प्रस्ताव / आवास बोर्ड की जमीन-मकान के लीजधारी अब बनेंगे मालिक, अवैध छोटे निर्माण भी हो जाएंगे वैध

Jharkhand Cabinet Meeting today
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  • कैबिनेट की बैठक में आज फैसला संभव, करीब 6.50 लाख लोगों को होगा फायदा
  • प्रस्ताव विधि-वित्त विभाग के पास, पढ़िए कौन से 4 मामलों में आज कैबिनेट से मिल सकती है मंजूरी

दैनिक भास्कर

Sep 17, 2019, 06:26 AM IST

रांची (जीतेंद्र कुमार). राज्य सरकार झारखंड बनने के बाद से लंबित जमीन और मकान से संबंधी मामले में बड़ा निर्णय लेने जा रही है। सरकार खासमहाल जमीन और आवास बोर्ड की जमीन-मकान को जल्द ही फ्री होल्ड करने वाली है। यानी आवंटी को पूर्ण स्वामित्व मिल जाएगा, जिससे वह उस जमीन और आवास को अपनी मर्जी से बेच सकेगा। नियमों का पालन करते हुए मनमाफिक निर्माण करा सकेंगे। बैंक लोन भी ले सकेंगे।

 

अभी आवंटियों को ऐसा कुछ भी करने पर प्रतिबंध है। 500 वर्गमीटर तक के छोटे अनधिकृत निर्माण को भी नियमित करने की तैयारी है। अनधिकृत निर्माण का अर्थ यह है कि उसे 31 दिसंबर 2018 से पहले नगर निकाय से पारित न कराया गया हो या फिर उसका नक्शा पास न हो। साथ ही पुलिसकर्मियों को वर्ष में 13 माह के वेतन पर भी कैबिनेट में फैसला लिया जा सकता है। इससे संबंधित प्रस्ताव विधि और वित्त विभाग को भेज दिए गए हैं। विभागों से स्वीकृति मिलने के बाद सरकार इस पर मुहर लगा देगी। इन फैसलों से करीब 6.50 लाख लोगों को फायदा मिलेगा।

 

प्रस्ताव विधि-वित्त विभाग के पास

  • 10194 लीजधारी खासमहाल जमीन के
  • 40-50 हजार आवंटी आवास बोर्ड की जमीन-मकान के
  • 05 लाख अनधिकृत निर्माण करने वाले
  • 70 हजार से अधिक पुलिस वालों को लाभ

 

  • खासमहाल जमीन : लगभग 4500 एकड़ जमीन आवंटित है। लीजधारक रांची, प. सिंहभूम, पू. सिंहभूम, हजारीबाग, कोडरमा, गढ़वा, लातेहार व पलामू के हैं। सरकार ने उन्हें दो विकल्प दिए थे, फिर भी 8000 से अधिक लोगों ने लीज नवीकरण नहीं कराया। अब प्रस्ताव में लीज नवीकरण कराने वालों को कुछ अतिरिक्त शुल्क के साथ जमीन फ्री होल्ड करने की बात कही गई है।
  • आवास बोर्ड के जमीन-मकान : जिन आवंटियों ने अपनी जमीन या मकान का निबंधन करा लिया है और सरकार काे पूरी बकाया राशि दे दी है, यदि वे एकमुश्त पूर्णकालिक शुल्क अदा कर देते हैं तो उनसे जमीन या मकान की वर्तमान बाजार दर लेकर उनके नाम फ्री होल्ड कर दिया जाएगा। लेकिन पहले यह जरूरी है कि जमीन पर बना मकान बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार हो।
  • 500 वर्गमी. के अनधिकृत निर्माण : नगर विकास एवं अावास विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, जी प्लस टू तक के मकान, जिसका बिल्टअप एरिया 500 मीटर तक होगा, नियमित किया जाएगा। नगर पंचायत में बने मकान के लिए 15 रुपए प्रति वर्गमीटर, नगर परिषद में 23 रुपए प्रति वर्गमीटर और नगर निगम क्षेत्र में 30 रुपए प्रति वर्गमी का नियमितीकरण शुल्क लगेगा।

 

पुलिसकर्मियों को वर्ष में 13 माह का वेतन

पुलिसकर्मियों को एक साल में 13 महीने का वेतन देने पर सरकार निर्णय ले सकती है। इससे राज्य के लगभग 70 हजार से अधिक पुलिसकर्मी लाभान्वित होंगे। एक महीने का अतिरिक्त वेतन उनके अतिरिक्त काम, मसलन उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी, साप्ताहिक अवकाश व पर्व-त्योहारों के दिन भी ड्यूटी करने के एवज में दिया जाएगा।

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