भास्कर रिपोर्ट / पहले चरण की 13 सीट, 61% सीटों पर हर चुनाव में बदल जाते हैं विधायक



सिर्फ विदेश सिंह ही ऐसे प्रत्याशी रहे, जो पांकी से तीन बार लगातार जीते। सिर्फ विदेश सिंह ही ऐसे प्रत्याशी रहे, जो पांकी से तीन बार लगातार जीते।
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सिर्फ विदेश सिंह ही ऐसे प्रत्याशी रहे, जो पांकी से तीन बार लगातार जीते।सिर्फ विदेश सिंह ही ऐसे प्रत्याशी रहे, जो पांकी से तीन बार लगातार जीते।

  • अबतक हुए तीन चुनाव में वोटरों ने आठ सीटों पर विधायकों को बदला, चार पर जताया दोबारा भरोसा
  • झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 13 सीटों पर 30 नवंबर को वोटिंग होनी है

Dainik Bhaskar

Nov 08, 2019, 06:35 AM IST

रांची. झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 13 सीटों पर 30 नवंबर को वोटिंग होनी है। नामांकन का दौर शुरू हो चुका है। पार्टियों में संभावित प्रत्याशियों काे लेकर मंथन जारी है। पहले फेज में 13 सीटों पर होने वाले चुनाव में आठ सीटें ऐसी हैं, जहां हर पांच साल में विधायक बदल जाते हैं। यानी, 61% विधायकों पर मतदाता लगातार दूसरी बार भरोसा नहीं करते।

 

अब तक हुए तीन चुनाव के आंकड़ाें को देखें तो चतरा, गुमला, लातेहार, विश्रामपुर, डालटनगंज, छतरपुर, हुसैनाबाद और भवनाथपुर सीटें ऐसी हैं, जहां वोटर हर बार नया विधायक चुनते हैं। एकमात्र विदेश सिंह ऐसे विधायक हैं, जो कांग्रेस, राजद में रहे या निर्दलीय चुनाव लड़ा,  पांकी विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उन पर ही भरोसा जताया। 2005, 2009 और 2014 के चुनाव में उन्होंने जीत की हैट्रिक लगाई।

 

सिर्फ पांकी से विदेश ने बनाई हैट्रिक
विदेश सिंह पांकी से तीन बार लगातार जीते। हालांकि उन्होंने पार्टियां भी बदलीं। कांग्रेस, राजद के टिकट पर चुनाव में जीत हासिल की तो निर्दलीय भी जीता। 2016 में उनका निधन हो गया।

 

चार विधायकों ने जीत का डबल बनाया
तीन चुनावों में चार विधायकाें ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशुनपुर से चमरा लिंडा, लोहरदगा से कमल किशोर भगत, मनिका से हरिकृष्ण सिंह और गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी लगातार दो बार जनता की कसौटी पर खरे उतरे और विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे।

 

पहले चरण की सीटें... जहां हर चुनाव में होता रहा है उतार-चढ़ाव

 

चतरा

जीते

 हारे

2014

जयप्रकाश भोक्ता-भाजपा

सत्यानंद भोक्ता-झाविमो

2009

जनार्दन पासवान-राजद

सुबेदार पासवान-भाजपा

2005 सत्यानंद भोक्ता-भाजपा जनार्दन पासवान-राजद


 

गुमला

जीते

हारे

2014

शिवशंकर उरांव-भाजपा

भूषण तिर्की-झामुमो

2009

कमलेश उरांव-भाजपा

भूषण तिर्की-झामुमो

2005 भूषण तिर्की-झामुमो सुदर्शन भगत-भाजपा


 

बिशुनपुर

जीते

हारे

2014

चमरा लिंडा-झामुमो

समीर उरांव-भाजपा

2009

चमरा लिंडा-निर्दलीय

शिव कुमार भगत-कांग्रेस

2005 चंद्रेश उरांव-भाजपा चमरा लिंडा-निर्दलीय


 

