झारखंड / कोरोना की जंग में सखी मंडल की महिलाएं भी उतरीं, मास्क और सेनेटाइजर बनाने काम किया शुरू

मास्क बनातीं सखी मंडल की महिलाएं। मास्क बनातीं सखी मंडल की महिलाएं।
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मास्क बनातीं सखी मंडल की महिलाएं।मास्क बनातीं सखी मंडल की महिलाएं।

  • सेनेटाइजर के लिए बीआईटी मेसरा का लिया जा रहा है सहयोग

दैनिक भास्कर

Mar 25, 2020, 06:48 PM IST

रांची. कोरोनावायरस जैसी महामारी से निपटने के लिए राज्य में प्रशासन द्वारा कई कदम उठाये जा रहे हैं, जिससे इस वायरस का संक्रमण आम-जन तक ना फैले और राज्य एवं देश को इसके दुष्परिणामों से बचाया जा सके। राज्य प्रशासन के इस जंग में राज्य में कई स्थानों पर सखी मंडल की महिलाएं भी अपनी भागीदारी में उतर गई हैं। इसके तहत उन्होंने मास्क एवं हैंड सैनिटाइजर के कार्य की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है।

कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते बाज़ार में मास्क एवं हैंड सैनिटाइजर की बढ़ती मांग के वजह से इनके दामों में भी बढ़ोत्तरी आ गयी है। कई जगहों पर मास्क की कमी भी हो गयी है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आह्वाहन पर जिला प्रशासनों एवं सखी मंडल की महिलाओं द्वारा युद्ध-स्तर पर मास्क एवं सैनिटाइजर का निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित मास्क एवं सैनिटाइजर का मूल्य नाममात्र रखा जा रहा है जिससे की आम-जन इसे सुलभता से प्राप्त कर पायें। जेएसपीएलएस के अनुसार विभिन्न जिलों में सखी मंडल की महिलाओं को प्रशिक्षण देने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया है। 

पलामू, सिमडेगा और हजारीबाग में भी उत्पादन केंद्र

पलामू जिला स्थित प्रशिक्षण सह वस्त्र उत्पादन केंद्र के जरिए अब तक 6000 मास्क का उत्पादन किया जा चुका जिनमें 4000 मास्क जिला प्रशासन,सदर अस्पताल, रेलवे को उपलब्ध कराया गया। इसी तरह धनबाद जिला स्थित प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र के जरिए सखी मंडल की बहनें अब तक 500 मास्क का उत्पादन कर पेट्रोल पंप कर्मियों को 40 रुपए की दर से बिक्री कर चुकी है। सिमडेगा जिला के ठेठईटांगर एवं कोलेबिरा प्रखण्ड की सखी मंडल की तीन बहनों के द्वारा अब तक 150 मास्क का उत्पादन एवं बिक्री की जा चुकी है। हजारीबाग जिले में करीब 1000 मास्क का उत्पादन कर 25 रुपए की दर से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जा चुका है। 

रांची जिले में स्थित प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र में 24 मार्च से मास्क उत्पादन का कार्य शुरुआत किया गया है। जिला प्रशासन कार्यालय में सखी मंडल की महिलाओं द्वारा कम मूल्यों पर सैनिटाइजर की बिक्री भी की जा रही हैं। रांची में सर्ड स्थित टीपीसी और समाहरणालय के ग्राउंड फ्लोर पर इसका निर्माण किया जा रहा है। चतरा जिले के दो प्रखंडों ( सिमरिया एवं प्रतापपुर) की सखी मंडल की महिलाओं द्वारा अब तक कुल 1500 मास्क का उत्पादन कर बिक्री की जा चुकी है। खूंटी जिले में विभिन्न सखी मंडल द्वारा की 30 महिलाओं द्वारा कुल 2500 मास्क का उत्पादन किया गया है। जिसमें 1200 मास्क की बिक्री भी की जा चुकी है।

जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं को 1000 अतिरिक्त मास्क बनाने का भी आर्डर दिया गया है। सिमडेगा जिले में सखी मंडल ने 900 मास्क का उत्पादन किया है। जिसमे से 653 मास्क को बीडीओ ऑफिस, डीसी ऑफिस, हॉस्पिटल व स्थानीय इलाकों में वितरित किया गया है। चाईबासा जिले में 80 मास्क तैयार किया गया है। 

इसी तरह लोहरदगा जिले में सखी मंडल को जिला प्रशासन द्वारा 5000 मास्क, गुमला जिले में सखी मंडल को 3000 मास्क और देवघर जिले में 10,000 मास्क के उत्पादन का निर्माण करने का आर्डर दिया गया है। गोड्डा जिले में अब तक 400 मास्क का उत्पादन किया गया है। वहां जिला प्रशासन के द्वारा महिलाओं को 10,000 मास्क बनाने का निर्देश दिया गया है। लातेहार जिला के 3 प्रखंडों में जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं को 4000 मास्क का उत्पादन करने का निर्देश दिया गया है। इसमें अब तक 300 मास्क का उत्पादन कर आपूर्ति कर दी गई है। इसके अलावा अन्य जिलों गढ़वा, बोकारो, जामतारा एवं सराइकेला में जिला प्रशासन के साथ मिलकर जल्द ही मास्क और सैनेटाइजर उत्पादन की योजना बनायीं जा रही है।

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