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राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा से दीपक प्रकाश ने भरा नामांकन, आजसू के लंबोदर महतो बने प्रस्तावक

5 महीने पहले
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विधानसभा सचिव महेंद्र प्रसाद को नामांकन पत्र सौंपते दीपक प्रकाश।
  • कांग्रेस के शहजादा अनवर भी राज्यसभा चुनाव के लिए गठबंधन के दूसरा प्रत्याशी के तौर पर किया नामांकन
  • शिबू सोरेन के ओर से भी दो सेट में आज भरा गया नामांकन, 11 मार्च को एक सेट में शिबू ने भरा था पर्चा

रांची. राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी दीपक प्रकाश ने शुक्रवार को नामांकन दाखिल कर दिया। उन्होंने तीन सेट में अपना नामांकन पत्र विधानसभा के सचिव महेंद्र प्रसाद को सौंपा। तीन सेटों में कुल 27 विधायक प्रस्तावक बने। विधानसभा सचिव महेंद्र प्रसाद के कार्यालय कक्ष में दीपक प्रकाश ने तीन सेट में नामांकन पत्र भरा, जिनमें आजसू विधायक लंबोदर महतो और बरकट्ठा के निर्दलीय विधायक अमित यादव के भी हस्ताक्षर हैं। पहले सेट में भाजपा के 10 विधायक हैं।


दूसरे सेट में भाजपा के 9 और आजसू के एक विधायक, जबकि तीसरे सेट में भाजपा के 7 और एक निर्दलीय विधायक के हस्ताक्षर हैं। गोड्‌डा के भाजपा विधायक अमित मंडल दो बार प्रस्तावक बने हैं। उनका हस्ताक्षर दूसरे और तीसरे सेट में भी है। इस प्रकार दीपक प्रकाश के 27 प्रस्तावकों में बाबूलाल मरांडी सहित भाजपा के 25 विधायकों के अलावा आजसू के लंबोदर महतो और निर्दलीय अमित यादव भी शामिल हैं।


गौरतलब है कि जीत के लिए दीपक प्रकाश को कुल 27 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। भाजपा विधायकों में सिर्फ ढुल्लू महतो प्रस्तावक नहीं बने हैं। नामांकन के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय समेत पार्टी के सभी विधायक और प्रदेश पदाधिकारी मौजूद थे। नामांकन से पहले पार्टी के विधायक अनंत ओझा के सरकारी आवास पर भाजपा विधायकों की बैठक हुई। इस दौरान जीत की रणनीति पर विचार हुआ। बैठक में तीन सेट में नामांकन पत्र भरने की बात तय हुई, पर निर्दलीय विधायक अमित यादव के आने में विलंब होने के कारण करीब साढ़े 11 बजे पहले सेट का पर्चा दाखिल हुआ। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक के बाद आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने दिल्ली से फोन कर विधायक लंबोदर महतो को प्रस्तावक बनने को कहा। इसके बाद दोपहर बाद करीब दो बजे दूसरा सेट और अमित यादव के हस्ताक्षर करने के बाद तीसरा सेट दाखिल हुआ।

पहले सेट के प्रस्तावक : सीपी सिंह, नीलकंठ सिंह मुंडा, अमर बाउरी, अनंत ओझा, विरंची नारायण, मनीष जायसवाल, राज सिन्हा, किशुन दास, नवीन जायसवाल, नीरा यादव
दूसरे सेट के प्रस्तावक : बाबूलाल मरांडी, रामचंद्र चंद्रवंशी, नारायण दास, जेपी पटेल, अमित मंडल, कोचे मुंडा, केदार हाजरा, भानुप्रताप शाही, अपर्णा सेन गुप्ता और आजसू विधायक लंबोदर महतो
तीसरे सेट के प्रस्तावक : रणधीर कुमार सिंह, शशिभूषण मेहता, आलोक चौरसिया, समरी लाल, इंद्रजीत महतो, पुष्पा देवी, अमित मंडल और निर्दलीय विधायक अमित यादव

