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सीएम बोले- तिरुपति की तर्ज पर धार्मिक पर्यटक स्थलों का विकास किया जाएगा

गिरिडीह में झारखंड धाम महोत्सव का रंगारंग आगाज करने के बाद सीएम बोले

Bhaskar News | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:19 AM IST

सीएम बोले- तिरुपति की तर्ज पर धार्मिक पर्यटक स्थलों का विकास किया जाएगा

गिरिडीह/रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के धार्मिक पर्यटन स्थलों को तिरुपति की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। झारखंड राज्य का नाम ही झारखंडधाम पर रखा गया है। इसलिए यह सिर्फ गिरिडीह का ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए पूजा-अराधना का एक प्रमुख स्थल है। इसे विकसित किये जाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सोमवार को वे गिरिडीह में झारखंड धाम महोत्सव का रंगारंग आगाज करने के बाद बोल रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने झारखंडी बाबा की पूजा अर्चना कर पूरे राज्य के विकास के लिए प्रार्थना की।

शिक्षा गरीबी भगाने की जड़ी-बूटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा गरीबी भगाने की जड़ी-बूटी है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे इसे अपने जीवन का मूल मंत्र बनाएं। उन्होंने कहा कि बिचौलिया प्रथा को राज्य से दूर भगाना है, इसमें समाज के प्रबुद्ध तबकों को भी आगे आना चाहिए। हरेक जिले में कौशल विकास केन्द्र स्थापित कर युवाओं को रोजगार के नए अवसर देना सरकार का लक्ष्य है। झारखंड का युवा सशक्त एवं स्वावलंबी होगा तो राज्य विकसित राज्यों की पंक्ति में सबसे आगे रहेगा। 2022 तक हमें झारखंड को शिक्षित एवं स्वावलंबी प्रदेश बनाकर देश ही नहीं दुनिया के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत करना है। इसके लिए हम सभी को मिल कर काम करना होगा।

दूध का चिलिंग सेंटर बनाया जा रहा है

मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिडीह जिले के मिर्जागंज में दुग्ध का चिलिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। नये मिल्करूट विकसित किए जा रहे हैं। अब हर जिले के 10 हजार सरकारी स्कूल के बच्चों को स्थानीय स्तर पर उत्पादित दूध मुहैया कराया जाना है। महिलाओं से अनुरोध है कि वे अपने स्वयं सहायता समूह अथवा सखी मंडल के माध्यम से बच्चों के स्कूल ड्रेस की सिलाई कर स्थानीय विद्यालय में आपूर्ति करें। विकास से झारखण्ड की सभी समस्याओं का हल संभव है। इसमें महिला-पुरुष सभी को समान रूप से हिस्सेदार बनना होगा।

सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है राज्य सरकार

उन्होंने कहा कि संगीत कला भी ईश्वर की आराधना का माध्यम है। सरकार इटखोरी, कालेश्वरी, रजरप्पा, मैथन, झारखण्ड धाम आदि जगहों पर महोत्सवों का आयोजन कर धार्मिक पर्यटन एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। कार्यक्रम में सांसद डाॅ. रवींद्र राय ने झारखण्ड धाम की महत्ता पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। मौके पर गांडेय विधायक जयप्रकाश वर्मा समेत काफी संख्या में ग्रामीण भी थे।

झारखंड धाम की विशेषता हैं दुखिया बाबा

- दुखिया बाबा के नाम से प्रसिद्ध एक ही अर्घा में विद्यमान जोड़ा शिवलिंग झारखंड धाम को विशिष्ट बनाता है।
- दुखिया बाबा का मंदिर छत विहीन है। यह कहा जाता है कि जब भी छत बनाने का प्रयास किया जाता है तो छत बनाने की सारी सामग्री शिवगंगा के आसपास पड़ी मिलती है। इसलिए लोग इन्हें खुले आसमान का बाबा भी कहते हैं।
- मान्यता है कि सच्चे मन से कोई भी बाबा से मनोकामना करता है तो वह जरूर पूरा होता है। बाबा सभी श्रद्धालुओं का दुख हरते हैं।
- झारखंडीधाम गिरिडीह से 55 किमी और राजधनवार से 10 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है।
- झारखण्डीधाम के दक्षिण में इरगा नदी बहती है।

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Web Title: CM bole- tirupti ki trj par dhaarmik parytk sthlon ka vikas kiyaa jaaegaaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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