हाईकोर्ट / सरकारी डॉक्टर इलाज नहीं करते, केस नहीं खत्म होगा... रिम्स के डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस कैसे रुकेगी, ये बताइए



Jharkhand HC ask government : How will RIMS doctors stop private practice
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Jharkhand HC ask government : How will RIMS doctors stop private practice

  • सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को बिना इलाज रिम्स से छुट्‌टी देने पर दायर याचिका निष्पादित करने के आग्रह पर सरकार को फटकार
  • महाधिवक्ता बोले- गैंगरेप पीड़िता मर चुकी है, अब याचिका खत्म की जाए

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2019, 09:16 AM IST

रांची. सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता काे ठीक हाेने से पहले ही रिम्स से घर भेज दिए जाने के मामले में मंगलवार काे हाईकाेर्ट में सरकार को कड़ी फटकार लगी। इस मामले में पीड़िता की मौत को आधार बना याचिका को निष्पादित किए जाने के सरकार के आग्रह को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि केस की सुनवाई जारी रहेगी। सरकार ये बताए कि रिम्स के डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक कैसे लगेगी।

 

जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की काेर्ट ने रिम्स अाैर सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखी नाराजगी जताई। कहा-प्राइवेट प्रैक्टिस पर राेक लगाने के लिए गठित कमेटी हर हाल में रिम्स के डाॅक्टराें के प्राइवेट प्रैक्टिस पर राेक लगाए। कमेटी 15 दिन में रिपाेर्ट दे। बताए कि डाॅक्टराें के प्राइवेट प्रैक्टिस पर राेक कैसे लगेगी। रिम्स की स्थिति में सुधार कैसे हाेगा। 


कोर्ट ने कहा कि इस तरह के ढुलमुल रवैये से काम नहीं चलेगा। सुनवाई के दाैरान झालसा की अाेर से एडवाेकट एके सिंह व अमृता कुमारी अाैर एमिकस क्यूरी वंदना कुमारी ने जबकि सरकार की अाेर से महाधिवक्ता अजीत कुमार ने पक्ष रखा। स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य निदेशक अाैर रिम्स निदेशक भी माैजूद थे।

 

कोर्ट बोला-रिम्स में सिर्फ 2 घंटे ड्यूटी करते हैं डॉक्टर, बाकी समय निजी प्रैक्टिस

सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता काे इलाज पूरा हाेने से पहले ही रिम्स से डिस्चार्ज कर दिया गया था। बाद में उसकी माैत हाे गई। झालसा ने इस संबंध में हाईकाेर्ट में याचिका दायर की थी। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा था कि रिम्स में हर तरफ अव्यवस्था है। डाॅक्टर सिर्फ दाे घंटे ड्यूटी करते हैं। अधिकतर डाॅक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करने में लगे रहते हैं। मरीजाें के इलाज काे प्राथमिकता नहीं दी जाती है। रिम्स में इलाज नहीं हाेने के कारणा शहर में निजी अस्पताल खुलते जा रहे हैं। अाखिर यह स्थिति कब तक रहेगी। काेर्ट ने राज्य सरकार से 10 जून तक जवाब मांगा था। मंगलवार काे काेर्ट सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुअा।

 

सरकार का आग्रह- पीड़िता की मौत के बाद याचिका पर सुनवाई का औचित्य नहीं...कोर्ट ने तर्क खारिज किया

महाधिवक्ता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की माैत हाे गई है। ऐसे में याचिका पर सुनवाई का औचित्य नहीं रह जाता। इसलिए याचिका काे निष्पादित किया जाए। काेर्ट ने महाधिवक्ता के अाग्रह काे खारिज करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट ने डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस रोकने के लिए बनी कमेटी से 15 दिन में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि निजी प्रैक्टिस कैसे रोकी जाएगी।

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