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रांची/धनबाद. डीवीसी कमांड एरिया के सात जिलाें में बिजली का गंभीर संकट पैदा हाे गया है। लगातार दूसरे दिन भी कमांड एरिया के ग्रामीण क्षेत्राें में 20 घंटे अाैर शहरी क्षेत्राें में 18 घंटे तक बिजली गुल रही। उधर, बकाया 4955 कराेड़ रुपए में से झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) 400 कराेड़ रुपए देने काे तैयार है। ऊर्जा विभाग के सचिव सह सीएमडी एल ख्यांगते की अध्यक्षता में गुरुवार काे बैठक हुई, जिसमें भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने का अादेश दिया गया। निगम के एमडी राजीव अरुण एक्का के अनुसार शुक्रवार से बकाया राशि में से तत्काल 200 कराेड़ रुपए भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अगली किस्त के लिए डीवीसी से कुछ दिनाें का वक्त मांगा गया है।
उधर, डीवीसी के काॅमर्शियल लोड डिस्पैच डिपार्टमेंट के चीफ इंजीनियर देवाशीष दे ने कहा कि कटाैती बंद करने का काेई अादेश मुख्यालय से नहीं मिला है। इसलिए अगले अादेश तक बिजली कटाैती जारी रहेगी। निगम के एमडी राजीव अरुण एक्का ने डीवीसी के बकाया राशि के अांकड़ाें पर सवाल उठाया है। उन्हाेंने कहा कि डीवीसी 40,200 कराेड़ रुपए बकाया बता रहा है, जाे गलत है। बकाया महज 20,300 कराेड़ ही है। यह मामला विद्युत प्राधिकरण में है। फैसला अाने के बाद ही तय हाेगा कि बकाए की वास्तविक स्थिति क्या है।
सीएम बाेले- डीवीसी की हरकत ठीक नहीं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जिस तरह डीवीसी हरकत कर रहा है, वह ठीक नहीं है। राज्य सरकार इनकी कार्य प्रणाली पर नजर रखे हुए है। लोगों को जैसी बिजली मिल रही थी, वैसा ही उपलब्ध हो। सरकार इस विषय पर गंभीर है। डीवीसी भारत सरकार का उपक्रम है। राज्य सरकार पहले समस्या का समाधान करने को प्राथमिकता मानकर काम कर रही है।
600 मेगावाट बिजली आपूर्ति करता है डीवीसी
डीवीसी कमांड एरिया में सात जिले हैं- हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह। इन जिलाें में डीवीसी 600 मेगावाट तक बिजली अापूर्ति करता है। बिजली कटाैती के कारण इस जिलाें में गंभीर स्थिति पैदा हाे गई है। जलापूर्ति व्यवस्था भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
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