विरोध / 16 जनवरी से काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे झारखंड प्रशासनिक सेवा के अफसर, विधि-व्यवस्था कार्य का करेंगे बहिष्कार



समाहरणालय में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पदाधिकारियों की बैठक। समाहरणालय में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पदाधिकारियों की बैठक।
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समाहरणालय में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पदाधिकारियों की बैठक।समाहरणालय में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पदाधिकारियों की बैठक।

  • 15 जनवरी तक सरकार द्वारा ठोस सकारात्मक कार्रवाई की मांग की गई थी

Dainik Bhaskar

Jan 11, 2019, 08:01 PM IST

रांची. झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ (झासा) अपनी 15 सूत्री मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को समाहरणालय में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पदाधिकारियों ने बैठक किया। इसकी अध्यक्षता कर रहे झासा के कार्यकारी अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता में कहा कि 15 जनवरी तक का समय सरकार को दिया गया था, लेकिन अब 20 जनवरी तक समय दिया जा रहा है। इस बीच 16 से 20 जनवरी तक सभी पदाधिकारी काला बिल्ला लगाकर वर्क टू रूल व विधि व्यवस्था का बहिष्कार करेंगे। 20 जनवरी को रांची में आमसभा बुलाई गई है, जिसमें सभी जिला के पदाधिकारी शामिल होंगे। इस बीच अगर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जाता है, तो सभी पदाधिकारी हड़ताल पर चले जाएंगे। 

सीएम व मुख्य सचिव से भी मुलाकात का लाभ नहीं

  1. झासा की ओर से चार जनवरी को मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपी गई थी। जिसमें 15 जनवरी तक सरकार द्वारा ठोस सकारात्मक कार्रवाई की मांग की गई थी। इस संबंध में झासा के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा की अपनी मांगों को लेकर दो बार सीएम, तीन बार मुख्य सचिव और पांच-छह बार कार्मिक सचिव से भी मुलाकात की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 

  2. क्या होगी परेशानी

    झासा के हड़ताल पर चले जाने से प्रखंड से लेकर जिला स्तर व विभाग का काम पूरी तरह से प्रभावित होगा। अंचलाधिकारी नहीं रहेंगे तो प्रमाण पत्र नहीं बनने के साथ जमीन संबंधित सभी कार्य बंद हो जाएंगे। वहीं, बीडीओ के नहीं रहने पर प्रखंड स्तर पर विकास का काम पूरी तरह से रूक जाएगा। वहीं, जिला और विभाग में कार्य पूरी तरह से ठप हो जाएगा।

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