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ढुल्लू की फरारी, मरांडी की सदस्यता तय करेगी रास चुनाव में भाजपा जितेगी या कांग्रेस

एक वर्ष पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।
  • राजनीतिक गलियारे में आशंका है कि कहीं 10वीं अनुसूची का हवाला देते हुए बाबूलाल की सदस्यता न समाप्त कर दी जाए
  • भाजपा प्रत्याशी दीपक प्रकाश और कांग्रेस उम्मीदवार शहजादा अनवर शुक्रवार को विधानसभा सचिव के यहां नामांकन भरेंगे

रांची. राज्यसभा की दो सीटों के लिए हो रहे चुनाव में कांग्रेस द्वारा अपना प्रत्याशी देने की घोषणा के बाद मतदान होना सुनिश्चित हो गया है। इस चुनाव में झामुमो प्रत्याशी शिबू सोरेन की जीत तय है। लेकिन वर्तमान राजनीतिक उठा पटक में दूसरी सीट भाजपा के खाते में जाएगी या कांग्रेस के झोली में यह स्पष्ट नहीं है। भाजपा प्रत्याशी दीपक प्रकाश और कांग्रेस उम्मीदवार शहजादा अनवर शुक्रवार को विधानसभा सचिव के यहां नामांकन भरेंगे। वर्तमान में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी और बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो पार्टी की कमजोर नस बने हुए हैं। इस नस पर सत्ता पक्ष का दबाव तेज है। राजनीतिक गलियारे में यह आशंका है कि कहीं दसवीं अनुसूची का हवाला देते हुए अंतिम समय में बाबूलाल की सदस्यता न समाप्त कर दी जाए। ऐसा हुआ तो एक बार फिर से भाजपा की संख्या 25 हो जाएगी। एक मामले में ढुल्लू महतो फरार चल रहे हैं। यही स्थिति रही तो भाजपा के 24 विधायक ही वोट कर सकेंगे।  

भाजपा के जीतने के समीकरण


1 भाजपा के  25 विधायक हैं। बाबूलाल मरांडी को जोड़ने पर यह संख्या 26 होती है। इन सभी का वोट मिलने और एक विधायक का अतिरिक्त सर्मथन मिल जाने पर भाजपा प्रत्याशी की जीत तय हो जाएगी। 
2 किसी कारण वश बाबूलाल को वोट देने से रोकने संबंधी कोई फैसला आ जाता है तो भाजपा को दो अतिरिक्त वोट का जुगाड़ करना होगा। यदि आजसू का दोनों वोट मिले तो बनेगी राह।
3 यदि विधायक ढुल्लू महतो वोट नहीं दे पाते हैं तो भाजपा को कम से कम एक और निर्दलीय विधायक का वोट जुगाड़ करना होगा।  
4 बाबूलाल मरांडी व ढुल्लू महतो वोट नहीं दे पाने की स्थिति में भाजपा के शेष 24 विधायक एकजुट रहे और दो -से तीन अतिरिक्त  विधायक का  जुगाड़ नहीं हो पाता है तो कांग्रेस की तुलना में द्वितीय वरीयता का अधिक वोट जुगाड़ कराना होगा।

भाजपा के पास जीत के लिए पर्याप्त आंकड़ा
भाजपा ने दावा किया है कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश की जीत सुनिश्चित है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल बर्णवाल ने शुक्रवार को दावा किया कि कम से कम 31 विधायकों का समर्थन पार्टी प्रत्याशी को मिलेगा।

कांग्रेस की जीत के समीकरण 


1 कांग्रेस के 16, झाविमो से आए दो  प्रदीप यादव और बंधु तिर्की और झामुमो के 27 के बाद बचे  दो विधायक का एक साथ वोट मिले तथा सात अतिरिक्त वोट कांग्रेस प्रत्याशी को मिले 
2 भाजपा के सभी विधायक  वोट नहीं कर सके,  टूट-फूट हो जाए,  और अतिरिक्त वोट का जुगाड़ नहीं हो सके। 
3 भाजपा में क्रास वोटिंग हो, बाबूलाल मरांडी व ढुल्लू महतो वोट देने नहीं पहुंच पाएं,  निर्दलीय विधायकों का भाजपा को न मिले सहयोग तो भाजपा की हार और कांग्रेस की स्थिति आसान हो सकती है।  
4 भाजपा की तुलना में कांग्रेस प्रत्याशी को द्वितीय वरीयता का अधिक वोट जुगाड़ हो जाता है तो कांग्रेस का रास्ता आसान हो जाएगा।

यूपीए एकजुट है, शहजादा की जीत होगी
कांग्रेस विधायक दल के नेता व मंत्री आलमगीर आलम ने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में यूपीए के दूसरे प्रत्याशी के रूप में शहजादा अख्तर काे उम्मीदवार बनाया है। यूपीए एकजुट है, शहजादा की जीत हाेगी।

जीत का अंक गणित
इस समय झारखंड में  विधायकों की संख्या 80 है। तय फार्मूला के अनुसार जीत के लिए 27 विधायकों का प्रथम वरीयता का मत चाहिए। राज्यसभा मतों की गणना में एक मतदाता के मत का मूल्य 100 होता है। इस तरह कुल मतदाताओं के मतों का मूल्य 8000 हो जाता है। इसे कुल सीट (2) प्लस वन से भाग देकर प्रथम वरीयता से जीत के लिए जरूरी अंक की गणना की जाती है, जो 2666 होता है। इसमें एक अंक जोड़ने पर अानेवाला 2667 अंक प्रथम वरीयता से जीत का जादुई अांकड़ा होता है। इस तरह 27 विधायकों का सीधा समर्थन मिलनेवाला प्रत्याशी प्रथम वरीयता के मत से विजयी घोषित हो जाएग।। 27 का जादुई आंकड़ा नहीं मिलने पर द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती और मूल्य से जीत तय होगी।

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