लोहरदगा

जीते

हारे

2014

केके भगत-आजसू

सुखदेव भगत-कांग्रेस

2009

केके भगत-आजसू

सुखदेव भगत-कांग्रेस

2005 सुखदेव भगत-कांग्रेस सधनु भगत-भाजपा


 

मनिका

जीते

हारे

2014

हरिकृष्ण सिंह-भाजपा

रामचंद्र सिंह-राजद

2009

हरिकृष्ण सिंह-भाजपा

रामेश्वर उरांव-कांग्रेस

2005 रामचंद्र सिंह-राजद डॉ. दीपक उरांव-झामुमो


 

लातेहार

जीते

हारे

2014

प्रकाश राम-झाविमो

ब्रजमोहन राम-भाजपा

2009

वैद्यनाथ राम-भाजपा

प्रकाश राम-राजद

2005 प्रकाश राम-राजद रामदेव गंझू-झामुमो

 

विश्रामपुर

जीते

हारे

2014

रामचंद्र चंद्रवंशी-भाजपा

अंजू सिंह-निर्दलीय

2009

चंद्रशेखर दुबे-कांग्रेस

रामचंद्र चंद्रवंशी-राजद

2005 रामचंद्र चंद्रवंशी-राजद अजय कुमार दुबे-कांग्रेस


 

पांकी

जीते

हारे

2014

विदेश सिंह-कांग्रेस

शशिभूषण मेहता-निर्दलीय

2009

विदेश सिंह-निर्दलीय

मधु सिंह-जदयू

2005 विदेश सिंह-राजद विश्वनाथ सिंह-माले


 

डालटनगंज

जीते

हारे

2014

आलोक चौरसिया-झाविमो

कृष्णानंद त्रिपाठी-कांग्रेस

2009

कृष्णानंद त्रिपाठी-कांग्रेस

दिलीप नामधारी-भाजपा

2005 इंदर सिंह नामधारी-जदयू अनिल चौरसिया-निर्दलीय


 

छतरपुर

जीते

हारे

2014

राधाकृष्ण किशोर-भाजपा

मनोज कुमार-राजद

2009

सुधा चौधरी-जदयू

मनोज कुमार-झामुमो

2005 राधाकृष्ण किशोर-जदयू पुष्पा देवी-राजद


 

हुसैनाबाद

जीते

हारे

2014

शिवपूजन मेहता-बसपा

कमलेश सिंह-एनसीपी

2009

संजय सिंह यादव-राजद

शिवपूजन मेहता-बसपा

2005 कमलेश सिंह-एनसीपी संजय सिंह यादव-राजद

 

गढ़वा

जीते

हारे

2014

एसएन तिवारी-भाजपा

गिरिनाथ सिंह-राजद

2009

एसएन तिवारी- झाविमो

गिरिनाथ सिंह-राजद

2005 गिरिनाथ सिंह-राजद सैराज ए अंसारी-जदयू


 

भवनाथपुर

जीते

हारे

2014

भानु प्रताप शाही-नसंमो

अनंत प्रताप देव-भाजपा

2009

अनंत प्रताप देव-कांग्रेस

भानु प्रताप शाही-नसंमो

2005 भानु प्रताप शाही-एफबी अनंत प्रताप देव-कांग्रेस

 

4 सीटों पर लगातार 2 बार जीतीं पार्टियां
13 सीटाें में से चार ऐसी हैं, जहां विभिन्न दलों को लगातार दो बार जीत मिली। इनमें भाजपा ने लगातार दो सीटों पर कब्जा जमाया। गुमला और मनिका विधानसभा सीट पर भाजपा ने 2009 और 2014 के चुनाव में बाजी मारी। इसी तरह 2009 व 2014 में आजसू ने लोहरदगा सीट पर जीत दर्ज की। वहीं, छतरपुर से जदयू के प्रत्याशी 2005 अौर 2009 में जीतने में कामयाब रहे।

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