दीपक की कुल संपत्ति 1.17 करोड़, शिवानी के पास 6.05 करोड़
भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी दीपक प्रकाश से धनी उनकी पत्नी शिवानी प्रकाश हैं। दीपक प्रकाश के पास कुल संपत्ति 1 करोड़ 17 लाख 29 हजार 267 रुपए की है, जबकि शिवानी प्रकाश की कुल संपत्ति 6 करोड़ 5 लाख 59 हजार 490 रुपए की है। हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली के रूप में इनके पास 1 करोड़ 75 लाख की कुल संपत्ति है। राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में दिए गए शपथ पत्र के अनुसार दीपक प्रकाश के पास चल संपत्ति के रूप में 52 लाख 29 हजार 267 रुपए हैं। शिवानी प्रकाश के पास यह संपत्ति 49 लाख 55 हजार 949 रुपए की है। अचल संपत्ति के रूप में दीपक प्रकाश के पास 65 लाख और शिवानी प्रकाश के पास 1.10 करोड़ की संपत्ति है। दीपक प्रकाश के पास कैश के रूप में 2 लाख 23 हजार 459 रुपए हैं।


नामांकन के बाद दीपक प्रकाश जीत के प्रति आश्वस्त नजर आए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मुझ जैसे आम कार्यकर्ता को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाकर आम कार्यकर्ता को सम्मान दिया है। उन्होंने अपनी जीत तय मानते हुए कहा कि बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या बल है। कांग्रेस के द्वारा प्रत्याशी देने पर बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की ये पुरानी आदत है और उनके पास दूसरे प्रत्याशी के लिए संख्या बल नहीं है। दीपक प्रकाश के नामांकन के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, समेत भाजपा के कई विधायक मौजूद रहे। भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग नहीं होने दूंगा। भाजपा प्रत्याशी दीपक प्रकाश की जीत के लिए आंकड़े जरुरत से अधिक हैं। 


वहीं केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि मैं केंद्रीय नेतृत्व का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने सतही कार्यकर्ता दीपक प्रकाश को राज्य सभा का प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने कहा कि मुझे 200 प्रतिशत भरोसा है कि हमारे विधायक दीपक प्रकाश के पक्ष में भरोसा मिलेगा। साथ ही भाजपा के सहयोगी दल के भी सदस्य हमारा साथ देंगे।

करीब 30 वर्षों से भाजपा से जुड़े हैं दीपक प्रकाश
दीपक ने करियर की शुरुआत एबीवीपी से की थी। 2000 में जब झारखंड राज्य अलग हुआ तो मुख्यमंत्री बाबूलाल के कार्यकाल में झारखंड स्टेट मिनिरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेएसएमडीसी) के चेयरमैन बनाए गए। जब बाबूलाल ने भाजपा छोड़ी और झाविमो बनाया तो दीपक प्रकाश उनके साथ चले गए थे। हालांकि, जल्द वह पुन: भाजपा में वापस आ गए। भाजपा की पिछली कमेटी में दीपक प्रकाश प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं। लक्ष्मण गिलुवा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद महामंत्री बने। प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद दीपक के लिए कमेटी के गठन और अन्य मुद्दों पर अब झारखंड भाजपा के बड़े नेताओं को एक साथ सामंजस्य बनाना एक चुनौती हो सकती है।

शिबू ने भी दो सेटों में भरा नामांकन
बता दें कि अप्रैल में खाली हो रहे झारखंड के राज्यसभा की दो सीटों में से एक के लिए भाजपा की ओर से दीपक प्रकाश प्रत्याशी बनाए गए हैं। वहीं गठबंधन की ओर से दोनों सीटों के लिए प्रत्याशी उतारा गया है। पहले सीट के लिए झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन ने 11 मार्च को नामांकन दाखिल किया था। शिबू ने शुक्रवार को भी दो सेटों में नामांकन भरा। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री व विधायक मौजूद रहे। 


वहीं दूसरी सीट के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी के तौर पर शहजादा अनवर ने भी शुक्रवार को नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री आलमगीर आलम व अन्य मंत्री व विधायक मौजूद रहे।राज्यसभा की चुनाव प्रक्रिया 6 मार्च से शुरू हुई थी। 13 मार्च को नामांकन का आखिरी दिन है। 26 मार्च को बैलेट पेपर के जरिए मतदान होगा। इसी दिन शाम को 5 बजे नतीजों का ऐलान कर दिया जाएगा।

