्होंने प्रोत्साहित किया

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 11:51 AM IST

नितिन चौधरी, रांची. ट्रेन-18  के जनक आईसीएफ चेन्नई के जीएम सुधांशु मनी हैं। अपने रिटायरमेंट से 2 महीने पहले 16 कोच की ‘ट्रेन-18’ देश को समर्पित कर दिया। दैनिक भास्कर से बात करते हुए सुधांशु मनी ने कहा कि आईसीएफ चेन्नई में जीएम बनने का मकसद पूरा हो गया। क्योंकि एक ट्रेन बनाने का सपना लंबे समय से चल रहा था, जिसे आईसीएफ के रेलकर्मियों के सहयोग से कम समय में पूरा किया जा सका।

 

दिसंबर 2018 में रिटायर होने से पहले इस ट्रेन को देश को समर्पित करना चाहता था, जिसे हम लोगों ने 18 महीने में पूरा कर दिया। इस ट्रेन यह साबित कर दिया है कि जापान, चाइना और फ्रांस में जिस तरह की ट्रेनें  बनाई जा रही हैं, वैसी ट्रेन इंडिया भी बना सकता है और ट्रेन 18  इसका उदाहरण है। इस ट्रेन में लगे सारे उपकरण मेड इन इंडिया हैं। आने वाले पांच सालों में ट्रेन-18  देश के कई हिस्सों में दिखेगी। जब यह प्रपोजल लेकर मैं रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड चेयरमैन के पास गया, तो उन्होंने प्रोत्साहित किया और कभी पैसे की समस्या नहीं आने दी।
 

 

सवाल : आपको ट्रेन-18 का जनक माना जाता है, मन में कब ख्याल आया कि इस तरह की ट्रेन भी बनाई जा सकती है?
जवाब : आईसीएफ चेन्नई का जीएम बनने से पहले ही एक ट्रेन बनाने का सपना देख रहा था। यह सपना तब पूरा होता, जब हम आईसीएफ में रहते। दो साल पूर्व जब मुझे आईसीएफ चेन्नई का जीएम मनाया गया, तो बिना समय गंवाए आईसीएफ के डिजाइनर और रेल कर्मियों की मदद से इस ट्रेन को बनाने का काम शुरू कर दिया।

 

सवाल : 16 कोच की एसी ट्रेन को ट्रेन-18  का नाम क्यों दिया गया?
जवाब : ट्रेन को बनाने में मात्र 18 महीने का वक्त लगा, इसलिए इसका नाम ट्रेन-18  रखा गया है। यह ट्रेन 16 कोच वाली है।

 

सवाल : इस ट्रेन की खासियत क्या है, जो इसे दूसरों से बिल्कुल अलग करता है?
जवाब : इस ट्रेन के सारे उपकरण बोगियों के फ्लोर के नीचे लगे हुए हैं। ट्रेन के इंजन के पार्ट्स हों या एसी के उपकरण।

 

सवाल : क्या 20 डिब्बे की ईएमयू ट्रेन बनाएगा आईसीएफ? 
जवाब : भविष्य में 20 डिब्बे की ईएमयू ट्रेन दौड़ते हुए दिखेंगी। अभी फिलहाल 4, 8, 12 और 16 डिब्बे की ईएमयू उपलब्ध है। 

 

सवाल : चूहों का  आतंक रहता है ट्रेनों में, इसे रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
जवाब : ट्रेन की बोगी के अंदर गैप को बंद किया जा रहा है। कई जगह से केबल बोगी में जाते हैं। वहां के गैप को इस तरह से बंद किया जा रहा है कि कोई भी चूहा प्रवेश नहीं कर सके।

 

सवाल : आप अब तक 175 रेल कर्मियों को नौकरी से निकाल चुके हैं, लेकिन क्यों?
जवाब : हां यह बात सही है कि मैंने 175 लोगों को नौकरी से निकाला है। इनमें चार ऐसे लोग हैं जिनकी एक दिन में ही नौकरी से छुट्टी कर दी। रेलवे को वैसे लोगों की जरूरत नहीं है जो काम नहीं कर सकें।

 

सवाल : आने वाले दो-तीन सालों में आईसीएफ क्या नया प्रोडक्शन करेगा?
जवाब : रेलवे एल्युमिनियम  बॉडी की बोगी बनाने पर विचार कर रहा है। एक विदेशी कंपनी से एक दो बोगी मंगाकर सीखेंगे। एल्युमिनियम  की बोगी बनाना रेलवे के लिए एक बड़ा चैलेंज है। आने वाले समय में एल्युमिनियम  की बोगी रेलवे ट्रैक पर दिखेंगी।

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