झारखंड / मरीज की मौत के बाद परिजन से मारपीट मामले में रिम्स पहुंची कमेटी, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई

मामले की जांच के लिए रिम्स पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव चंद्रकिशोर उरांव व टीम। मामले की जांच के लिए रिम्स पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव चंद्रकिशोर उरांव व टीम।
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मामले की जांच के लिए रिम्स पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव चंद्रकिशोर उरांव व टीम।मामले की जांच के लिए रिम्स पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव चंद्रकिशोर उरांव व टीम।

  • 10 फरवरी को खेलने के दौरान युवक को लगी थी चोट, गंभीर हालत में रिम्स में कराया गया था भर्ती
  • इलाज के दौरान 11 फरवरी को हुई थी युवक की मौत, परिजन ने डॉक्टरों पर लगाया था लापरवाही का आरोप

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2020, 01:31 PM IST

रांची. इलाज के दौरान मरीज की मौत के मामले में उच्च स्तरीय जांच कमेटी शुक्रवार को रिम्स पहुंची। यहां ड्यूटी के वक्त तैनात डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर, नर्स और सुरक्षा में तैनात जवानों से पूछताछ की जा रही है। मरीज की मौत के बाद परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाया था। मामले का झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। चीफ जस्टिस डॉक्टर रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की बेंच ने प्रधान स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी को पूरे मामले की जांच कर 28 फरवरी तक जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने का आदेश दिया है।

हाईकोर्ट के निर्देश पर कुलकर्णी ने गोमिया के पिपरवार निवासी रोहित कुमार (17) की मौत के बाद उसके परिजन से मारपीट की गई थी। जांच कमेटी में स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव चंद्रकिशोर उरांव को अध्यक्ष, स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख डॉ. जोगेंद्र सांगा और स्वास्थ्य सेवाएं के तकनीकी सचिव डॉ. राकेश दयाल को सदस्य बनाया गया है। 

जूनियर डॉक्टर पर है आरोप
अखबारों में छपी खबर और अन्य स्रोत के आधार पर अभी तक कमेटी ने जो सबूत इकट्ठा किया है, उसके अनुसार मारपीट में जूनियर डॉक्टर दीपक कुमार और कुछ सुरक्षाकर्मी शामिल थे। रविवार को न्यूरो सर्जरी वाॅर्ड में दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब हेड इनज्यूरी के मरीज रोहित कुमार की मौत हो गई। इसके बाद उसके परिजन डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर शोरगुल करने लगे थे। न्यूरो सर्जरी वाॅर्ड में मौजूद जूनियर डॉक्टर से उनकी बकझक होने लगी थी। बीच-बचाव करने आए सुरक्षा गार्ड-ट्राॅलीमैन से उनकी झड़प हो गई थी। 

परिजनों ने आरोप लगाया कि रोहित की मौत के बाद भी डॉक्टर उसे स्लाइन चढ़ाते रहे, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी। जब उनलोगों ने इस संबंध में पूछताछ की तो डॉक्टरों, सुरक्षा गार्डों व ट्रॉलीमैन ने उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। मारपीट भी की। रोहित की बहन किरण कुमारी ने बताया कि रविवार की रात डेढ़ बजे उन्होंने अपने भाई को भर्ती कराया था। लेकिन, डॉक्टर स्थिति गंभीर होने के बावजूद रोहित का इलाज करने के बजाय नर्स पर छाेड़कर चले गए। एक बार डॉक्टर उसे देखने नहीं आया।

खेलने के दौरान सिर में लगी थी चोट
पिपरवार निवासी रोहित कुमार (17) के सिर में 7 फरवरी को दोपहर में खेलने के दौरान गंभीर चाेट लगी थी। रविवार शाम 6 बजे उसकी स्थिति गंभीर हो गई, तब वहां के डॉक्टरों ने उसे रिम्स रेफर कर दिया। परिजन रात डेढ़ बजे उसे लेकर रिम्स पहुंचे। न्यूरो सर्जन डाॅ. सीबी.सहाय के वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही की इससे उसकी मौत हो गई।

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