भास्कर इंटरव्यू / मरांडी बोले- भाजपा की रीति-नीति से परिचित हूं, वहां के लोग मेरे मित्र हैं, भाजपा की विचारधारा देशहित में

Marandi said - I am familiar with the BJP's policy, people there are my friends, BJP's ideology in the country interest
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Marandi said - I am familiar with the BJP's policy, people there are my friends, BJP's ideology in the country interest

  • भास्कर सवाल : आपके साथ मुसलमानों की जमात थी, वे भाजपा में जाने से डर रहे
  • बाबूलाल बोले : सभी मेरे साथ चलें, मैं हूं तो किसी को किसी से डरने की जरूरत नहीं

दैनिक भास्कर

Feb 12, 2020, 07:47 AM IST

रांची. झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद से ही यह संभावना बढ़ गई थी कि जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी घर वापसी करेंगे। पर, उन्होंने इन समाचारों को हमेशा खारिज किया। भाजपा नेताओं से मिलते रहने और विलय की पटकथा को भी उन्होंने कभी नहीं माना। हालांकि इस क्रम में पार्टी के दो मजबूत विधायकों को उन्होंने बाहर का रास्ता दिखा दिया। 11 फरवरी को जब जेवीएम की केंद्रीय कार्यसमिति ने सर्वसम्मति से भाजपा में विलय का प्रस्ताव पारित किया, तो वे बड़े प्रसन्न लगे। जब उनसे पूछा गया कि आपके साथ मुसलमानों की एक बड़ी जमात है, पर वह भाजपा में जाने से डर रही। मरांडी ने कहा- किसी को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। सभी मेरे साथ भाजपा में चलें, यही समय की मांग है। दैनिक भास्कर के विशेष संवाददाता विनय चतुर्वेदी ने बाबूलाल मरांडी से कई विषयों पर बात की, प्रस्तुत हैं उसके मुख्य अंश...

सवाल-जवाब:-

सवाल:  कई राज्यों में भाजपा हार रही है और आप भाजपा में जा रहे हैं?
जवाब : भाजपा भले ही हारती हुई दिख रही हो, पर सच्चाई है कि भाजपा मजबूत हो रही है। 

सवाल: आपने कहा था कुतुबमीनार से कूद जाऊंगा, भाजपा में नहीं जाऊंगा...
जवाब : हम तो कुतुबमीनार से कूद ही चुके थे, पर भाग्यशाली हूं कि बच गया। जाको राखे साइयां मार सके न कोय...

सवाल: भाजपा में शामिल होने की इच्छा कब हुई?
जवाब : भाजपा की ओर से तो वर्ष 2006 से ही कोशिशें चल रही थीं, पर विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद कई राजनीतिक घटनाक्रम सामने आए, तब लगा कि भाजपा में जाना चाहिए।

सवाल: इस घटनाक्रम के बारे में बताएंगे?
जवाब : झारखंड विस के नतीजे आने के बाद पार्टी के विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की ने कांग्रेस में विलय की वकालत की थी। उनका जोर था कि पार्टी का विलय कांग्रेस में होना चाहिए। मैं संघर्षशील व्यक्ति हूं। अपने मित्रों से पूछा, सबकी राय थी कि अगर ये दोनों विधायक कांग्रेस में जाने पर अड़े हैं, तो आप भाजपा में जाएं। पार्टी के सभी नेताओं ने भी यही विचार व्यक्त किया। इसके बाद पहली बार मुझे भी लगा कि भाजपा के प्रस्ताव को स्वीकार करने का समय आ गया है।  

सवाल: आपने प्रदीप यादव और बंधु तिर्की का प्रस्ताव क्यों नहीं माना?
जवाब : कांग्रेस की राजनीति हमें सूट नहीं करती। वहां पर परिवारवाद हावी है। ऐसे में हमारा कांग्रेस में शामिल होना मुश्किल था।

सवाल: भाजपा ही क्याें? कोई और दल?
जवाब : मैं प्रारंभ से भाजपा में रहा हूं। भाजपा की रीति-नीति से परिचित हूं। वहां के लोग मेरे मित्र हैं। भाजपा की विचारधारा देशहित में है। ऐसे में वहां पर स्वाभाविक रूप से मैं बढ़िया काम कर सकता हूं। 

सवाल: क्या भाजपा में शामिल होने की पटकथा का परत दर परत खुलासा करेंगे?
जवाब : कुछ राज की बातों को राज ही रहने दें।

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