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लोकसभा चुनाव / झारखंड की 2 सीटों पर संघर्ष का रोचक गणित, एक पर दो बाहुबली घराने, दूसरी सीट पर दो पूर्व डीजीपी हैं दावेदार

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 11:22 AM IST


jharkhand news contest tough on 2 loksabha seats 2 bahubalis on 1 seat and 2 dgps on another
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  • सिंह मेंशन और रघुकुल दोनों ने मांगे अपने प्रत्याशियों के लिए टिकट 
  • सिद्धार्थ गौतम को टिकट दिलाने के लिए भाजपा से संपर्क में सिंह मेंशन 
  • दो पूर्व अफसरों की सियासी जंग में कई गड़े मुर्दे उखड़ने की भी संभावना 

धनबाद. लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राजनीतिक दलों के दावेदार जहां अपनी गोटी सेट करने में जुट गए हैं। वहीं, सिंह मेंशन और रघुकुल ने लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर धनबाद सीट पर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। विधानसभा चुनाव के बाद यह दूसरा मौका होगा. जब एक ही परिवार के दो घराने आमने-सामने होंगे। सिंह मेंशन से जहां झरिया विधायक संजीव सिंह के अनुज सिद्धार्थ गौतम ताल ठोक रहे हैं, वहीं रघुकुल से पूर्व डिप्टी मेयर स्व. नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह को मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है।

झरिया की पूर्व विधायक और सिद्धार्थ की मां ने बेटे के लिए मांगा टिकट

  1. सिद्धार्थ गौतम को चुनाव मैदान में उतारने के लिए पूरा सिंह मेंशन एकजुट है। झरिया की पूर्व विधायक और सिद्धार्थ गौतम की मां कुंती देवी भी अपने पुत्र के पक्ष में हैं। उन्होंने तो भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व से सिद्धार्थ गौतम को धनबाद से टिकट देने की मांग भी की है। सिद्धार्थ स्पष्ट कहते हैं कि पार्टी उन्हें टिकट दे या न दे, वे लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। 

  2. रघुकुल पूर्णिमा सिंह को उतारेगा रण में

    रघुकुल की ओर से पूर्णिमा सिंह को मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है और इस बात को कांग्रेस नेता सह स्वर्गीय नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने भी स्वीकार किया है। पूर्णिमा को कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतारने की तैयारी है। 2014 के विधानसभा चुनाव में एक ओर जहां भाजपा से संजीव सिंह थे तो दूसरी ओर कांग्रेस से नीरज सिंह मैदान में थे। लोकसभा चुनाव में भी वही कहानी नजर आ रही है। अभिषेक सिंह की माने तो पूर्णिमा सिंह को कांग्रेस से उम्मीदवार बनाने की मांग वह पार्टी आलाकमान से कर चुके हैं। बातचीत सकारात्मक रही है। पार्टी ने अगर उम्मीदवार बनाया तो पूर्णिमा चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। 

  3. पलामू : डीजीपी से सांसद बने बीडी राम के सामने पूर्व डीजीपी राजीव कुमार

    पलामू लोकसभा का चुनाव कई वजहों से इसबार दिलचस्प होने वाला है। इनमें एक बड़ी वजह वहां उम्मीदवारी के दावेदारों की सूची है। पलामू सीट पर दावेदारी को लेकर राजद और कांग्रेस की रस्साकशी के बीच यह माना जा रहा है कि अगर कांग्रेस यहां से चुनाव लड़ेगी तो कुछ ही दिन पहले पार्टी में शामिल हुए पूर्व डीजीपी राजीव कुमार यहां से चुनाव में पार्टी का चेहरा हो सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो, राज्य के दो पूर्व डीजीपी के बीच का दंगल देखने लायक होगा। अभी इस सीट पर भाजपा की ओर से पूर्व डीजीपी बीडी राम सांसद हैं। इस बार के चुनाव में भी उन्हें टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। वहीं, पूर्व अफसरों के इस आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने पर सवाल उठाते रहने वाले झारखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष शिवधारी राम के नाम की भी चर्चा क्षेत्र में है। राजनीतिक दिग्गजों का भी मानना है कि पलामू का चुनाव दिलचस्प होगा। 

  4. बाहरी-भीतरी का मुद्दा उठ सकता है

    अगर कांग्रेस की ओर से पूर्व डीजीपी राजीव कुमार को मैदान में उतारा गया और भाजपा की ओर से भी पूर्व डीजीपी बीडी राम ही मैदान में डटे रहे तो दो पुलिसवालों की सियासी लड़ाई में कई गड़े मुर्दे भी उखाड़े जाएं। संभव है एक बार फिर बाहरी और भीतरी का सवाल भी यहां मुद्दा बन जाए। राजीव कुमार लखनऊ में जन्मे हैं, इलाहाबाद में पढ़े-लिखे, आईपीएस बने। विपक्षी महागठबंधन ऐसा उम्मीदवार देना चाहता है, जो भाजपा प्रत्याशी की कद-काठी का ही हो। राजद का बड़ा जनाधार होने के बावजूद वहां प्रत्याशी के कद का हवाला देकर कांग्रेस अपनी दावेदारी यहां कर रही है। महागठबंधन को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है। 

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