झारखंड / ब्लड के कारण नहीं हो रहा था मरीज का इलाज, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने दे दिया अपना खून

ब्लड बैंक में खून देने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता। ब्लड बैंक में खून देने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता।
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ब्लड बैंक में खून देने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता।ब्लड बैंक में खून देने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता।

  • स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता गुरुवार काे रिम्स का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे
  • जमशेदपुर से आई महिला समेत 12 मरीजाें का नि:शुल्क इलाज करने का दिया आदेश
     

दैनिक भास्कर

Feb 14, 2020, 06:31 AM IST

रांची. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता गुरुवार काे रिम्स का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इमरजेंसी, अाॅर्थाे अाैर न्यूराे सर्जरी वार्ड का निरीक्षण किया। इस दाैरान उन्हाेंने देखा कि कई मरीजाें का इलाज खून की कमी और पैसाें के अभाव में नहीं हाे रहा है। अाॅर्थाे वार्ड में पिछले 9 दिनाें से भर्ती शीला देवी का इलाज खून के इंतजाम नहीं हाेने के कारण हाे रहा था। उनके पति रामविनय शर्मा 80 वर्ष की नजर स्वास्थ्य मंत्री पर पड़ी ताे उन्हाेंने अपील की। बताया कि उनकी पत्नी शीला देवी का इलाज खून नहीं मिलने से हो रहा है। जब वह ब्लड बैंक ब्लड मांगने के लिए गए थे तो वहां बताया गया कि खून लेने के बदले में डोनेट कर होगा। चूंकि, पति बुजुर्ग थे, इसलिए वह ब्लड देने में असमर्थ थे। 

मंत्री ने सभी से ब्लड डोनेट करने की अपील की
रामविनय शर्मा ने कई लोगों से अपील भी कि लेकिन किसी ने मदद नहीं की। उनकी बातों को सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत ब्लड देने का निर्णय लिया। वह रामविनय शर्मा के साथ ब्लड देने के लिए ब्लड बैंक पहुंचे। वहां उन्होंने ब्लड डोनेट किया और बदले में रामविनय शर्मा को ब्लड मिला। इसके बाद उनकी पत्नी शीला देवी का इलाज शुरू हुआ। इस दौरान उन्होंने सभी से ब्लड डोनेट करने की अपील भी की।

परिजन ने कहा- डाॅ. रूपक के असिस्टेंट ने अपने हाॅस्पिटल में इलाज कराने को कहा

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता अपनी टीम के साथ निरीक्षण के लिए रात 8 बजे रिम्स पहुंचे। पिछले सात दिनाें से 15 हजार रुपए के कारण जमशेदपुर से अाई 67 वर्षीय महिला मानाेषी भुई की इलाज नहीं हो रही थी। स्वास्थ्य मंत्री उनसे भी मिले। उन्हाेंने रिम्स प्रबंधन काे फ्री इलाज करने का अादेश दिया। मानाेषी का बेटा चिन्मय भुई ने स्वास्थ्य मंत्री से रिम्स के चिकित्सकाें पर मरीजाें काे गुमराह करके अपने प्राइवेट हाॅस्पिटल में इलाज करवाने की बात कही। चिन्मय ने बताया कि डाॅ. रूपक के असिस्टेंट ने उन्हें अपने हाॅस्पिटल में 30 हजार रुपए में रिम्स से बेहतर इलाज देने की बात कही थी।

स्वास्थ्य मंत्री ने रक्तदान करने का संदेश दिया : संजय

रिम्स उपाधीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता मरीज को अपना खून देकर हर किसी काे रक्तदान करने की प्रेरणा दी। रिम्स में राेजाना 50 लाेग रक्तदान करते हैं। राेजाना 120-130 यूनिट रक्त की खपत इमर्जेंसी व थैलीसिमिया-एनेथेसिया के मरीजाें पर होती है। शीला देवी काे खून का इंतजाम करने के लिए कहा गया था।

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