भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट / डालटनगंज: चौरसिया, नामधारी और त्रिपाठी इस बार भी होंगे आमने-सामने



Jharkhand Assembly Election: Bhaskar Ground Report from Daltonganj
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Jharkhand Assembly Election: Bhaskar Ground Report from Daltonganj

  • तीन चुनाव में तीन परिवारों में होती रही जोर आजमाइश, एक बार फिर कांटे की टक्कर
  • विधानसभा क्षेत्र का सबसे बड़ा मुद्दा- सड़क-सिंचाई, पानी और पलायन होगा

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 01:11 AM IST

राणा अरुण सिंह (डालटनगंज). विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ चौक-चौराहों पर राजनीतिक चौपाल जमने लगी है। इस बार बड़ा सवाल है... मतदाताओं की पहली पसंद कौन और चर्चा में हैं तीन परिवार...नामधारी, चौरसिया व त्रिपाठी। पिछले तीन चुनाव से मुकाबला इन्हीं के बीच रहा है।  दल कोई भी हो, प्रत्याशी तीनों परिवाराें से जरूर रहेंगे।


पलामू के दिग्गज नेता इंदर सिंह नामधारी की जगह उनके बेटे दिलीप सिंह नामधारी ने ली है तो अनिल चौरसिया के बेटे आलोक चौरसिया राजनीति में जड़ें जमा चुके हैं। केएन त्रिपाठी भी चुनावी दंगल में भिड़ने को तैयार हैं। 2014 में आलोक चौरसिया झाविमो से कांग्रेस के केएन त्रिपाठी को हराया था। अब वे भाजपा में हैं। 2009 में केएन त्रिपाठी ने भाजपा के दिलीप सिंह नामधारी को हराया था। 2005 में जदयू प्रत्याशी इंदर सिंह नामधारी ने अनिल चौरसिया काे मात दी थी।

 

विधानसभा क्षेत्र के मुद्दे

  • पानी : नगर निगम क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या है। जलापूर्ति योजना के दूसरे फेज का काम अधर में लटका हुआ है। कोयल नदी से सीधे जलापूर्ति हो रही है। छठ जैसे पर्व में भी लोगों को पानी नहीं मिला।
  • सड़क-सफाई : शहर का मेन रोड छोड़कर सड़क का निर्माण नहीं हुआ। ग्रामीण क्षेत्र में सड़क नहीं है। शहरी क्षेत्र में नालों का अतिक्रमण कर लिया गया है। सफाई नहीं होने से घरों का पानी नहीं निकल पाता।
  • स्वास्थ्य : सदर अस्पताल को अपग्रेड कर पलामू मेडिकल कॉलेज अस्पताल बना दिया गया, लेकिन सुविधा जस की तस रही। गंभीर रोगों के मरीजों को रांची जाना होता है। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों कम हैं।
  • बिजली-बेरोजगारी : प्रखंड के क्षेत्रों में बिजली ही हालत खराब है। शाहपुर, रामगढ़, सतबरवा, भंडरिया, बड़गड़ बिजली नहीं रहती। उद्योग-धंधों के अभाव के कारण रोजगार नहीं मिल पाता।
  • गठबंधन : 2014 के चुनाव में झाविमो के आलाेक कुमार चौरसिया जीते थे। उस चुनाव में कांग्रेस, झामुमो व झाविमो की राह अलग-अलग थी। इस बार कांग्रेस, झामुमो और राजद में गठबंधन हो चुका है।

 

3 चुनावों का सक्सेस रेट

 

  • 2014 : आलोक चौरसिया-झाविमो- 59202, कृष्णानंद त्रिपाठी-कांग्रेस- 54855, मनोज सिंह-भाजपा- 42597
  • 2009 : कृष्णानंद त्रिपाठी-कांग्रेस- 43571, दिलीप सिंह नामधारी-भाजपा- 39338,अनिल चौरसिया-बसपा- 37380
  • 2005 : इंदर सिंह नामधारी-जदयू- 45386, अनिल चौरसिया-निर्दलीय -41625, ज्ञानचंद पांडेय-राजद-22954

 

वोटराें के बोल

 

सड़कों की हालत जर्जर है। शहरी क्षेत्र में पेयजल की समस्या गंभीर है। नेताओं ने वादा किया, पर पूरा नहीं किया। प्रत्याशी देखकर वोट करेंगे। -गुरुविंदर सिंह, डालटनगंज

 

पांच साल में पेयजल की व्यवस्था नहीं सुधरी। बारिश के दिनों में कई बार नाली का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया था। -दिलीप जायसवाल, डालटनगंज

 

सेकेंड फेज की जलापूर्ति योजना का काम नहीं हुआ। शहर के कई भागों में पाइप लाइन नहीं बिछाया गया। शहरी क्षेत्र में लोगाें को पानी नहीं मिल रहा है। -पवन अग्रवाल, डालटनगंज

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