कांग्रेस प्रत्याशी के 10 प्रस्तावक सीएम बोले- रोचक हुआ चुनाव 
यूपीए के दूसरे उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस नेता शहजादा अनवर ने शुक्रवार काे विधानसभा सचिव सह निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन पत्र भरने के बाद शहजादा अनवर ने मीडिया के समक्ष दावा किया कि उनकी जीत तय है। उन्हें निर्दलीयाें का भी समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा भी समर्थन मिलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यूपीए के दूसरे प्रत्याशी का नामांकन पत्र भरा गया है। अब राज्यसभा का यह चुनाव राेचक हाे गया है। इस माैके पर मुख्यमंत्री के अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सह मंत्री डाॅ. रामेश्वर उरांव, विधायक दल के नेता अालमगीर अालम, राजद नेता अाैर मंत्री सत्यानंद भाेक्ता माैजूद थे। 

शहजादा के ये बने प्रस्तावक : शहजादा अनवर के जाे 10 प्रस्तावक बने हैं, वे हैं-अालमगीर अालम, रामेश्वर उरांव, अंबा प्रसाद, पूर्णिमा नीरज सिंह, प्रदीप यादव ,नमन विक्सल काेनगाड़ी, रामचंद्र सिह, साेना राम सिंकू, भूषण बारा अाैर राजेश कच्छप।

शहजादा अनवर के पास कुल 16,34,500 रु. मूल्य की अचल संपत्ति 
कांग्रेस के राज्यसभा प्रत्याशी शहजादा अनवर ने जाे शपथ पत्र दिया है, उसके अनुसार उनके पास स्वयं की 2,01,321 रुपए की चल संपत्ति है। जबकि उनकी पत्नी के पास 3,57,500 रुपए की चल संपत्ति है। उनके स्वयं के पास 50 हजार, जबकि पत्नी के पास दस हजार रुपए नकद हैं। इनके पास बाजार मूल्य के अनुसार कुल छह लाख की कृषि याेग्य भूमि है। वैसे कुल अचल संपत्ति करीब 16,34,500 रुपए मूल्य की है।

तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं शहजादा अनवर
कांग्रेस नेता और रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से तीने बार चुनाव लड़ चुके शहजादा अनवर गठबंधन के दूसरे प्रत्याशी बनाए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह ने शहजादा अनवर काे उम्मीदवार बनाए जाने की पुष्टि की। शहजादा वर्ष 2000 में राजद से चुनाव लड़े थे। फिर झामुमो में गए। इसके बाद 2009 और 2014 में कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए। 


शहजादा पिछले विधानसभा चुनाव में रामगढ़ विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार थे। कांग्रेस ने लाेकसभा चुनाव के दाैरान गाेड्डा की सीट झाविमाे के खाते में दिए जाने के बाद कहा था कि राज्यसभा चुनाव की घाेषणा हाेने पर अल्पसंख्यक काे पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनाया जाएगा। अब इसकी घाेषणा हाे चुकी है। पहले प्रत्याशी के रूप में झामुमाे के अध्यक्ष शिबू साेरेन ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।

चुनाव में जीत का गणित
झारखंड में मतदाताओं (विधायकों) की कुल संख्या 80 है। प्रथम वरीयता के मतों की गणना में एक मतदाता के मत का मूल्य 100 माना जाता है। इस तरह कुल मतदाताओं के मतों का मूल्य 8000 हो जाता है। इसे कुल सीट (2) प्लस वन से भाग देकर प्रथम वरीयता से जीत के लिए जरूरी अंक की गणना की जाती है, जो 2666 होता है। इसमें एक अंक जोड़ने पर आनेवाला 2667 अंक प्रथम वरीयता से जीत का जादुई आंकड़ा होता है। इस तरह 27 विधायकों का सीधा समर्थन मिलनेवाला प्रत्याशी प्रथम वरीयता के मत से विजयी घोषित हो जाएगा।

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