खुलासा / झारखंड की चिटफंड व नॉन-बैंकिंग कंपनियों का विदेश में 500 करोड़ का निवेश



Jharkhand chit fund and non banking companies invest 500 crores overseas
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Jharkhand chit fund and non banking companies invest 500 crores overseas

  • निवेश का पूरा विवरण निकालने के लिए विदेश मंत्रालय से मदद मांगने की तैयारी 

Dainik Bhaskar

Jul 06, 2019, 12:04 PM IST

रांची (अमित सिंह). झारखंड में 5000 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी करने वाली चिटफंड कंपनियों के खिलाफ जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) को कई अहम जानकारियां मिली हैं। ईडी 30 कंपनियों के 34 निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच में जुटी हुई है। अबतक की जांच में पता चला है कि 20 से अधिक चिटफंड व नॉन-बैंकिंग कंपनियों ने विदेश में करीब 500 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि का निवेश किया है। जांच के दौरान ईडी को जो दस्तावेज हाथ लगे हैं, उसकी सहायता से ईडी, निवेशक और राशि निवेश करने वाली कंपनियों की विस्तृत जानकारी एकत्रित करने में जुट गई है। 

 

विदेश मंत्रालय के इकोनॉमिक्स ऑफेंस विंग से भी मदद लेगा ईडी
विदेश की किस कंपनी में किसने, कितना और कब निवेश किया है, इसकी पूरी जानकारी एकत्रित करने में ईडी विदेश मंत्रालय के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग से भी मदद लेगा। हालांकि ईडी ने इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है। इसी मामले में सीबीआई पहले से ही सभी कंपनियों के खिलाफ जांच कर रही है। सीबीआई के अनुसंधान में ठगी की बात सामने आने के बाद ईडी ने पूरे मामले में मनी लॉड्रिंग को लेकर अलग से प्राथमिकी दर्ज की थी। दिल्ली में ईडी की ओर से एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले में अनुसंधान की जिम्मेदारी रांची और पटना की ईडी टीमों को दी गई है। 

 

जनता के 25 हजार करोड़ फंसे 
झारखंड अगेंस्ट करप्शन की ओर से दायर जनहित याचिका के माध्यम से कोर्ट को बताया गया था कि नॉन-बैंकिंग कंपनियां किस प्रकार चिटफंड स्कीम चलाकर लोगों की राशि लेकर चंपत हो जा रही हैं। इन्हें प्रशासन का भी सहयोग मिलता है। कोर्ट के समक्ष सभी दस्तावेज पेश किए गए थे। एलकेमिस्ट कंपनी ने अकेले ही 16 सौ करोड़ रुपए से अधिक जनता से वसूले हैं। जबकि सभी मामलों को मिला दिया जाए तो यह राशि 25 हजार करोड़ तक हो सकती है। इस कारोबार के तार विदेशों तक जुड़े हैं। इसलिए सीबीआई के साथ-साथ ईडी, इनकम टैक्स से भी जांच की मांग की गई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया और जांच के आदेश दिए थे। 

 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इन कंपनियों के खिलाफ दर्ज की एफआईआर 
बारिश ग्रुप एंड अर्शदीप फाइनेंस लिमिटेड, मंगलम् एग्रो प्रोडक्ट, जेएनटी ओवरसीज इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया लिमिटेड, संकेत इंवेस्टमेंट एंड मार्केटिंग, इक्यूनॉक्स लैंड प्रोजेक्ट इंडिया लिमिटेड, अपना परिवार एग्रो फार्मिंग डेवलपर्स लिमिटेड, वर्द्धमान संमार्ग वेलफेयर सोसाइटी, रोजवैली होटल्स एंड इंटरटेनमेंट लिमिटेड, मातृभूमि मैन्यूफैक्चरिंग मार्केटिंग लिमिटेड, केयर विजन म्यूचुअल वेनिफिटस लिमिटेड, जुगांतर रियलिटी लिमिटेड, एटीएम ग्रुप ऑफ कंपनीज, एमपीए एग्रो एनिमल्स प्रोजेक्ट लिमिटेड, रामलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, इनोरमस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, एक्सेल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट लिमिटेड, गीतांजलि उद्योग लिमिटेड, सनसाइन ग्लोबल एग्रो लिमिटेड, सुहारा माइक्रो फाइनेंस, सनप्लांट एग्रो ग्रुप, प्रयाग इंफोटेक हाई राइज लिमिटेड, साईं प्रसाद प्रोपर्टीज लिमिटेड, फेडरल एग्रो कॉमर्शियल लिमिटेड, गुलशन निर्माण इंडिया लिमिटेड, तिरु बालाजी राइजिंग रियल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड, अलकेमिस्ट इंफ्रा रियलिटी लिमिटेड, धनौलती डेवलपर्स लिमिटेड, कोलकाता वीयर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, संकल्प ग्रुप ऑफ कंपनीज, वीयर्ड इंफ्रा स्ट्रकर्च्ड कॉरपोरेशन लिमिटेड, रूपहर्ष मार्केटिंग लिमिटेड। 

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