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शुभारंभ / ई-कार इस्तेमाल करने वाला झारखंड पूर्वोत्तर भारत का पहला और देश का पांचवा राज्य बना



मुख्यमंत्री रघुवर दास प्रोजेक्ट भवन सभागार पार्किंग स्थल से मुख्य द्वार तक कार में बैठकर इसका शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री रघुवर दास प्रोजेक्ट भवन सभागार पार्किंग स्थल से मुख्य द्वार तक कार में बैठकर इसका शुभारंभ किया।
  • मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ईईएसएसल और बिजली निगम के बीच हुआ 50 वाहनों का करार, पहले चरण में बिजली निगम को 20 वाहन मिले
Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 07:30 PM IST

रांची.   ई-मोबिलिटी कार्यक्रम के तहत ई-कार इस्तेमाल करने वाला झारखंड पूर्वोत्तर भारत का पहला एवं देश का पांचवां राज्य बन गया। बुधवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास की उपस्थिति में ईईएसएल के सीईओ वेकेंटश तिवारी एवं बिजली वितरण निगम के चीफ इंजीनियर सीएंडआर सुनील ठाकुर के बीच 50 ई वाहन का करार हुआ। पहले चरण में कंपनी बिजली निगम को 20 वाहन देगी। अगले दो सप्ताह के अंदर 30 और वाहन नगर निगम को सौंप दिए जाएंगे। शुरुवात में इसे बिजली निगम द्वारा इस्तेमाल किया जाएगा। बाद में अन्य सरकारी विभाग भी इस वाहन का इस्तेमाल करें, इस पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सरकारी विभाग के अतिरिक्त आम जनता भी इस वाहन के इस्तेमाल के लिए प्रेरित होंगे। इस दौरान ऊर्जा सचिव नितीन मदन कुलकर्णी, एमडी वितरण निगम राहुल पुरवार सहित कई अधिकारी मौजूद थे। इस कार की कीमत वर्तमान में 12 लाख रुपए है।

 

सभी सरकारी विभाग इसका इस्तेमाल करें, इसका प्रयास सरकार करेगी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जलवायु परिवर्तन और वाहनों के प्रदूषण से जनता के स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान से बचाएगा। यह न केवल आकर्षक, टिकाऊ और फायदेमंद विकल्प है बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। आज का दिन झारखंड में हरित, स्वच्छ और भविष्य में काम आने वाली तकनीकों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। देश में ई-मोबिलिटी को तेजी से अपनाने के भारत सरकार के अभियान में शामिल होने की हमें बहुत खुशी है। इस क्रांति में हम सबसे आगे रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सभी सरकारी विभाग इसी वाहन का प्रयोग करें, इसका प्रयास उनकी सरकार करेगी।

 

50 कारों से 1 लाख 20 हजार लीटर इंधन सलाना बचत होगी: सौरभ कुमार
एनर्जी इफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) के मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ कुमार ने कहा कि उनका प्रयास है कि हम सरकार के अभियान में ई-मोबिलिटी के जरिए और परिस्थितियों के विकास को संभव बनाकर सहयोग करें। इन 50 कारों के बेड़े आने से वितरण निगम का हर साल 1 लाख 20 हजार लीटर इंधन बचेगा। लगभग 14 सौ टन कार्बन डाइ ऑक्साईड सलाना कम उत्सर्जित होगी। इसके साथ ही जेबीवीएनएल मरम्मत, देखरेख और परिचालन के क्षेत्र में भी बचत करेगा। इससे पूर्व दिल्ली, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सरकारों के साथ करार हो चुका है।

 

एक घंटा चार्ज से चलेगी 120 किमी, 12 चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं
यह कार टाटा एवं महिंद्रा कंपनी बना रही है। बिजली निगम को टाटा कंपनी से बने कारण दिए जा रहे हैं। यह कार एक घंटे चार्ज से 120 किमी चलेगी। इसकी गति अधिकत्तम 100 किमी तक की होगी। अभी शुरुवात में जेबीवीएनएल के रांची स्थित कॉरपोरेट दफ्तर सहित कुल चार कार्यालयों में 12 चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। बिजली निगम यह प्रयास कर रही है कि शहर के हर पेट्रोल पंप में इसका चार्जिंग प्वाइंट बने।

 

 

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